इजरायल चुनाव में नेतन्याहू की पार्टी को सबसे ज्यादा सीटें, नहीं बना पाएंगे सरकार, विपक्ष भी अटका

Updated on 28-10-2026
तेल अवीव: इजरायल में मंगलवार को हुए संसदीय चुनाव में प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को बहुत बड़ा झटका लगा है और एग्जिट पोल में उनके गठबंधन को हारता हुआ दिखाया गया है। एग्जिट पोल के मुताबिक नेतन्याहू का गठबंधन सरकार बनाने के लिए जरूरी 61 सीटें हासिल करने में नाकाम दिख रहा है। हालांकि नेतन्याहू के खिलाफ लड़ने वाले विपक्ष के पास भी कोई वैकल्पिक सरकार बनाने का रास्ता भी नहीं दिख रहा है जब तक की वो अपने चुनावी वादे को तोड़कर अरब पार्टी के साथ गठबंधन ना कर ले।


इजरायल इलेक्शन में एग्जिट पोल के आंकड़े क्या कहते हैं

इजरायल में कुल 120 संसदीय सीटें हैं।
चैनल 12 के एग्जिट पोल के मुताबिक नेतन्याहू की लिकुड पार्टी अभी भी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरती दिख रही है और उसे 27 सीटें मिलती दिख रही हैं।

  • Likud- 27 सीटें
  • Yashar- 21 सीटें
  • B'Yachad- 12 सीटें
  • Joint List- 11 सीटें
  • The Democrats- 9 सीटें
  • Yisrael Beytenu- 8 सीटें
  • Ra'am- 7 सीटें
  • Shas- 7 सीटें
  • Otzma Yehudit- 6 सीटें
  • Religious Zionism- 6 सीटें
  • United Torah Judaism- 6 सीटें
(नोट- ये एग्जिट पोल के आंकड़े हैं जिनमें लगातार बदलाव हो रहे हैं।)


इजरायल चुनाव में एग्जिट पोल की बड़ी बातें

  • इजरायल के तीन प्रमुख मीडिया नेटवर्क के एग्जिट पोल में नेतन्याहू गठबंधन को 50 से 51 सीटें मिलने का अनुमान लगाया गया है।
  • विपक्षी उम्मीदवार गादी आइसेनकोट की यशार पार्टी को 21-23 सीटें मिलने की उम्मीद है।
  • जबकि विपक्षी गठबंधन को भी 50-52 सीटें मिलने का ही अनुमान है। जबकि 120 सीटों वाले संसद में सरकार बनाने के लिए 61 सीटों का होना जरूरी है।
  • चैनल 11, चैनल 12 और चैनल 13 के एग्जिट पोल में बाकी 18 सीटें अरब नेतृत्व वाले दो दलों को मिली हैं।
  • अरब पार्टी Ra'am और Joint List अभूतपूर्व प्रदर्शन करती दिख रही हैं। अभी इन दोनों के पास संसद में 10 सीटें थीं लेकिन अब इनके पास 18 सीटें होने की संभावना जताई गई है।
  • एग्जिट पोल से पता चलता है कि नेतन्याहू को जनता ने सत्ता से हटाने की कोशिश जरूर की है लेकिन विपक्षी पार्टियों को भी जिताया नहीं है। दोनों गठबंधनों के पास 50 से 55 सीटें होने का अनुमान लगाया गया है।
  • विपक्षी गठबंधन में Yashar, B’Yachad, Yisrael Beytenu और the Democrats शामिल हैं जिन्हें 51-52 सीटों पर बढ़त मिलती दिखाई गई है।
  • एग्जिट पोल के आंकड़ों के मुताबिक नेतन्याहू की लिकुड पार्टी को 27 सीटें और यशार को 22 सीटें मिलने का अनुमान है।

एग्जिट पोल आके होते ही विपक्ष ने किया जीत का ऐलान

हालांकि रात करीब 1 बजे एग्जिट पोल के नतीजे जारी होते ही विपक्षी गठबंधन ने अपनी जीत का ऐलान कर दिया है। लेकिन उनके लिए भी सरकार बनाना संभव नहीं है। विपक्षी पार्टियां तभी सरकार बना सकती हैं जब वो अरब पार्टियों से गठबंधन करे। अरब पार्टियों 'जॉइंट लिस्ट' और 'राआम' के मिलकर रिकॉर्ड 17-18 सीटें जीतने का अनुमान है लेकिन विपक्षी गठबंधन ने वादा किया था कि वो सरकार बनाने के लिए अरब पार्टियों से गठबंधन नहीं करेंगे।
द डेमोक्रेट्स के नेता यायर गोलान को छोड़कर विपक्ष के करीब करीब सभी नेताओं ने अरब पार्टियों के साथ मिलकर सरकार बनाने की संभावना को लगभग खारिज कर दिया है।


इजरायल में अब सरकार बनने की क्या संभावना है?

टाइम्स ऑफ इजरायल की रिपोर्ट के मुताबिक नेतन्याहू की लिकुड पार्टी अभी भी सबसे बड़ी पार्टी है और विपक्षी उम्मीदवार गादी आइसेनकोट की यशार पार्टी को 21-23 सीटें मिलने का अनुमान है। लिहाजा दोनों की पार्टियां राष्ट्रपति इसाक हर्ज़ोग से मिलकर सरकार बनाने का मौका मांग सकती हैं। राष्ट्रपति उस पार्टी को सरकार बनाने के लिए कह सकते हैं जिसके पास सरकार बनाने की सबसे ज्यादा संभावना होगी।

अगर कोई भी पार्टी सरकार नहीं बना पाती है तो क्या होगा?

एग्जिट पोल के आंकड़ों को देखते हुए फिलहाल किसी भी गठबंधन के लिए अपने बूते सरकार बनाना मुश्किल दिख रहा है। ऐसे में बेंजामिन नेतन्याहू उस वक्त तक केयरटेकर प्रधानमंत्री बने रगेंगे जब तक की नई सरकार का गठन नहीं हो जाता। अगर आखिर आखिर तक नई सरकार का गठन नहीं हो पाता है तो फिर से चुनाव करवाए जाएंगे।

इजरायल 2019 से 2022 तक ऐसी ही स्थिति में फंस भी चुका है जब कई बार इलेक्शन करवाए गये थे। इजरायल में इस बार ऐतिहासिक स्तर पर वोटिंग हुए हैं। इस बाकर 77 प्रतिशत लोगों ने वोट डाला है जो एक रिकॉर्ड है। हालांकि देश का चुनाव आयोग वोटों की गिनती करेगी और फिर आधिकारिक इलेक्शन रिजल्ट जारी करेगी और अकसर देखा गया है कि असली नतीजे एग्जिट पोल के नतीजों से अलग होते हैं।

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