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भानू प्रताप सिंह ने आरोप लगाया कि महंगाई नियंत्रित करने के नाम पर जनता से सहयोग मांगने वाली भाजपा सरकार की कथनी-करनी में बड़ा अंतर है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विदेशी धरती से दिए गए उस बयान पर भी सवाल उठाया, जिसमें कहा गया था कि आने वाला समय देश के लिए और कठिन हो सकता है।
भानू प्रताप सिंह ने कहा कि पांच राज्यों के चुनाव तक देश में सब कुछ सामान्य बताया जा रहा था, लेकिन चुनाव परिणाम के बाद हालात नियंत्रण से बाहर हो गए। उन्होंने प्रधानमंत्री की उस अपील पर भी सवाल उठाया, जिसमें जनता से विदेश यात्राएं कम करने और पेट्रोल-डीजल की खपत घटाने की बात कही गई थी।
प्रधानमंत्री के विदेश दौरों पर तंज
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि एक तरफ प्रधानमंत्री आम लोगों को विदेश यात्रा से बचने की सलाह देते हैं, दूसरी तरफ स्वयं पांच देशों के दौरे पर निकल जाते हैं। सिंह ने आरोप लगाया कि पेट्रोल-डीजल बचाने के नाम पर प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और अन्य मंत्रियों के काफिलों में कटौती की सिर्फ तस्वीरें खिंचवाई जाती हैं, जबकि जमीनी हकीकत अलग है।
शास्त्री और इंदिरा गांधी के त्याग का उदाहरण
इस दौरान उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादूर शास्त्री और पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का उदाहरण देते हुए कहा कि देश में जब अनाज संकट था, तब लाल बहादुर शास्त्री ने स्वयं एक समय उपवास रखकर जनता के सामने उदाहरण प्रस्तुत किया था। वहीं 1971 के भारत-पाक युद्ध के दौरान इंदिरा गांधी ने अपने जेवर दान कर देशहित में त्याग का संदेश दिया था।
ऊर्जा संकट के लिए विदेश नीति को ठहराया जिम्मेदार
ऊर्जा संकट के मुद्दे पर केंद्र सरकार की विदेश नीति को जिम्मेदार ठहराते हुए भानू प्रताप सिंह ने कहा कि जिन देशों से भारत को पहले आसान शर्तों पर ऊर्जा आपूर्ति मिलती थी, मौजूदा सरकार उनके साथ संबंध बनाए रखने में विफल रही है। वहीं जिन देशों के साथ सरकार निकटता बढ़ा रही है, वे संकट के समय भारत के काम नहीं आ रहे हैं।
उन्होंने कहा कि किसानों को डीजल और उर्वरक की कमी का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही चेतावनी दी कि यदि सरकार ने समय रहते स्थिति नहीं संभाली, तो देश में महंगाई के साथ अनाज संकट भी खड़ा हो सकता है।
आदिवासी जमीन के मुद्दे पर उठाए सवाल
पत्रकारवार्ता के दौरान जशपुर जिले में आदिवासियों की जमीन की खरीदी-बिक्री में सामने आ रही कथित गड़बड़ियों को लेकर भी कांग्रेस ने सरकार और प्रशासन को घेरा। भानू प्रताप सिंह ने कहा कि जशपुर जिला अधिसूचित क्षेत्र है और यहां आदिवासी जमीन से जुड़ी शिकायतें सामने आना बेहद गंभीर विषय है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार और प्रशासन आदिवासियों के अधिकारों और वैधानिक हितों की रक्षा करने में विफल रहे हैं। साथ ही मांग की कि मामले में राज्यपाल हस्तक्षेप कर उचित कार्रवाई सुनिश्चित करें।
कांग्रेस ने आंदोलन जारी रखने का किया ऐलान
जिला कांग्रेस अध्यक्ष यूडी मिंज ने कहा कि संकट की इस घड़ी में कांग्रेस आम जनता के साथ मजबूती से खड़ी है। उन्होंने कहा कि जनता के हित और अधिकारों की रक्षा के लिए कांग्रेस हर स्तर पर संघर्ष करेगी।
उन्होंने बताया कि पेट्रोल-डीजल संकट को लेकर कांग्रेस लगातार पेट्रोल पंपों में प्रदर्शन कर रही है। आने वाले समय में भी आंदोलन जारी रहेगा।