नई दिल्ली: अगर कुछ नया करने का जुनून हो, तो सीमित संसाधन भी रास्ता नहीं रोक सकते। उत्तराखंड के रवि टम्टा इसका उदाहरण बन रहे हैं। उनके पास इंजीनियरिंग की डिग्री नहीं है, लेकिन वह इलेक्ट्रिक फ्लाइंग कार का प्रोटोटाइप तैयार कर रहे हैं। आरपीजी एंटरप्राइजेज के चेयरमैन हर्ष गोयनका ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर उनकी कोशिशों की तारीफ की है।हर्ष गोयनका ने अपनी पोस्ट में लिखा कि रवि टम्टा अपनी जिज्ञासा और मजबूत इरादों के दम पर इलेक्ट्रिक फ्लाइंग कार बनाने में जुटे हैं। उन्होंने कहा कि भारत का अगला बड़ा आविष्कार किसी छोटे शहर से और बड़े सपने देखने वाले व्यक्ति की सोच से सामने आ सकता है। ऐसे इनोवेशन को बस आगे बढ़ने का मौका मिलना चाहिए।यूजर्स ने की तारीफ
हर्ष गोयनका की इस पोस्ट पर एक्स यूजर्स ने कई तरह की प्रतिक्रियाएं दी हैं। कई यूजर्स ने इस युवक की तारीफ भी की है। अभिनव राज नामक यूजर ने लिखा कि अगर इन छात्रों को बेहतर सुविधाएं, सपोर्ट और जरूरी चीजें उपलब्ध कराई जाएं, तो वे कम लागत में भी रिसर्च, डेवलपमेंट और नई तकनीक के क्षेत्र में भारत की प्रगति में योगदान दे सकते हैं।
वहीं एक इस युवक की एलन मस्क से तुलना कर दी। एस मुरलीधरन नामक यूजर ने कमेंट किया कि उम्मीद करता हूं कि यह एलन मस्क से बेहतर करेगा। वहीं एक यूजर ने युवक की फ्लाइंग कार पर सवाल भी उठाए। पंडित गंगाधर नामक अकाउंट ने कमेंट किया गया कि ऐसी डिवाइस अलीबाबा पर मौजूद हैं। वहीं सूरज प्रसाद नामक यूजर ने इसे चीनी प्रोडक्ट बताया।
कौन हैं रवि टम्टा?
रवि तम्टा उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले में जागेश्वर धाम के पास काफलीखान गांव के रहने वाले हैं। उन्होंने 13 साल तक इंटरनेट से तकनीक सीखी और कई प्रयोग किए। उनकी फ्लाइंग कार का नाम HAPIDA SKYNeX है। इसने अगस्त 2026 में पहली बार परीक्षण के दौरान उड़ान भरी। यह करीब एक मिनट तक हवा में रही।
पहाड़ी इलाकों में घुमावदार सड़कों के कारण कम दूरी तय करने में भी काफी समय लगता है। इसी समस्या को देखते हुए उन्होंने ऐसा वाहन बनाने का विचार किया, जो सड़क के बजाय हवा में उड़कर लोगों को उनकी मंजिल तक पहुंचा सके।कैसे काम करती है कार?
यह एक सीट वाला बैटरी से चलने वाला इलेक्ट्रिक वाहन है। इसमें कई मोटर और प्रोपेलर लगे हैं, जो इसे हवा में उठने और संतुलन बनाए रखने में मदद करते हैं।
इसे इस तरह डिजाइन किया गया है कि यह हवाई जहाज की तरह लंबे रनवे के बिना उड़ान भर सके। रवि की कंपनी Hapida Sky Private Limited इस प्रोजेक्ट पर काम कर रही है। भविष्य में ऐसी तकनीक का इस्तेमाल दूरदराज के इलाकों में परिवहन और आपातकालीन सेवाओं के लिए किया जा सकता है।