पे-डेटा भेजने के नाम पर 1 लाख की रिश्वत लेते प्रभारी सिविल सर्जन गिरफ्तार, ACB ने रंगे हाथ दबोचा

Updated on 24-07-2026

सक्ती। छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जिला अस्पताल के प्रभारी सिविल सर्जन डॉ. संतोष कुमार पटेल को एक लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है।

आरोपी पर फार्मासिस्ट का पे-डेटा भेजने के एवज में रिश्वत मांगने का आरोप है। एसीबी ने आरोपी के कब्जे से रिश्वत की पूरी रकम बरामद कर उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा-7 के तहत कार्रवाई शुरू कर दी है।

एसीबी के अनुसार, फार्मासिस्ट ग्रेड-2 गंगा प्रसाद रत्नाकर ने बिलासपुर एसीबी यूनिट में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि उनकी मूल पदस्थापना सीएमएचओ कार्यालय, पोरथा (जिला सक्ती) में है, लेकिन फरवरी 2026 से वे जिला अस्पताल सक्ती में अटैचमेंट पर कार्यरत हैं।

आरोप है कि प्रभारी सिविल सर्जन डॉ. संतोष कुमार पटेल मई और जून 2026 का पे-डेटा तैयार कर सीएमएचओ कार्यालय नहीं भेज रहे थे और इसके बदले फरवरी से जून तक के पांच महीनों के लिए 20-20 हजार रुपये प्रति माह, यानी कुल एक लाख रुपये रिश्वत की मांग कर रहे थे।

शिकायत का सत्यापन करने पर आरोप सही पाए गए, जिसके बाद एसीबी बिलासपुर ने ट्रैप की योजना बनाई। आरोपी ने शिकायतकर्ता को रिश्वत की रकम लेकर अपने डभरा स्थित अस्थायी निवास पर बुलाया था। एसीबी टीम के निर्देश पर शिकायतकर्ता ने उन्हें डभरा कॉलेज मोड़ के पास मिलने के लिए कहा।

गुरुवार रात करीब 9 बजे डॉ. संतोष कुमार पटेल डभरा कॉलेज मोड़ पहुंचे और शिकायतकर्ता की स्कॉर्पियो में बैठकर जैसे ही एक लाख रुपये की रिश्वत ली, पहले से घात लगाए एसीबी अधिकारियों ने उन्हें रंगे हाथ पकड़ लिया। कार्रवाई के दौरान रिश्वत की पूरी राशि बरामद कर ली गई।

एसीबी ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा-7 के तहत मामला दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है। इस कार्रवाई से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है



अन्य महत्वपुर्ण खबरें