भारत तेजस में फंसा, चीन पाकिस्‍तान के लिए धड़ाधड़ बना रहा J-35 स्टील्थ जेट, बनेगा पहला खरीदार

Updated on 16-07-2026
इस्लामाबाद: पाकिस्तान की मीडिया में दावा किया गया है कि चीन से उसे जल्द J-35 स्टील्थ फाइटर जेट मिलने जा रहा है। रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि चीन की शेनयांग एयरक्राफ्ट कॉर्पोरेशन एक अहम इंडस्ट्रियल फेज में पहुंच गई है। चीनी कंपनी ने घरेलू सेना और पाकिस्तान के लिए J-35 स्टील्थ फाइटर के ऑर्डर पूरे करने के लिए अपनी असेंबली क्षमता बढ़ा रही है जिसके बाद जे-35 की उसकी प्रोडक्शन क्षमता दोगुनी हो जाएगी।
पाकिस्तानी सेना के लिए प्रोपेगेंडा करने वाली वेबसाइट डिफेंस सिक्योरिटी एशिया ने लिखा है कि चीन प्रोटोटाइप वैलिडेशन से आगे बढ़कर नौसेना और जमीन-आधारित ऑपरेशन की जरूरतों के लिए पांचवीं पीढ़ी के दो अलग-अलग फाइटर जेट्स की बड़े पैमाने पर मैन्युफैक्चरिंग कर रहा है। नवभारत टाइम्स इन दावों की पुष्टि नहीं करता है। ना तो चीन और ना ही पाकिस्तान ने अभी तक जे-35 डील को लेकर कुछ नहीं कहा है। पाकिस्तानी सेना ने डील की पुष्टि की है।

पाकिस्तान को जल्द मिलने वाले हैं J-35 विमान?

J-35 एक पांचवीं पीढ़ी का स्टील्थ लड़ाकू विमान है और चीन ने इसे वायुसेना और नौसेना, दोनों के लिए बनाया है। ये एयरक्राफ्ट कैरियर से भी ऑपरेट होता है। चीन ने इसे अपने एयरक्राफ्ट कैरियर पर तैनात भी कर लिया है। नौसेना में तैनाती के साथ-साथ जमीन से ऑपरेट होने वाले J-35A वैरिएंट को आधिकारिक तौर पर 'पीपल्स लिबरेशन आर्मी एयर फोर्स' में शामिल कर लिया गया है। यह चीन के बढ़ते पांचवीं पीढ़ी के फाइटर बेड़े और फोर्स-स्ट्रक्चर प्लानिंग में भारी J-20 के मुकाबले एक हल्का और कम खर्चीला विकल्प साबित होगा।
पाकिस्तान वायुसेना के हवाले से इस साल जनवरी में पाकिस्तानी मीडिया में कहा गया था कि J-35AE के अलावा पाकिस्तान चीन से KJ-500 एयरबोर्न अर्ली वार्निंग एयरक्राफ्ट और HQ-19 एयर डिफेंस सिस्टम जैसे हथियारों का बड़ा पैकेज खरीद रहा है। KJ-500 एक अवाक्स एयरक्राफ्ट है। पाकिस्तान के दो अवाक्स एयरक्राफ्ट को ऑपरेशन सिंदूर के समय भारत ने तबाह कर दिया था।

पाकिस्तान का प्रोपेगेंडा या हकीकत?

रिपोर्ट्स के मुताबिक पाकिस्तान चीन से 40 J-35A स्टील्थ लड़ाकू विमान खरीदने वाला है। दावा है कि शेनयांग के नए प्रोडक्शन कॉम्प्लेक्स में लगभग 8.6 बिलियन युआन यानि करीब 1.2 अरब डॉलर का निवेश किया है। पाकिस्तानी मीडिया में पिछले वर्ष से ही दावे किए जाते रहे हैं कि उसे जे-35 जल्द मिलने वाले हैं। लिहाजा ये प्रोपेगेंडा कैम्पेन का भी हिस्सा हो सकता है।
भारत के लिए दिक्कत ये है कि भारतीय वायुसेना के पास फिलहाल कोई स्टील्थ फाइटर जेट नहीं है। वहीं भारत तेजस लड़ाकू विमान के इंजन की जल्द डिलीवरी के लिए अमेरिका पर मोहताज है। अमेरिकी कंपनी काफी धीमे रफ्तार से तेजस के इंजन की सप्लाई कर रही है। जबकि क्या भारत कोई स्टील्थ जेट खरीदेगा इसपर फैसला नहीं हो पाया है।

चीन ने अचानक J-35 स्टील्थ फाइटर का प्रोडक्शन डबल क्यों किया?

शेनयांग एयरक्राफ्ट कॉर्पोरेशन ने शेनयांग एयरोस्पेस सिटी पहल के तहत एक बड़े नए असेंबली कॉम्प्लेक्स का निर्माण पूरा कर लिया है। इसका ढांचा 2025 के मध्य तक तैयार हो जाएगा और 2026 तक उत्पादन पूरी क्षमता तक पहुंच जाएगा। यह सुविधा लगभग 4.2 वर्ग किलोमीटर में फैली है और इसमें 3,70,000 वर्ग मीटर से ज्यादा मैन्युफैक्चरिंग स्पेस है। साथ ही इसमें तुरंत उड़ान परीक्षण के लिए लगभग 3,660 मीटर लंबा एक खास रनवे भी बनाया गया है।
शेनयांग ने सार्वजनिक तौर पर कहा है कि वह अगले 3 से 5 वर्षों में अपने कुल लड़ाकू विमान उत्पादन की क्षमता को दोगुना कर देगा। चीन की सरकारी मीडिया के अनुसार इसके लिए 'इंटेलिजेंट मैन्युफैक्चरिंग अपग्रेड' किए जा रहे हैं जिसमें कई तरह के विमानों के लिए ऑटोमेशन और डिजिटल प्रोडक्शन-लाइन मैनेजमेंट को शामिल किया गया है।

पाकिस्तान को J-35 मिलने से भारतीय वायुसेना पर क्या असर पड़ेगा?

चीन की लड़ाकू विमानों के प्रोडक्शन की सुपरफास्ट रफ्तार से भारत और पश्चिमी देशों के सैन्य योजनाकारों पर गहरा दबाव पड़ेगा। भारतीय वायुसेना पर भी इसका असर होगा जो फिलहाल लड़ाकू विमानों के कम स्क्वार्डर्न से जूझ रही है। भारत के पास सबसे एडवांस लड़ाकू विमानों में राफेल ही है। इसीलिए राफेल और जे-35 के बीच मुख्य मुकाबला होगा। जे-35 सिर्फ स्टील्थ क्षमता के मामलों में राफेल से बेहतर है अन्यथा राफेल और एस-400 एयर डिफेंस सिस्टम और एडवांस से लैसे भारतीय वायुसेना हर हाल में पाकिस्तानी खतरों से निपटने के लिए तैयार है।

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