A PHP Error was encountered

Severity: Notice

Message: Undefined variable: description

Filename: views/header.php

Line Number: 9

" />
"> मध्यप्रदेश
"> देश
"> विदेश

भारतीय शेयर बाजार को लगा बड़ा झटका, इस छोटे से देश ने छीना दुनिया के 5वें सबसे बड़े मार्केट का ताज

Updated on 26-05-2026
नई दिल्ली: ताइवान के शेयर बाजार ने कुल वैल्यूएशन (मार्केट कैप) के मामले में भारत को पीछे छोड़ दिया है। ताइवान की इस रफ्तार के पीछे दुनिया की सबसे बड़ी चिपमेकर कंपनी ताइवान सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग कंपनी (TSMC) के शेयरों में आई तूफानी तेजी है।

ब्लूमबर्ग के डेटा के अनुसार, ताइवान का मार्केट कैपिटलाइजेशन बढ़कर 4.95 ट्रिलियन डॉलर (करीब 411 लाख करोड़ रुपये) पर पहुंच गया है। वहीं दूसरी ओर, भारतीय शेयर बाजार का कुल मूल्यांकन गिरकर 4.92 ट्रिलियन डॉलर (सोमवार को बाजार बंद होने तक) रह गया है। इस उलटफेर के साथ ही ताइवान अब अमेरिका, चीन, जापान और हांगकांग के बाद दुनिया का पांचवां सबसे बड़ा शेयर बाजार बन गया है।

ताइवान ने कैसे बनाई बढ़त?

  • ताइवान के शेयर बाजार को वैश्विक रैंकिंग में ऊपर ले जाने का पूरा श्रेय चिपमेकर कंपनी TSMC को जाता है।
  • ताइवान के बेंचमार्क इंडेक्स में अकेले TSMC की हिस्सेदारी लगभग 42% है, जो बाजार में इसके भारी दबदबा को दर्शाती है।
  • आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की बढ़ती वैश्विक मांग के कारण इस साल कंपनी के शेयरों में 49% की भारी तेजी आई है। एआई चिप्स (सेमीकंडक्टर्स) के मामले में कंपनी ग्लोबल मार्केट में एकतरफा राज कर रही है।

    भारत के पिछड़ने के 5 कारण

    तमाम घरेलू मजबूती के बावजूद इस साल भारतीय शेयर बाजार दबाव में रहा है। इसके कई कारण सामने आए हैं।
    1. वैश्विक निवेशक भारत जैसे महंगे बाजार से पैसा निकालकर ताइवान और कोरिया जैसे उन बाजारों में लगा रहे हैं, जहां सीधे एआई और सेमीकंडक्टर थीम पर दांव लगाया जा सके।
    2. इस साल विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने भारतीय बाजार से लगभग 24 बिलियन डॉलर की भारी-भरकम बिकवाली की है।
    3. ईरान-अमेरिका भू-राजनीतिक तनाव के कारण कच्चे तेल और ऊर्जा की बढ़ती कीमतों ने भारत के विकास परिदृश्य और महंगाई को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं।
    4. भारतीय शेयर बाजार का मुख्य सूचकांक इस साल करीब 8% नीचे है, जो लगातार एक दशक की बढ़त के बाद इसकी पहली सालाना गिरावट की ओर इशारा कर रहा है।
    5. इसके चलते MSCI इमर्जिंग मार्केट्स इंडेक्स में भारत का वेटेज भी पिछले साल के 19% से घटकर करीब 12% रह गया है।

    अर्थव्यवस्था के मामले में भारत बहुत आगे

    भले ही ताइवान शेयर बाजार की वैल्यूएशन की रेस में आगे निकल गया हो, लेकिन जब बात वास्तविक अर्थव्यवस्था की आती है, तो भारत का कद बहुत बड़ा है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के अनुमानों के मुताबिक, भारत की 4.15 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था ताइवान की 977 बिलियन डॉलर की जीडीपी के मुकाबले कई गुना बड़ी है।

अन्य महत्वपुर्ण खबरें