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सूरजपुर । जिला सूरजपुर के विकासखंड सूरजपुर के ग्राम पर्री में आज सुशासन तिहार 2026 के तहत आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर ग्रामीण आजीविका एवं महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने का सशक्त माध्यम बना। शिविर के दौरान ग्राम पंचायत पर्री की निवासी मिथलेश्वरी सिंह, सदस्य माँ अम्बे महिला स्वयं सहायता समूह को जनप्रतिनिधियों एवं विभागीय अधिकारियों के हाथों मत्स्याखेट हेतु जाल का वितरण किया गया। यह पहल समूह की महिलाओं को आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।
उल्लेखनीय है कि मिथलेश्वरी सिंह एवं उनके स्व-सहायता समूह द्वारा ग्राम के शासकीय तालाब को 10 वर्षीय लीज पर लेकर मछली पालन का कार्य संचालित किया जा रहा है। शासन की विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित होकर समूह की महिलाएँ स्वरोजगार से जुड़कर न केवल स्वयं को आर्थिक रूप से सशक्त बना रही हैं, बल्कि क्षेत्र की अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणास्रोत बन रही हैं। महिलाओं के इस सामूहिक प्रयास से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा मिल रही है तथा परिवारों की आर्थिक स्थिति में सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिल रहा है।
कार्यक्रम के दौरान मत्स्य पालन विभाग द्वारा शासन की विभिन्न योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान करते हुए बताया गया कि मत्स्याखेट जाल एवं अन्य आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता से मत्स्य उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि होगी, जिससे ग्रामीण महिलाओं की आय में निरंतर बढ़ोतरी सुनिश्चित होगी। विभाग द्वारा मत्स्य पालकों को तकनीकी मार्गदर्शन एवं प्रशिक्षण भी समय-समय पर उपलब्ध कराया जा रहा है।
जाल प्राप्त करने पर मिथलेश्वरी सिंह ने शासन एवं प्रशासन के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्राप्त जाल से मत्स्याखेट कार्य में पर्याप्त सुविधा होगी तथा समूह की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण सहायता मिलेगी। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने के नए अवसर प्राप्त हो रहे हैं तथा सुशासन तिहार जैसे आयोजनों से योजनाओं का लाभ सीधे पात्र हितग्राहियों तक पहुँच रहा है।
कार्यक्रम में जनप्रतिनिधिगण, विभागीय अधिकारी-कर्मचारी, महिला स्व-सहायता समूह की सदस्याएँ तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।