'पानी को भारत ने बनाया हथियार', पाकिस्तान ने कनाडाई विदेश मंत्री से मांगा सिंधु जल पर मदद, नहीं मिला भाव
Updated on
21-07-2026
इस्लामाबाद: पाकिस्तान के उप-प्रधानमंत्री इशाक डार ने सोमवार को कनाडा की विदेश मंत्री अनीदा आनंद के साथ एक संयुक्त प्रेस ब्रीफिंग में सिंधु जल समझौते और कश्मीर का मुद्दा उठाया। लेकिन पाकिस्तान को उस वक्त झटका लगा जब संयुक्त बयान में इनका कोई जिक्र नहीं किया गया। इस्लामाबाद में कनाडा की विदेश मंत्री अनीता आनंद के साथ एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए डार ने कहा कि भारत ने इस समझौते को रोककर 'पहले से ही अस्थिर सुरक्षा स्थिति में एक नया पहलू जोड़ दिया है'।इशाक डार ने कहा 'हम कनाडा समेत अपने मित्र देशों से समर्थन चाहते हैं ताकि भारत सिंधु जल समझौते को तुरंत बहाल करे, पानी का हथियार के तौर पर इस्तेमाल बंद करे और अंतरराष्ट्रीय कानून और रीति-रिवाजों के अनुसार अंतरराष्ट्रीय कानून और संधि की शर्तों का पालन करे।'आपको बता दें कि 1960 की सिंधु जल संधि (IWT) भारत और पाकिस्तान के बीच विश्व बैंक की मध्यस्थता में हुआ एक समझौता है। यह सिंधु बेसिन की छह नदियों के पानी के बंटवारे को नियंत्रित करता है जिसमें पूर्वी नदियां भारत को और पश्चिमी नदियां मुख्य रूप से पाकिस्तान को आवंटित की गई हैं। पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने सिंधु जल संधि को सस्पेंड कर दिया था।
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