रायपुर में सरदार सिंह बोले- CHL से निकलेंगे स्टार:इन्फ्रास्ट्रक्चर-ट्रेनिंग पर काम करना होगा, बेस्ट टैलेंट को नेशनल कैंप में लाने की कोशिश रहेगी

Updated on 24-10-2026

छत्तीसगढ़ हॉकी लीग के ब्रांड एंबेसडर और भारतीय हॉकी टीम के पूर्व कप्तान सरदार सिंह का मानना है कि यह लीग प्रदेश के युवा खिलाड़ियों के लिए बड़ा मौका है। लंबे समय बाद छत्तीसगढ़ में इस स्तर का टूर्नामेंट हो रहा है। इसमें हर टीम के साथ ओलंपियन और अनुभवी खिलाड़ी जुड़े हैं, जिनसे युवा खिलाड़ी मैदान के अंदर और बाहर बहुत कुछ सीख सकते हैं।

सरदार सिंह खुद भी लीग के मुकाबले देख रहे हैं, ताकि अच्छा प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों की पहचान कर उन्हें नेशनल कैंप तक पहुंचाने का रास्ता बनाया जा सके। दैनिक भास्कर डिजिटल से बातचीत में उन्होंने हॉकी के भविष्य, खिलाड़ियों की ट्रेनिंग, अपनी फिटनेस और दर्शकों की भागीदारी पर बात की। 

सवाल: छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों के लिए हॉकी लीग कितना फायदेमंद हैं?

सरदार सिंह: मैं छत्तीसगढ़ गवर्नमेंट और छत्तीसगढ़ हॉकी को धन्यवाद देना चाहता हूं कि उन्होंने बच्चों को इतना अच्छा प्लेटफॉर्म दिया है। काफी समय बाद छत्तीसगढ़ में इस स्तर का टूर्नामेंट हो रहा है। मुझे उम्मीद है कि इस लीग में हमें अच्छा टैलेंट देखने को मिलेगा। यहां से निकलने वाले युवा खिलाड़ी आने वाले समय में भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व कर सकते हैं।

सवाल: हर टीम में ओलंपियन खिलाड़ियों को रखा गया है। इस कॉन्सेप्ट को कैसे देखते हैं?

सरदार सिंह: हॉकी इंडिया लीग के बाद किसी स्टेट में इस तरह का प्रोफेशनल टूर्नामेंट मैं पहली बार देख रहा हूं। पूरी टीम को इसके लिए बधाई देना चाहता हूं। छत्तीसगढ़ के जूनियर खिलाड़ियों के लिए यह बहुत अच्छा मौका है। वे सीनियर खिलाड़ियों से सीख सकते हैं कि मैदान पर कैसे खेलना है, मैच के बाद रिकवरी कैसे करनी है और अगले मैच के लिए खुद को कैसे तैयार करना है।

सुरेंद्र कुमार और ललित उपाध्याय जैसे खिलाड़ी उनके बीच मौजूद हैं। इनके पास ओलिंपिक का अनुभव है। युवा खिलाड़ियों को इनके साथ खेलने और इनसे सीखने का मौका मिल रहा है।

सवाल: यहां से अच्छे खिलाड़ियों को चुनकर नेशनल कैंप तक पहुंचाने की योजना है क्या?

सरदार सिंह: बिल्कुल। हमारा प्रयास रहता है कि किसी भी टूर्नामेंट में अच्छा टैलेंट दिखे तो उसे पहचाना जाए। इससे खिलाड़ियों को नेशनल टीम, नेशनल कैंप और दूसरे प्रोग्राम में मौका देने की दिशा में काम किया जा सकता है। इसी वजह से मैं यहां मैच देख रहा हूं। कोशिश है कि पूरे 60 मिनट का खेल देखा जाए और जो बच्चे अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं, उन्हें आगे मौका मिल सके।

सवाल: मैचों का लाइव प्रसारण भी हो रहा है। क्या इससे खिलाड़ियों को फायदा मिलेगा?

सरदार सिंह: यह अच्छी बात है। जब मैच लाइव दिखाए जाते हैं, तो खिलाड़ियों का प्रदर्शन ज्यादा लोगों तक पहुंचता है। ऐसे में जो भी खिलाड़ी अच्छा खेलेगा, उसके पास अपनी प्रतिभा दिखाने का बेहतर मौका होगा। इससे उन्हें आगे बढ़ने में मदद मिल सकती है।

सवाल: रायपुर के मैदान और टर्फ को देखकर कैसा लगा?

सरदार सिंह: मैं पहले भी यहां खेल चुका हूं। यहां हमने अपना पहला गोल्ड जीता था। हॉलैंड के खिलाफ वो मैच था। वापस आकर खुशी हुई, मैदान अच्छा है। और पूरी उम्मीद है कि हम अच्छे खिलाड़ी भी निकालेंगे इस लीग से।

सवाल: हॉकी को दोबारा लोगों के बीच लोकप्रिय बनाने के लिए क्या करना होगा?

सरदार सिंह: सबसे जरूरी है कि हम अंडर-12, अंडर-13 और अंडर-14 के बच्चों पर निवेश करें। उन्हें अच्छा इन्फ्रास्ट्रक्चर, आधुनिक हॉकी के हिसाब से ट्रेनिंग और मजबूत बेसिक स्किल्स देनी होंगी। पिछले दस साल में केंद्र और राज्य सरकारों ने खेलों के लिए कई अच्छी योजनाएं शुरू की हैं।

खेलो इंडिया जैसे टूर्नामेंट हो रहे हैं और अलग-अलग जगह लीग भी शुरू हुई हैं। इन प्रयासों का असर दिख रहा है। खिलाड़ियों को आगे बढ़ने के मौके मिल रहे हैं और इससे हॉकी को भी फायदा हो रहा है। बस प्रयास लगातार चलने चाहिए।

सवाल: आप करीब 40 साल के हैं, खेल से दूर रहने के बाद भी फिटनेस कैसे बनाए रखते हैं?

सरदार सिंह: फिटनेस मेरी पहचान है। मैं करीब 12-13 साल भारतीय टीम के लिए खेला हूं। उससे पहले अकादमी में कई साल तक संघर्ष किया। इस तरह 25-30 साल तक मैंने अपनी बॉडी से काफी मेहनत कराई है। अब फिटनेस मेरी आदत बन गई है।

अगर किसी दिन वर्कआउट नहीं कर पाता हूं, तो दिन खाली-खाली लगता है। मैं कहीं भी ट्रैवल करूं, कोशिश करता हूं कि थोड़ा-बहुत वर्कआउट जरूर करूं। इसके साथ खाने-पीने का ध्यान रखना भी जरूरी है।

सवाल: छत्तीसगढ़ के खेल प्रेमियों के लिए क्या संदेश देना चाहेंगे?

सरदार सिंह: बिल्कुल। मैं सभी खेल प्रेमियों से अपील करूंगा कि वे ज्यादा से ज्यादा संख्या में स्टेडियम पहुंचें। टीवी पर मैच देखने का अनुभव अलग होता है, लेकिन मैदान पर आकर खिलाड़ियों को खेलते हुए देखना बिल्कुल अलग अनुभव है।

दर्शकों के आने से खिलाड़ियों का भी उत्साह बढ़ता है। इसलिए सभी लोग स्टेडियम आएं और हॉकी का आनंद लें।



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