यूट्यूब से सीखकर रील्स के जरिये प्रमोशन, 1 साल में कमा डाले 2 करोड़, जीरो से बन गए हीरो

Updated on 19-08-2026
नई दिल्‍ली: यह कहानी दो दोस्‍तों की है। इनके नाम हैं कुशल रेड्डी और चहक जैन। वे बेंगलुरु के रहने वाले हैं। क्लाउड किचन में शुरुआती फेलियर और नुकसान झेलने के बाद इन्‍होंने जीरो से हीरो बनने का सफर तय किया है। हार मानने के बजाय दोनों ने अपने बिजनेस मॉडल को बदला। 'Kried' नाम से फूड ट्रक शुरू किया। इस काम में यूट्यूब और रील्‍स उनके बहुत काम आए। सितंबर 2025 से जुलाई 2026 के बीच इस जोड़ी ने 2 करोड़ रुपये का भारी-भरकम रेवेन्‍यू हासिल करके दिखाया। आइए, यहां कुशल रेड्डी और चहक जैन की सफलता के सफर के बारे में जानते हैं।

शुरुआत में हाथ लगी नाकामी

कुशल बेंगलुरु के रहने वाले हैं। पहले वह HR प्रोफेशनल रहे हैं। वहीं, चहक जयपुर से बेंगलुरु शिफ्ट हुई हैं। वह इंटरैक्‍शन डिजाइन में ग्रेजुएट हैं। दोनों की मुलाकात 2023-24 में हुई। मार्केट में अच्छे और फ्रेश फ्राइड फूड की कमी देखकर कुशल ने घर की रसोई में यूट्यूब से सीखकर रेसिपी पर काम करना शुरू किया। शाकाहारी होने के बावजूद चहक ने कुशल के आइडिया पर भरोसा जताया। नवंबर 2024 में 4 लाख रुपये लगाकर उन्‍होंने एक क्लाउड किचन खोला। हालांकि, जोमैटो-स्विगी जैसे डिलीवरी प्लेटफॉर्म्स के भारी कमीशन (30-32%), विज्ञापन खर्च और कम ऑर्डर्स की वजह से यह बिजनेस पूरी तरह नुकसान में चला गया।

बिजनेस मॉडल बदला

आर्थिक नुकसान के बावजूद दोनों ने उम्मीद नहीं खोई। क्लाउड किचन की जगह 'फूड ट्रक' मॉडल अपनाने का फैसला किया। इसके लिए उन्होंने अपने माता-पिता से उधार लिए। केरल से टाटा विंगर ट्रक खरीदा। तमिलनाडु के इरोड में इसे किचन के रूप में तैयार कराया। जब ट्रक तैयार हो रहा था, तब कुशल और चहक ने इंस्टाग्राम रील्स पर 'बेंगलुरु में फूड ट्रक कैसे शुरू करें' सीरीज बनाकर अपनी यात्रा को शेयर करना शुरू किया। उनकी रील्स वायरल हो गईं। फूड ट्रक लॉन्च होने से पहले ही इंस्टाग्राम पर उनके 5,000 से अधिक फॉलोअर्स जुड़ गए।

रील्‍स ने कर दिया कमाल

सितंबर 2025 में जब जेपी नगर में कुशल और चहक का पहला फूड ट्रक लॉन्च हुआ तो पहले ही दिन 100 से ज्यादा लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। शुरुआती तीन दिनों में 30,000 रुपये की बिक्री हुई। इसके बाद 'कॉस्ट ब्रेकडाउन' वाली रील वायरल होने से फॉलोअर्स बढ़कर 20,000 हो गए। ताजे बन्स, इन-हाउस बनाए गए सॉसेज और मैरीनेड्स की वजह से उनके क्रिस्पी फ्राइड चिकन और पनीर बर्गर की डिमांड तेजी से बढ़ी। हफ्ते में 6 दिन और रोजाना केवल 4 घंटे (शाम 6 से रात 10 बजे) चलने वाले इस ट्रक पर रोजाना 350 से 450 लोग आने लगे।

2 करोड़ रुपये का रेवेन्‍यू

मार्च 2026 तक ट्रक से डेली सेल लगभग 1 लाख रुपये (महीने का 26 लाख) तक पहुंच गई। सितंबर 2025 से जुलाई 2026 के दौरान इस बिजनेस ने 2 करोड़ रुपये का कुल रेवेन्यू दर्ज किया। 13 कर्मचारियों की टीम, 20% नेट मार्जिन और मजबूत ब्रांड आइडेंटिटी के साथ दोनों संस्थापक अब फिजिकल रेस्टोरेंट स्पेस में विस्तार कर रहे हैं। वे जल्द ही 2,000 वर्ग फीट का नया सेंट्रल किचन तैयार कर रहे हैं। साथ ही अपना पहला फास्ट-कैजुअल रेस्टोरेंट खोलने की योजना बना रहे हैं। इसके तहत अगले साल के अंत तक 2-3 नए आउटलेट खोलने का टारगेट है।


अन्य महत्वपुर्ण खबरें