भारत से पानी बंटवारे और सीमा पर तनाव के बीच पहले विदेशी दौरे पर चीन जा रहे तारिक रहमान, बांग्लादेशी पीएम की यात्रा पर दिल्ली की नजर
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26-05-2026
ढाका: बांग्लादेश के पीएम तारिक रहमान अगले महीने, जून के आखिर में चीन का दौरा कर सकते हैं। इस साल फरवरी में हुए आम चुनाव में बीएनपी की जीत के बाद तारिक रहमान बांग्लादेश के पीएम बने हैं। प्रधानमंत्री बनने के करीब महीने बाद तारिक की यह पहली विदेश यात्रा होगी। तारिक ने बतौर पीएम अपने पहले विदेशी दौरे के लिए भारत और दूसरे पड़ोसी देशों पर चीन को तरजीह दी है। उनकी यह यात्रा इसलिए अहम है क्योंकि उनके सामने चीन-भारत से रिश्ते में संतुलन साधने की चुनौती है। खासतौर से भारत के साथ सीमा पर तनाव और पानी बंटवारे के मुद्दे पर टकराव ने उनके दौरे की अहमियत बढ़ा दी है।
तारिक रहमान के पीएम बनने के बाद उनको भूटान और भारत की ओर से दौरे का निमंत्रण दिया गया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फरवरी में शपथ के बाद ही तारिक रहमान को भारत आने की दावत दी थी। शुरू में तारिक की पहली विदेश यात्रा के लिए भूटान को चुना गया था लेकिन इसे टाल दिया गया और अब बीजिंग जाने का फैसला लिया गया है। हालांकि अभी उनके दौरे की तारीख का ऐलान नहीं हुआ है।
कई मुद्दों पर हो सकती है चर्चा
बांग्लादेश में चीन के राजदूत याओ वेन ने कहा है कि तारिक की बीजिंग की आगामी यात्रा दोनों देशों के बीच साझेदारी को और मजबूत करेगी। उन्होंने कहा कि चीन राजनीतिक स्थिरता बनाए रखने, आर्थिक विकास और जन कल्याण से जुड़ी गतिविधियों में बांग्लादेश को अपना पूरा समर्थन देना जारी रखेगा।
तारिक रहमान के विदेश मामलों के सलाहकार हुमायूं कबीर ने कहा कि बांग्लादेशी पीएम जल्दी ही चीन की यात्रा करेंगे। इसका कार्यक्रम अभी तय नहीं किया गया है। कबीर ने कहा कि तीस्ता नदी के प्रबंधन और जीर्णोद्धार पर चीन के साथ चर्चा हुई है। चीन का एक्जिम बैंक इस प्रोजेक्ट के लिए फंड दे सकता है।
तारिक की यात्रा पर भारत की नजर
तारिक रहमान की चीन यात्रा पर नई दिल्ली की पैनी नजर रहेगी। टीओआई के मुताबिक, बांग्लादेश और चीन के बीच बढ़ते जुड़ाव की एक वजह ढाका की ओर से तीस्ता नदी के जीर्णोद्धार की लंबे समय से अटकी परियोजना के लिए चीनी फंडिंग हासिल करने के नए सिरे से किए जा रहे प्रयास हैं। चीन ने बांग्लादेश के तीस्ता प्रोजक्ट में दिलचस्पी दिखाई है।
तारिक का चीन दौरा ऐसे समय में हो रहा है, जब पानी के बंटवारे का मुद्दा भारत और बांग्लादेश के बीच कूटनीतिक तनाव का नया केंद्र बना हुआ है। ढाका ने कहा है कि भारत के साथ उसके संबंध काफी हद तक गंगा नदी के पानी के बंटवारे से जुड़े समझौते को नए सिरे से लागू करने या उसे अंतिम रूप देने पर निर्भर करेंगे।
भारत-बांग्लादेश संबंध
बांग्लादेश और भारत के संबंध बीते महीनों में उतार-चढ़ाव वाले रहे हैं। अगस्त, 2024 शेख हसीना की सत्ता जाने और मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार में भारत और बांग्लादेश में तनाव काफी ज्यादा बढ़ गया था। मोहम्मद यूनुस ने खुलेतौर पर पाकिस्तान और चीन से संबंध बेहतर करने को तरजीह दी थी।
तारिक रहमान ने भारत समेत सभी पड़ोसियों से बेहतर संबंध रखने की बात रही है। दोनों ओर से इसके लिए प्रयास हुए हैं लेकिन तीस्ता परियोजना और सीमा पर फेसिंग जैसे कुछ मुद्दों को लेकर भारत और बांग्लादेश में तनातनी भी देखी गई है। चीन और पाकिस्तान के ढाका में प्रभाव ने भी भारत की चिंता बढ़ाई है।