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NEET पेपर 50 लाख तक बेचा, ब्लैंक चेक लिए

Updated on 21-05-2026
जयपुर/नई दिल्ली/लातूर/पुणे, NEET पेपर लीक में मामले में नए खुलासे हुए हैं। CBI जांच में पता चला है कि महाराष्ट्र के लातूर की RCC कोचिंग के संचालक शिवराज मोटेगांवकर 8 एकड़ जमीन पर स्कूल-कॉलेज खोलने की तैयारी में था।

उधर, जांच एजेंसी को यह भी पता चला है कि गिरोह ने गेस पेपर को 5 से 50 लाख रुपए तक बेचा। यह गिरोह पेपर देने से पहले छात्र के परिवार की आर्थिक स्थिति देखते थे। इसके बाद रकम तय की जाती थी।

केंद्रीय जांच एजेंसी ने बताया कि आरोपी बाकी रकम की गारंटी के लिए ब्लैंक चेक और छात्रों के डॉक्यूमेंट रख लेते थे। नीट पेपर लीक मामले में CBI ने अब तक 10 लोगों को गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसी सभी से पूछताछ कर रही है।

खुलासे के वक्त भी पैसे वसूल रहा था गिरोह

IB से इनपुट मिलने के बाद 8 मई की रात राजस्थान SOG ने कार्रवाई शुरू की। उस समय भी गिरोह खरीदारों से पैसे वसूलने में जुटा था। सीकर में पेपर खरीदने वाले एक छात्र से पूछताछ के दौरान ही उसके पास पैसे मांगने के लिए दलाल का फोन आया। CBI ने पेपर खरीदने वाले छात्रों के यहां छापेमारी की, जहां यही पैटर्न सामने आया।

लातूर में 8 एकड़ में स्कूल-कॉलेज की तैयारी

RCC कोचिंग के संचालक शिवराज लातूर के खोपेगांव शिवार में 8 एकड़ जमीन पर स्कूल-कॉलेज खोलने की तैयारी में था। वहां बहुमंजिला इमारत का निर्माण तेजी से चल रहा था। CBI उसके फंडिंग स्रोत, जमीन खरीद और आर्थिक लेनदेन की भी जांच कर रही है। एजेंसी ने उसकी पत्नी और बेटे से भी पूछताछ की है।

दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने आरोपी मांगीलाल खटीक, विकास बिवाल, दिनेश बिवाल, यश यादव और धनंजय लोखंडे को 2 जून तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया। शुभम खैरनार की CBI रिमांड 5 दिन बढ़ा दी गई। कोर्ट ने मनीषा मांढरे और मोटेगांवकर के हस्ताक्षर के नमूने लेने की भी अनुमति दी है।

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने बुधवार को नीट के दोबारा पेपर की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने फर्जी टेलीग्राम चैनलों और सोशल मीडिया पर पेपर लीक से जुड़े भ्रामक दावे फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।

NEET-UG परीक्षा 3 मई को देश के 551 शहरों और विदेश के 14 केंद्रों पर आयोजित हुई थी। इसमें करीब 23 लाख उम्मीदवार शामिल हुए थे। NTA के अनुसार 7 मई की शाम परीक्षा में गड़बड़ी की सूचना मिली थी। इसके बाद मामला केंद्रीय एजेंसियों को सौंपा गया। 12 मई को परीक्षा रद्द की गई और री-एग्जाम का फैसला लिया गया।



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