मुस्लिम मतदाताओं ने नेतन्याहू की कुर्सी गिराई! अरब पार्टियों के समर्थन के बिना नहीं बनेगी सरकार

Updated on 28-10-2026
तेल अवीव: इजरायल संसदीय चुनाव में अरब पार्टियां Ra'am और Joint List ने शानदार प्रदर्शन करती दिख रही हैं। चैनल 11, चैनल 12 और चैनल 13 के एग्जिट पोल के आंकड़ों के मुताबिक अरब पार्टियों को 17-18 सीटें मिलने का अनुमान लगाया गया है जो ऐतिहासिक है। अभी अरब पार्टियों के पास करीब 10 सीटें थीं लेकिन अब अरब पार्टियां इस स्थिति में हैं कि उनके समर्थन के बिना कोई भी गठबंधन सरकार नहीं बना पाएगा।

इजरायल में मंगलवार को चुनाव हुए हैं और देर रात करीब 1 बजे के बाद एग्जिट पोल जारी किए गये हैं जिनमें प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की लिकुड पार्टी को सबसे ज्यादा 27 सीटें मिलने की संभावना जताई गई है और उनके गठबंधन को 51-52 सीटें मिलने का अनुमान लगाया गया है। लेकिन विपक्षी पार्टियों का गठबंधन भी 52-53 सीटें तक ही सिमटती दिख रही हैं।
इजरायल में वोटों की गिनती शुरू हो चुकी है लेकिन चूंकी बैलेट पेपर से चुनाव करवाए जाते हैं इसलिए अंतिम चुनाव परिणाम में आने में कई दिन लग जाते हैं। इलेक्शन कमीशन ने 4 नवंबर को चुनाव परिणाम जारी करने की बात कही है। हालांकि पूरी स्थिति साफ होने में कई दिन लग सकते हैं।


इजरायल चुनाव में अरब पार्टियों का ऐतिहासिक प्रदर्शन

  • इजरायल में इस बार रिकॉर्ड 77 प्रतिशत लोगों ने मतदान किया है।
  • इजरायल में दो अरब पार्टियां हैं Ra’am और Joint List।
  • Ra’am पार्टी को 7 और Joint List को 11-12 सीटें मिलने की संभावना जताई गई है।
  • दोनों अरब पार्टियां मिलकर अगर 18-19 सीटें हासिल करती हैं तो उनके समर्थन के बिना सरकार नहीं बनेगी।
  • इजरायली संसद में 120 सीटें हैं और सरकार बनाने के लिए 61 सीटों की जरूरत होती है।
  • फिलहाल नेतन्याहू गठबंधन और विपक्षी गठबंधन दोनों को 50-52 सीटें मिलने का ही अनुमान हैं।
  • विपक्षी गठबंधन के प्रमुख नेताओं ने चुनाव से पहले बार बार कहा था कि वो सरकार बनाने के लिए अरब पार्टियों से समझौता नहीं करेगे।
  • जेरूशलम पोस्ट के मुताबिक इस साल अरब पार्टी 'Joint List' में तीन पार्टियों ने एक साथ मिलकर चुनाव लड़ा था।
  • 'हदाश' (Hadash) एक वामपंथी अरब-यहूदी कम्युनिस्ट पार्टी है, Ta'al खुद को एक धर्मनिरपेक्ष अरब राष्ट्रवादी पार्टी कहती है और Balad जो एक वामपंथी फिलिस्तीनी राष्ट्रवादी पार्टी है।
  • नेतन्याहू ने मुस्लिम वोटरों पर वोट डालने के लिए उमड़ने का लगाया था आरोप

    प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने मंगलवार को एक के बाद एक कई सोशल मीडिया पोस्ट किए थे। उन्होंने मुस्लिम मतदताओं पर वोटिंग सेंटर्स पर वोट डालने के लिए उमड़ने की बात कही थी और यहूदी मतदाताओं से वोट डालने के लिए घर से निकलने की अपील की थी। उन्होंने एक वीडियो पोस्ट किया था और कहा था कि 'उनके हाथों में देश की चाबी मत दो। घर से बाहर निकलो और वोट डालो।'
  • एक और पोस्ट में नेतन्याहू ने लिखा था 'इजरायल के नायक योनातन बेन हामो की बात सुनें जो गाजा में घायल हो गए थे। हमें अभी सब कुछ छोड़कर देश को बचाना होगा। 'माचल' (नेतन्याहू की पार्टी के उम्मीदवार) को वोट दें और यह सुनिश्चित करें कि जिन लोगों ने अभी तक वोट नहीं दिया है वे भी 'माचल' को ही वोट दें।'

    अपने एक वीडियो पोस्ट में नेतन्याहू ने एक फोटो दिखाया था जिसमें वोटिंग सेंटर के आगे मुस्लिम महिलाओं की लाइन देखी जा रही है। इस वीडियो में नेतन्याहू कह रहे हैं कि 'क्या आपने ये वीडियो देखा? प्रिय दक्षिणपंथी मतदाताओं, आपको बाहर निकलकर लिकुड पार्टी के लिए वोट करना चाहिए। यह हमारे लिए जिंदगी या मौत का सवाल है।'
  • Fect Check- नेतन्याहू का ये दावा पूरी तरह से गलत है। उन्होंने अपने वीडियो में जो तस्वीर दिखाई है वो फर्जी है। ये फोटो फरवरी 2026 की है जिसमें मुस्लिम महिलाएं प्रार्थना करने के लिए जा रही थीं।


    क्या अरब पार्टियां सरकार बनाने के लिए किसी गठबंधन में होंगी शामिल?

    अरब पार्टियां Ra’am या Joint List किसी सत्ताधारी गठबंधन में शामिल होंगी इसकी संभावना काफी कम है। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की लिकुड पार्टी हो या उसकी सहयोगी नेता जैसे इतामार बेन-गवीर और बेज़ालेल स्मोट्रिच, ये अरब पार्टियों के धूर विरोधी हैं। इसीलिए अरब पार्टियों का नेतन्याहू गठबंधन से किसी भी तरह का समझौता होना असंभव है।
  • दूसरी तरफ विपक्षी पार्टियों के भी प्रमुख नेताओं ने चुनाव प्रचार के दौरान अरब पार्टियों से किसी भी तरह का गठबंधन नहीं करने की कसम खाई थी। उन्होंने चुनाव प्रचार में नेतन्याहू के उन आरोपों को खारिज कर दिया था जिसमें उन्होंने कहा था कि विपक्षी गठबंधन अरब पार्टियों के साथ गठबंधन कर सरकार बनाना चाहती है। नेतन्याहू ने इस देश के लिए खतरा बताया था। विपक्षी नेता नेफ्ताली बेनेट और एविग्डोर लिबरमैन ने साफ तौर पर कहा था कि वो सरकार बनाने के लिए अरब पार्टियों के साथ गठबंधन नहीं करेंगे।

    लेकिन अब Ra’am या Joint List को अगर 17-18 सीटें मिलती हैं तो इसका मतलब ये हुआ कि उनके पास सत्ता की चाबी आ गई है। इनके समर्थन के बिना सरकार नहीं बन सकती है। एक विकल्प ये भी है कि अरब पार्टियां किसी गठबंधन को बाहर से अपना समर्थन दे लेकिन इस स्थिति के भी बनने की संभावना कम है।

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