'मैं सिर्फ मोदी के बारे में बात नहीं करता', शेखर सुमन बोले- ये कोई एजेंडा नहीं, मैं बस उन्हें छेड़ता हूं
Updated on
16-07-2026
दिग्गज एक्टर शेखर सुमन जब से यूट्यूब पर अपना लेट-नाइट टॉक शो 'शेखर टुनाइट' लेकर आए हैं, वह लगातार सुर्खियों में हैं। मई 2026 में शुरू हुए इस शो के अब तक 11 एपिसोड आए हैं और हर बार, राजनीतिक पार्टियों, नेताओं और सरकार की खिंचाई का उनका अंदाज सोशल मीडिया पर चर्चा में आता है। यूजर्स इसे शेखर सुमन की 'दिलेरी' भी कहते हैं, जबकि हाल ही उनके प्रोड्यूसर दोस्त धर्मेश संगानी के घर ED की छापेमारी भी हुई है। 63 साल के शेखर सुमन ने एक हालिया इंटरव्यू में अपनी 'बेबाकी से खिंचाई' करने के तरीके पर सफाई दी है। वह कहते हैं कि यह गलतफहमी है कि वह सिर्फ मोदी सरकार की आलोचना करते हैं। बल्कि उनके चुटकुलों में राहुल गांधी, ममता बनर्जी और अरविंद केजरीवाल तक का नाम रहता है।शेखर सुमन ने 'द वायर' के लिए करण थापर संग बातचीत में दो टूक कहा है कि वह किसी को 'रोस्ट' नहीं करते। उनका कहना है कि वह अपने अंदाज को रोस्टिंग से ज्यादा 'हल्के-फुल्के अंदाज में छेड़ना' कहना पसंद करेंगे। शेखर सुमन का यह शो 'शेखर टुनाइट' 1990 के दशक के में उनके शो 'मूवर्स एंड शेकर्स' की तरह ही पॉलिटिकल सटायर फॉर्मेट और सेलिब्रिटी इंटरव्यू पर आधारित है।'मैं बस हल्के-फुल्के अंदाज में उन्हें छेड़ता हूं'
जब इंटरव्यू में शेखर सुमन से पूछा जाता है कि वह राजनेताओं के बारे में मजाक करने के अपने तरीके को कैसे बताएंगे? तो वह जवाब देते हैं, 'मैं बस हल्के-फुल्के अंदाज में उन्हें छेड़ता हूं या उनकी आलोचना करता हूं। मैं यह भी नहीं कहूंगा कि मैं कठोर हूं या बुराई कर रहा हूं। यह व्यंग्य का बहुत ही हल्का रूप है।'शेखर सुमन बोले- मेरी बातें संसदीय दायरे में, गाली-गलौज से दूर
शेखर सुमन आगे कहते हैं, 'आप जानते हैं कि सोशल मीडिया पर और न्यूज चैनल की बहसों में क्या होता है - वह कितना कठोर और बुरा होता है, उसमें अपशब्द और गाली-गलौज होती है। मैं इन सब चीजों से पूरी तरह दूर रहता हूं। मेरा जोर इस बात पर होता है कि जब मैं उनके बारे में बात करूं, तो वह संसदीय दायरे में हो, स्वीकार्य हो और भाषा बहुत अच्छी हो। इसमें एक साहित्यिक बारीकी होनी चाहिए। बात को हल्के और अच्छे ढंग से कहा जाना चाहिए ताकि अगर मैं किसी और के बारे में भी बात करूं, तो उसे बुरा न लगे।''मेरा मकसद रोस्ट करना नहीं है, मेरा कोई एजेंडा नहीं है'
अपने शो में मोदी सरकार से लेकर आमिर खान की तीसरी शादी तक पर तंज कसने वाले शेखर कहते हैं, 'मेरा मकसद उन्हें 'रोस्ट' करना नहीं है। रोस्टिंग थोड़ी बुरी हो सकती है और मुझे हमेशा लगता है कि रोस्टिंग बहुत ज्यादा व्यक्तिगत हो जाता है। यह कोई व्यक्तिगत एजेंडा नहीं है। जैसा कि मैंने कहा, मैं एक तरह से संतुलन बनाकर चलता हूं।'शेखर सुमन बोले- मैं राहुल, ममता, केजरीवाल के बारे में भी बात करता हूं
'शेखर टुनाइट' शो और इसके होस्ट शेखर सुमन पर यह आरोप भी लगते रहे हैं कि वह मोदी सरकार को जानबूझकर निशाने पर लेते हैं, इस पर एक्टर ने सफाई देते हुए कहा, 'यह गलतफहमी है कि मैं सिर्फ मोदी के बारे में बात कर रहा हूं। मैं राहुल, ममता, केजरीवाल और लगभग हर किसी के बारे में बात करता हूं। जैसा कि शो कहता है - 'अगर आप न्यूज में हैं, तो आप शेखर के व्यूज में हैं।' तो मुझे यह बात बहुत पसंद है।'शेखर सुमन ने पहले कही थी ये बात
शेखर सुमन ने इससे पहले भी कहा था कि वे भड़काने वाले कंटेंट के बजाय, सोचने पर मजबूर करने वाले कंटेंट पर जोर देते हैं। वे राजनीतिक और सामाजिक मजाक को अपनी टीम के साथ मिलकर लिखते हैं, जिसका फोकस सामाजिक बुराइयों, जवाबदेही और आत्म-चिंतन पर होता है।
धर्मेश संगानी कौन हैं? शेखर सुमन से क्या रिश्ता है?
दिग्गज एक्टर की यह सफाई ऐसे समय में आई है, जब बीते 10 जुलाई को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कलानी इम्पेक्स प्राइवेट लिमिटेड और उसके निदेशक धर्मेश संगानी के ठिकानों पर छापेमारी की। संगानी पर विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) के आरोपों के तहत कार्रवाई की गई है। अधिकारी उनके विदेश में संपत्तियों, विदेशी बैंक खातों और निर्यात से होने वाली आय में कथित अनियमितताओं की जांच कर रहे हैं। धर्मेश संगानी फिल्म निर्माण से भी जुड़े हुए हैं। वह शेखर सुमन के पार्टनर और दोस्त हैं। दोनों ने मिलकर 'शेखर सुमन फिल्म एकेडमी' की शुरुआत की है।
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