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होर्मुज के पास चीन के तेल टैंकर पर हमला, लगी आग, अमेरिका-ईरान युद्ध शुरू होने के बाद पहली बार हुआ ऐसा

Updated on 08-05-2026
तेहरान/बीजिंग: होर्मुज जलडमरूमध्य के पास एक चीन के स्वामित्व वाले तेल टैंकर पर हमला हुआ है। ईरान और अमेरिका के बीच तनाव बढ़ने के बाद किसी चीनी टैंकर पर यह पहला ज्ञात हमला है। यह हमला इसलिए भी खास है, क्योंकि चीन को ईरान का दोस्त माना जाता है। अमेरिका के खिलाफ युद्ध के दौरान भी बीजिंग, तेहरान के साथ खड़ा रहा है। चीनी मीडिया रिपोर्ट में बताया गया कि यह हमला इस हफ्ते की शुरुआत में हुआ। इस घटना की जानकारी सोमवार को सामने आई, जिस दिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते में फंसे जहाजों की मदद के लिए प्रोजेक्ट फ्रीडम की घोषणा की थी।

चीनी जहाज पर पहली बार हमला

ट्रंप ने इस योजना को अगले दिन ही रोक दिया जब ईरान ने जहाजों और पड़ोसी देशों को निशाना बनाते हुए ड्रोन और मिसाइल हमलों के जरिए जवाबी कार्रवाई की। चीनी मीडिया आउटलेट कैक्सिन ने जहाज पर हमले की जानकारी देते हुए बताया कि यह अपनी तरह का पहला हमला था, जिसमें चीनी तेल टैंकर निशाना बना।
रिपोर्ट में कहा गया कि जहाज से मिली तस्वीरों में जलता हुआ डेक था। अभी यह तुरंत साफ नहीं हो पाया है कि हमले में चालक दल का कोई सदस्य हुआ है या नहीं। समुद्री सुरक्षा से जुड़े सूत्रों ने क्षतिग्रस्त जहाज की पहचान मार्शल आइलैंड्स के झंडे वाले तेल और केमिकल टैंकर के रूप में की है। जहाज ने UAE के तट के पास से गुजरते समय अपने डेक पर आग लगने के बारे में आपातकालीन संदेश भेजे थे।

होर्मुज के अहम जलमार्ग पर ईरानी हमले

होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे अहम ऊर्जा जलमार्गों में से एक है, जिसकी दुनिया की लगभग 20 प्रतिशत तेल और गैस की सप्लाई गुजरती है। 28 फरवरी को अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच संघर्ष शुरू होने के बाद से ही यह अहम जलमार्ग बाधित है। ईरान के लगातार हमलों के चलते सैकड़ों जहाज और लगभग 20,000 नाविक खाड़ी में फंसे हुए हैं।

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