म्यांमार में नागा समूह NSCN-EF के हेडक्वॉर्टर पर बड़ा हमला, 20 ड्रोन से दागे गए 60 बम, भारत पर लगाया आरोप
Updated on
12-10-2026
नेपीडॉ: म्यांमार के अंदर नागा हथियारबंद समूह NSCN-IM से अलग हुए समूह के हेडक्वॉर्टर पर ड्रोन से हमला किया गया है। रविवार सुबह तड़के हुए इस हमले में कैंप को भारी नुकसान पहुंचा है और इसमें कुछ लोग घायल हुए हैं। नॉर्थ ईस्ट न्यूज ने बताया कि यह हमला U हंशी के नेतृत्व वाले NSCN-EF गुट के हेडक्वॉर्टर पर किया गया था। यह नागा हथियारबंद समूह है, जो नेशनल सोशिलिस्ट काउंसिल ऑफ नागालैंड के आईजैक मुइवा गुट (NSCN-IM) से अलग हो गया था।कैंप पर बरसाए गए 60 बम
NSCN-EF ने आरोप लगाया रविवार सुबह 2 बजे से 4 बजे की बीच माउंट होरेब कैंप पर कम से कम 20 बार ड्रोन हमले किए गए। रिपोर्टों में दावा किया गया कि हमले के दौरान लगभग 60 बम विस्फोट हुए। इनमें से कुछ हवा में और पेड़ों पर फटे, जबकि बाकी सीधे कैंप से टकराए। यह कैंप NSCN-EF का गढ़ कहा जाता है।हमले में तीन लोग घायल
ड्रोन हमले में कुछ हिस्से क्षतिग्रस्त हो गए, लेकिन किसी की जान नहीं गई, जिसे समूह ने दैवीय हस्तक्षेप का नतीजा बताया है। जानकारी के अनुसार, कम से कम तीन लोग घायल हुए हैं। बताया जाता है कि हमले के समय समूह के बड़े नेता हेडक्वॉर्टर में नहीं थे। समूह की अंडरग्राउंड सरकार ने इस हमले की निंदा की और इसके लिए भारत पर आरोप लगाया। समूह ने कहा कि इस हमले का संबंध भारत के प्रॉक्सी युद्ध से हो सकता है।
NSCN-EF के गढ़ पर यह हमला गुवाहाटी में भारत और म्यांमार के बीच हुई तीसरी रक्षा सहयोग बैठक के 4 दिन बाद हुआ है। 7 अक्टूबर को हुए इस बैठक की सह अध्यक्षता भारत के रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह और म्यांमार के सशस्त्र बल प्रशिक्षण प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल प्याए सोन लिन ने की। बैठक में मौजूदा रक्षा सहयोग पहलों की समीक्षा की गई और आगे के सहयोग और आपसी सुरक्षा पर चर्चा की गई।
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