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जयपुर मेट्रो फेज-2 के लिए जेडीए ने सौंपी 27 हेक्टेयर जमीन, अब 34 महीने में दौड़ने लगेगी ट्रेन

Updated on 12-05-2026
जयपुर: गुलाबी नगरी के लिए मंगलवार की सुबह एक बड़ी खुशखबरी लेकर आई। जयपुर मेट्रो के दूसरे चरण की सबसे बड़ी बाधा आखिरकार दूर हो गई है। पिछले 15 वर्षों से कानूनी दांव-पेंचों में उलझी बंबाला पुलिया के पास की जमीन पर अब जयपुर मेट्रो का कब्जा हो गया है। सोमवार को जयपुर विकास प्राधिकरण ने औपचारिक रूप से इस जमीन का हैंडओवर मेट्रो प्रशासन को कर दिया।


हाईकोर्ट के फैसले ने साफ किया रास्ता

करीब 27 हेक्टेयर की यह बेशकीमती जमीन वर्ष 2011 से विवादों में थी। हाल ही में 30 अप्रैल को हाईकोर्ट ने मेट्रो परियोजना के महत्व को समझते हुए इसके पक्ष में फैसला सुनाया। इसके बाद भू-स्वामियों को 126 करोड़ रुपए का मुआवजा देने की प्रक्रिया शुरू हुई और अब जमीन पर तारबंदी का काम भी शुरू कर दिया गया है। यहां करीब 300 करोड़ रुपए की लागत से एक आधुनिक मेट्रो डिपो बनाया जाएगा, जिसे अगले 3 साल में पूरा करने का लक्ष्य है।

एडीबी देगा 6,565 करोड़ की 'ऑक्सीजन'

परियोजना के लिए केवल जमीन ही नहीं, बल्कि फंड का रास्ता भी साफ हो गया है। कुल 13,500 करोड़ रुपए की इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए एशियन डेवलपमेंट बैंक ने 6,565 करोड़ रुपए का ऋण देने पर मुहर लगा दी है। केंद्रीय कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद अब सिविल पैकेज के लिए बिड प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है, जिससे काम में तेजी आने की उम्मीद है।


सीगल इंडिया को मिला 10.8 किमी का जिम्मा

मेट्रो फेज-2 के निर्माण की जिम्मेदारी सीगल इंडिया लिमिटेड को सौंपी गई है। कंपनी को 918 करोड़ रुपए का प्रोजेक्ट मिला है, जिसके तहत-
  • 10.8 किमी लंबा एलिवेटेड कॉरिडोर तैयार होगा।
  • 10 नए मेट्रो स्टेशनों का निर्माण किया जाएगा।
  • यह कॉरिडोर प्रह्लादपुरा, सीतापुरा और हल्दीघाटी गेट जैसे प्रमुख औद्योगिक और आवासीय क्षेत्रों को जोड़ेगा।
  • एक विशेष स्पर लाइन भी बनाई जाएगी, जो मुख्य लाइन को बंबाला स्थित नए डिपो से कनेक्ट करेगी।

34 महीने में बदलेगी जयपुर की तस्वीर

कंपनी ने लक्ष्य रखा है कि अगले 34 महीनों में इस प्रोजेक्ट को पूरा कर लिया जाएगा। सीतापुरा और प्रह्लादपुरा जैसे इलाकों में मेट्रो पहुंचने से न केवल ट्रैफिक जाम से मुक्ति मिलेगी, बल्कि इन क्षेत्रों के शहरी विकास को एक नई ऊंचाई मिलेगी।जमीन मिलने और विदेशी फंडिंग का रास्ता साफ होने के बाद अब वह दिन दूर नहीं जब सांगानेर और सीतापुरा के लोग भी मेट्रो की सवारी का आनंद ले सकेंगे।

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