पाकिस्तान में चीन और तुर्की ने लगातार 60 घंटे तक उतारे हथियार? ट्रांसपोर्ट प्लेन लगा रहे थे चक्कर, भारत अलर्ट
Updated on
20-08-2026
इस्लामाबाद: पाकिस्तान के अंदर चीन और तुर्की के विमानों ने लगातार 60 घंटों तक कोई ऑपरेशन चलाया है। दोनों देशों के विमान लगातार कुछ एयरलिफ्ट करते पाए गये हैं। हालांकि उनका क्या मकसद था, उन्होंने पाकिस्तान में क्या उतारा है इसके बारे में फिलहाल कोई जानकारी नहीं मिल पाई है लेकिन भारत की एजेंसियां पूरी तरह से अलर्ट हैं। न्यूज 18 ने सूत्रों के हवाले से संभावना जताई है कि शायद दोनों देशों ने पाकिस्तान में सैन्य उपकरण उतारे हैं।सुरक्षा सूत्रों का दावा है कि भारी मिलिट्री ट्रांसपोर्ट विमानों ने लगभग 60 घंटों के दौरान पाकिस्तानी एयरबेस के कई चक्कर लगाए हैं। न्यूज 18 ने एक सीनियर इंटेलिजेंस अधिकारी के हवाले से बताया है कि चीन के मिलिट्री विमानों को रावलपिंडी के पास पाकिस्तान के नूर खान एयरबेस और कराची के मसरूर एयरबेस पर उतरते देखा गया है। इस दौरान तुर्की के मिलिट्री ट्रांसपोर्ट विमान भी शामिल थे।60 घंटे में पाकिस्तान में क्या उतार गए चीन और तुर्की के सैन्य विमान?
रिपोर्ट में सुरक्षा सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि विमानों की आवाजाही का संबंध सैन्य उपकरणों जिनमें ड्रोन और रक्षा से जुड़ी अन्य सामग्री शामिल हैं उनके के ट्रांसपोर्टेशन से था। यह गतिविधि पाकिस्तान, चीन और तुर्की के बीच रक्षा के क्षेत्र में लगातार मजबूत होते रिश्तों के बीच हो रही है। इसका मतलब है कि तुर्की और चीन ने पाकिस्तान में भारी संख्या में हथियार भेजे हैं और भारत को लगातार अलर्ट रहने की जरूरत है।पाकिस्तान लंबे समय से सैन्य साजो-सामान जैसे लड़ाकू विमान, एयर-डिफेंस सिस्टम और बिना पायलट वाले प्लेटफॉर्म के लिए चीन पर काफी हद तक निर्भर रहा है। पिछले साल भारत और पाकिस्तान के बीच हुई सैन्य झड़प के बाद से यह रिश्ता और भी गहरा हुआ है। चीन ने माना है कि उस टकराव के दौरान उसके एविएशन इंडस्ट्री के कर्मचारियों ने पाकिस्तान को तकनीकी मदद दी थी।
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