ओलंपिक मेडल, एशियन गेम्स में गोल्ड, भारतीय हॉकी टीम के जर्सी नंबर-18 का संन्यास
Updated on
28-10-2026
जालंधर: भारत के अनुभवी मिडफील्डर नीलाकांता शर्मा ने इंटरनेशनल हॉकी से संन्यास का ऐलान कर दिया है। 31 साल के नीलाकांत अभी एशियन चैंपियंस ट्रॉफी 2026 में भारत के लिए खेल रहे हैं। टूर्नामेंट के पहले मुकाबले में भारत का सामना बांग्लादेश से हुआ। इस मैच में टीम की जीत के बाद नीलाकांता ने संन्यास की घोषणा की। इस टूर्नामेंट के बाद वह भारत के लिए नहीं खेलेंगे। 2017 में उन्होंने भारत के लिए डेब्यू किया था। अभी तक 162 मैचों में उनके नाम 19 गोल हैं। वह टीम के लिए जर्सी नंबर-18 पहनते हैं।इस महीने की शुरुआत में हॉकी इंडिया के सूत्रों ने बताया था कि ओलंपिक और आइची-नागोया एशियाई खेलों में पदक जीतने वाली भारतीय टीमों का हिस्सा रहे नीलाकांता के अलावा जरमनप्रीत सिंह, मनदीप सिंह और अमित रोहिदास मौजूदा एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी में अपना अंतिम टूर्नामेंट खेल रहे हैं। यह कदम 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक को ध्यान में रखते हुए हॉकी इंडिया की बदलाव की रणनीति का हिस्सा है। भारत ने हाल ही में एशियाई खेलों में गोल्ड मेडल जीतकर ओलंपिक के लिए क्वालीफाई किया था।नीलाकांता शर्मा के करियर की उपलब्धियां
- ओलंपिक खेल (2020, टोक्यो): ब्रॉन्ज मेडल।
- एशियन गेम्स (2022, हांगझोउ): गोल्ड मेडल।
- एशियन गेम्स (2026, आइची-नागोया): गोल्ड मेडल।
- कॉमनवेल्थ गेम्स (2022, बर्मिंघम): सिल्वर मेडल।
- एशियन चैंपियंस ट्रॉफी (2018, मस्कट): गोल्ड मेडल।
- एशियन चैंपियंस ट्रॉफी (2023, चेन्नई): गोल्ड मेडल।
- एशियन चैंपियंस ट्रॉफी (2024, हुलुनबुइर): गोल्ड मेडल।
संन्यास पर नीलाकांता ने क्या कहा?
31 साल के नीलाकांता ने कहा कि उन्होंने आइची-नागोया एशियाई खेलों में गोल्ड मेडल जीतने के बाद खुद संन्यास लेने का फैसला किया। नीलाकांता ने एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी के शुरुआती मुकाबले में भारत की बांग्लादेश पर 13-0 की बड़ी जीत के बाद कहा, ‘यह फैसला मैंने एशियाई खेलों के बाद खुद लिया। किसी ने मुझ पर दबाव नहीं डाला। जाहिर है, मुझे खेल की कमी खलेगी लेकिन मैंने यह फैसला अगली पीढ़ी के लिए लिया है। कई प्रतिभाशाली खिलाड़ी मौके का इंतजार कर रहे हैं और उन्हें अवसर मिलना चाहिए। एशियाई खेलों के तुरंत बाद और इस टूर्नामेंट से पहले मैंने कोच (क्रेग फुल्टन) को अपने फैसले के बारे में बता दिया था।’मणिपुर के रहने वाले नीलकांत ने कहा कि उन्होंने संन्यास के बाद की अपनी योजनाएं भी तैयार कर ली हैं। उन्होंने कहा, ‘मैं इसके लिए तैयार हूं। जब भी मैं घर जाता हूं, तो अगली पीढ़ी के खिलाड़ियों को कोचिंग देता हूं। तोक्यो ओलंपिक के बाद जब मेरे राज्य ने मुझे नौकरी की पेशकश की, तो मैंने खेल विभाग को चुना, ताकि अगली पीढ़ी के खिलाड़ियों को प्रशिक्षित कर सकूं। मैंने यहां से बहुत कुछ सीखा है।’
अन्य महत्वपुर्ण खबरें