नई दिल्ली: कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी इन दिनों अपनी किताब 'बिलॉन्गिंग: ए जर्नी ऑफ लव' को लेकर सुर्खियों में हैं। अपनी आत्मकथा के प्रकाशित होने से पहले उन्होंने राजीव गांधी के प्रधानमंत्री बनने दौरान का किस्सा शेयर किया है। उन्होंने बताया कि जब राजीव गांधी प्रधानमंत्री बनने जा रहे थे, तब वह इस फैसले के पक्ष में नहीं थीं।सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर कांग्रेस नेता सोनिया गांधी ने मंगलवार को एक छोटा सा वीडियो शेयर किया। वीडियो में सोनिया गांधी अपनी कहानी शेयर करने के कारणों को बता रही हैं। इस दौरान उन्होंने बताया कि जब उनके पति राजीव गांधी को प्रधानमंत्री बनने के लिए कहा गया था, तो वह इसके पूरी तरह से खिलाफ थीं। हालांकि, इस छोटी-सी झलक में उन्होंने यह विस्तार से नहीं बताया कि उस समय उनकी सबसे बड़ी चिंता क्या थी। इस सवाल का जवाब उनकी आत्मकथा में किस तरह मिलता है, यह किताब सामने आने के बाद ही स्पष्ट होगा।इंदिरा के बाद राजीव ने संभाला था पद
दरअसल, 31 अक्टूबर 1984 को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद राजीव गांधी ने प्रधानमंत्री पद संभाला था। उस समय देश एक बड़े राजनीतिक संकट से गुजर रहा था। राजीव गांधी इससे पहले सक्रिय राजनीति में आए जरूर थे, लेकिन प्रधानमंत्री की जिम्मेदारी उनके जीवन का एक बड़ा मोड़ थी। इसके बाद तमिलनाडु के श्रीपेरंबदूर में एक चुनावी रैली के दौरान 21 मई 1991 को राजीव गांधी की हत्या कर दी गई थी।
'दशकों तक दूसरे लोग मेरी कहानी बताते रहे'
वीडियो में सोनिया गांधी ने बताया कि उन्होंने अपनी जिंदगी की कहानी खुद लिखने का फैसला क्यों किया। सोनिया के मुताबिक, उनके बारे में दशकों से बहुत कुछ लिखा जाता रहा है, लेकिन कई बातें या तो सही नहीं थीं या फिर बढ़ा-चढ़ाकर पेश की गई थीं। अब वह अपने अनुभवों को अपने शब्दों में सामने रखना चाहती हैं।
सोनिया गांधी ने अपनी आत्मकथा को लेकर यह भी साफ किया कि किताब के आने के बाद बहस और चर्चा हो सकती है। एक्स पर साझा पोस्ट में उन्होंने लिखा, 'जब यह किताब प्रकाशित होगी तो कुछ न कुछ तमाशा होना तय है। आखिरकार दशकों तक दूसरे लोग मेरी कहानी बताते रहे हैं, अब बारी मेरी है।'
कब प्रकाशित होगी सोनिया गांधी की आत्मकथा?
- सोनिया गांधी की आत्मकथा 'बिलॉन्गिंग: अ जर्नी ऑफ लव' में इटली में उनके बचपन से लेकर भारत आने, राजीव गांधी से शादी और गांधी परिवार के साथ उनके जीवन के सफर को जगह दी गई है। किताब का शीर्षक भी प्रेम, परिवार, रिश्तों और अपनेपन से जुड़ी उनकी यात्रा की ओर इशारा करता है।
- सोनिया गांधी ने 22 अक्टूबर को इंस्टाग्राम पर अपना अकाउंट शुरू करते हुए किताब की पहली झलक शेयर की थी। अब 10 नवंबर को इसके प्रकाशित होने के साथ पाठकों को उनके जीवन और राजनीतिक सफर के उन पहलुओं को जानने का मौका मिलेगा, जिन्हें वह खुद सामने रखना चाहती हैं।