A PHP Error was encountered

Severity: Notice

Message: Undefined variable: description

Filename: views/header.php

Line Number: 9

" />
"> मध्यप्रदेश
"> देश
"> विदेश

'ईरान को डील या तबाही में से एक चुनना होगा', चीन से ट्रंप की नई धमकी, फिर बढ़ेगा तनाव

Updated on 15-05-2026
वॉशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर ईरान में तबाही मचाने की धमकी दी है। चीन दौरे पर गए ट्रंप ने कहा है कि ईरान को अमेरिका के साथ जल्दी से जल्दी कूटनीतिक समझौता करना होगा। अगर वे समझौता नहीं करते हैं तो तबाह हो जाएंगे। ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है, जब दोनों देश किसी समझौते पर नहीं पहुंच पा रहे हैं और टकराव बरकरार है। 28 फरवरी को युद्ध शुरू होने के बाद 8 अप्रैल को दोनों पक्षों में अस्थायी सीजफायर हो गया था लेकिन स्थायी तौर पर कोई समझौता नहीं हो सका है।

डोनाल्ड ट्रंप ने एक अमेरिकी न्यूज चैनल से बात करते हुए कहा, 'मुझे उम्मीद है कि ईरानी भी उनको देख रहे होंगे। हमें ठीक-ठीक पता है कि उन्होंने क्या-क्या तैनात किया है और कौन से हथियारों की जगह बदली है। उन्होंने जमीन के नीचे से जोछ मिसाइलें निकाली हैं, वो खत्म कर दी जाएंगी। वह अमेरिका के सामने टिक नहीं पाएंगे।'

ईरानी समझदार हैं: ट्रंप

डोनाल्ड ट्रंप ने आगे कहा कि मुझे लगता है कि वे (ईरानी) असल में कई मामलों में बहुत समझदार हैं। नए अधिकारियों का जिक्र करते हुए ट्रंप ने कहा कि वे पहले और दूसरे दर्जे के उन अधिकारियों से ज्यादा समझदार हैं, जो अब हमारे साथ नहीं हैं। मुझे लगता है ईरान के नए अधिकारी समझदारी दिखाएंगे।ईरान से एनरिच्ड यूरेनियम वापस लाने के सवाल पर ट्रंप ने कहा कि यह कदम सुरक्षा के साथ-साथ लोगों की सोच (परसेप्शन) सभी जुड़ा है। मुझे लगता है कि यह जरूरी है कि हम इसे हासिल करें। मैंने ही कहा था कि हम इसे हासिल करके रहेंगे। ईरान को परमाणु बम बनाने से रोकना प्राथमिकता है।

ईरान के पास परमाणु नहीं हो सकता: वाइट हाउस

इस बीच वाइट हाउस ने दावा किया है कि चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस बात पर सहमत हो गए हैं कि ईरान को परमाणु हथियार संपन्न होने की इजाजत नहीं दी जा सकती है। वाइट हाउस के अनुसार, डोनाल्ड ट्रंप और शी जिनपिंग के बीच बीजिंग में काफी सकारात्मक बैठक हुई है।ट्रंप-जिनपिंग की बैठक में होर्मुज स्ट्रेट का बंद किए जाने का मुद्दा उठा है। दोनों देशों ने माना कि वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए इस अहम समुद्री मार्ग का खुला रहना जरूरी है। शी जिनपिंग ने होर्मुज स्ट्रेट के सैन्यीकरण का विरोध किया और इस रूट के इस्तेमाल पर किसी तरह का टोल लगाने की कोशिशों को गलत बताया।

अन्य महत्वपुर्ण खबरें