अजय देवगन की 'दृश्यम 3' अगले महीने गांधी जयंती के मौके पर 2 अक्टूबर को सिनेमाघरों में रिलीज हो रही है। फिल्म में इस बार विजय सलगांवकर की कहानी का 'कन्क्लूजन' दिखाया जाना है। इस बार की कास्ट में सबसे बड़ा बदलाव पुलिस अधिकारी के रोल में अक्षय खन्ना की जगह जयदीप अहलावत की कास्टिंग है। 'दृश्यम: द कन्क्लूजन' के डायरेक्टर अभिषेक पाठक ने एक ताजा इंटरव्यू में अक्षय खन्ना को लेकर नाराजगी जताई है। खुलासा किया है कि कैसे आधिकारिक घोषणाएं हो चुकी थीं, सब कुछ तैयार था, लेकिन शूटिंग शुरू होने से कुछ 7 दिन पहले ही अक्षय खन्ना ने अचानक फिल्म छोड़ दी। अभिषेक कहते हैं कि वह बहुत ही उथल-पुथल वाला हफ्ता था।राइटर-डायरेक्टर अभिषेक पाठक ने 'हिंदुस्तान टाइम्स' से बातचीत में बताया कि कैसे उन्हें और उनकी टीम को तब न सिर्फ अक्षय खन्ना की जगह किसी और एक्टर को ढूंढना था, बल्कि उस हिसाब से स्क्रिप्ट को भी फिर से लिखना था।'धुरंधर' के बाद अक्षय खन्ना ने अचानक छोड़ दी 'दृश्यम 3'
बीते साल दिसंबर 2025 में 'धुरंधर पार्ट 1' की बंपर सक्सेस के बीच खबर आई थी कि अक्षय खन्ना ने 'दृश्यम 3' छोड़ दी है। तब बताया गया कि मेकर्स के साथ उनके क्रिएटिव और पैसों को लेकर मतभेद हुए। जबकि फिल्म की शूटिंग क्रिसमस के एक हफ्ते बाद ही शुरू होने वाली थी। अभिषेक कहते हैं, 'मैं घबराहट तो नहीं कहूंगा, लेकिन हम इस पूरे आइडिया से खुश नहीं थे। मैंने सोचा कि ये क्या तरीका हुआ?'मैंने उन्हें (जयदीप) फोन किया और उन्होंने मुझसे पूछा- कास्टिंग बदल रही है या किरदार? मैंने उनसे कहा कि मैं किरदार बदल रहा हूं। फिर उन्होंने इसे पढ़ा और उन्हें यह मजेदार लगा।
अभिषेक पाठक, राइटर-डायरेक्टर
एक हफ्ते के अंदर जयदीप अहलावत की एंट्री, स्क्रिप्ट भी बदली
अभिषेक बताते हैं कि अक्षय खन्ना के अचानक फिल्म छोड़ने के बाद उन्होंने स्क्रिप्ट के कुछ हिस्सों को फिर से लिखा, ताकि नए किरदार को उसमें फिट किया जा सके। वह बताते हैं, 'जयदीप एक ऐसे किरदार की जगह ले रहे थे, जिसे दर्शकों ने पसंद किया था। मैंने उन्हें फोन किया और उन्होंने मुझसे पूछा- कास्टिंग बदल रही है या किरदार? मैंने उनसे कहा कि मैं किरदार बदल रहा हूं। फिर उन्होंने इसे पढ़ा और उन्हें यह मजेदार लगा। यह सब 5-6 दिनों के अंदर हुआ।'शूटिंग में सात दिन बचे थे। मैंने शूट इसलिए कैंसिल नहीं की, क्योंकि 200 से ज्यादा लोग उन पर और फिल्म पर निर्भर थे। सेट लग चुका था। हम कैंसिल नहीं कर सकते थे।
अभिषेक पाठक, राइटर-डायरेक्टर
अभिषेक पाठक बोले- सेट लग चुका था, 200 से ज्यादा लोग हम पर निर्भर थे
अभिषेक उस हफ्ते को याद करते हुए कहते हैं, 'सबसे मुश्किल काम था आगे बढ़ने का फैसला लेना। मैंने टीम से बस इतना कहा कि कुछ भी कैंसिल मत करो। हम इसे करेंगे। लेकिन अब करना भी था। लिखना भी था। मैंने यह पता लगाने के लिए 2-3 दिन मांगे कि क्या हम ऐसा कर सकते हैं। शूटिंग में सात दिन बचे थे, जब हमें अजय देवगन सर के साथ उनका सीन शूट करना था। मैंने शूट इसलिए कैंसिल नहीं की, क्योंकि 200 से ज्यादा लोग उन पर और फिल्म पर निर्भर थे। सेट लग चुका था। हम कैंसिल नहीं कर सकते थे। DOP से लेकर प्रोडक्शन डिजाइनर तक, सभी ने अपनी तारीखें तय कर ली थीं। लाइट असिस्टेंट और स्पॉट बॉय जैसे लोग रोजाना के हिसाब से कमाते हैं और उनका सारा काम बिगड़ जाता। यह ठीक नहीं होता।'जयदीप अहलावत ने दो बार स्क्रिप्ट पढ़ी और किरदार में ढल गए
जयदीप अहलावत के बारे में बात करते हुए वह कहते हैं, 'उनकी पहली फिल्म 'आक्रोश' को मेरे पिता (प्रोड्यूसर कुमार मंगत पाठक) ने प्रोड्यूस किया था। हम कुछ बार मिले थे। लेकिन आखिरी समय में आकर भी किरदार में ढल जाना कोई छोटी बात नहीं है। ऐसा नहीं था कि उनके पास तैयारी करने और वर्कशॉप करने के लिए छह महीने थे। उनके पास कुछ ही दिन थे। मेरे शूट पर जाने से पहले हमने दो बार रीडिंग की और फिर वे अपने शूट के शुरू होने से 1-2 दिन पहले आए। उन्होंने कुछ सवाल पूछे और स्क्रिप्ट पढ़ी। मुंबई में उनका लुक टेस्ट हुआ। हम दोनों ने एक-दूसरे का सहारा लिया, क्योंकि सब कुछ आखिरी समय में हो रहा था।''दृश्यम: द कन्क्लूजन' की कहानी मोहनलाल की 'दृश्यम 3' से अलग
अजय देवगन की 'दृश्यम' फ्रेंचाइज मलयालम में मोहनलाल की इसी नाम की फ्रेंचाइज का रीमेक रही है। हालांकि, पिछली दो फिल्मों से इतर इस बार कहानी अलग है। मोहनलाल की 'दृश्यम 3' पहले ही रिलीज हो चुकी है। जबकि अजय देवगन इस बार अलग कहानी के साथ 'दृश्यम: द कन्क्लूजन' ला रहे हैं। वह पर्दे पर तीसरी बार विजय सलगांवकर बनकर वापस आ रहा है। उनके साथ तब्बू, श्रिया सरन, रजत कपूर, इशिता दत्ता, मृणाल जाधव और कमलेश सावंत भी अपने-अपने किरदार में वापसी करेंगे। जबकि नई कास्ट में जयदीप अहलावत के अलावा प्रकाश राज और सौरभ शुक्ला भी नजर आएंगे।