इन दो राज्यों से IT डिपार्टमेंट ने जुटाए 20,000 करोड़, एमएस धोनी सबसे बड़े टैक्सपेयर
Updated on
08-05-2026
नई दिल्ली: 2025-2026 के दौरान झारखंड और बिहार से इनकम टैक्स विभाग का कुल कलेक्शन लगभग 20,000 करोड़ रुपये रहा। भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान एमएस धोनी दोनों राज्यों को मिलाकर सबसे ज्यादा व्यक्तिगत टैक्स देने वाले शख्स रहे। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के एक सीनियर अधिकारी ने गुरुवार को यह जानकारी दी।
इनकम टैक्स के प्रधान मुख्य आयुक्त (बिहार-झारखंड) डॉ. डी. सुधाकर राव ने मीडिया से बात करते हुए कहा, 'वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान बिहार और झारखंड से कुल कलेक्शन लगभग 20,000 करोड़ रुपये रहा। इसमें से 12,000 करोड़ रुपये सिर्फ झारखंड से जमा हुए।'
धोनी सबसे बड़े टैक्सपेयर
उन्होंने बताया कि कुल कलेक्शन का लगभग 70 फीसदी हिस्सा टैक्स डिडक्शन एट सोर्स (TDS) के जरिए मिला।
राव ने कहा, 'पिछले वित्त वर्ष के दौरान बिहार और झारखंड को मिलाकर एमएस धोनी सबसे ज्यादा व्यक्तिगत टैक्स देने वाले व्यक्ति थे।' हालांकि, उन्होंने धोनी के नेट टैक्स रिटर्न की जानकारी देने से परहेज किया।
इन कंपनियों से मिला सबसे ज्यादा टैक्स
एक अन्य अधिकारी ने बताया कि कॉर्पोरेट जगत में सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (सीसीएल), भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (बीसीसीएल) और सीएमपीडीआई सबसे ज्यादा टैक्स देने वाली कंपनियों में शामिल थीं।
राव ने कहा, 'पिछले वित्त वर्ष के दौरान, भारी बारिश की वजह से खनन गतिविधियों पर थोड़ा असर पड़ा था। इसका असर कलेक्शन पर भी दिखा। हमें उम्मीद है कि मौजूदा वित्त वर्ष में टैक्स कलेक्शन का आंकड़ा 20,000 करोड़ रुपये से ज्यादा हो जाएगा।'
नए इनकम टैक्स एक्ट को लेकर बैठक
इससे पहले, राव ने इनकम टैक्स अधिकारियों के साथ नए इनकम टैक्स एक्ट, 2025 को लेकर एक बैठक की। यह एक्ट 1 अप्रैल से लागू होगा। छह दशक पुराने इनकम टैक्स एक्ट, 1961 की जगह लेगा। इस बैठक में दोनों राज्यों के 100 से ज्यादा अधिकारियों ने हिस्सा लिया।
राव ने कहा, 'यह नया एक्ट, टैक्स से जुड़ी मूल नीतियों में कोई बदलाव किए बिना, आसान भाषा, सुव्यवस्थित ढांचे और पढ़ने में आसान प्रस्तुति के जरिए ज्यादा स्पष्टता और नियमों का पालन करने में आसानी की दिशा में एक बड़ा कदम है।'
उन्होंने कहा कि बिहार और झारखंड में जागरूकता फैलाने के साथ बैंकरों, पीएसयू और अन्य लोगों को नई टैक्स की बारीकियों के बारे में विस्तार से बताने के लिए कई आउटरीच कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।