इधर पीएम मोदी-शी जिनपिंग की मीटिंग, उधर चीनी सेना PLA की तैनाती पर बड़ा अपडेट, LAC पर रक्षा मंत्रालय की रिपोर्ट
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14-09-2026
मनु पब्बी, नई दिल्ली: रक्षा मंत्रालय की सालाना रिपोर्ट में कहा गया है कि 2025 में लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (LAC) पर चीनी सैनिकों की तैनाती में काफी कमी आई है। खास तौर पर उत्तरी सीमा पर 10 'कंबाइंड आर्म्स ब्रिगेड' तैनात हैं। डिफेंस मिनिस्ट्री की ये रिपोर्ट ऐसे समय में आई है जब दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की द्विपक्षीय मीटिंग हुई है।ब्रिक्स समिट में शामिल होने के लिए चीन के राष्ट्रपति करीब 7 साल बाद भारत आए। पीएम मोदी से मुलाकात के दौरान दोनों ही नेताओं में खास गर्मजोशी देखने को मिली। उनके बीच पहले शिखर सम्मेलन में मुलाकात हुई और फिर द्विपक्षीय वार्ता में ट्रेड, टेक्नोलॉजी समेत कई मुद्दों पर चर्चा की। करीब 24 घंटे दिल्ली में बिताने के बाद जिनपिंग वापस चीन पहुंच गए हैं।
डिफेंस मिनस्ट्री की सालाना रिपोर्ट में क्या है, बड़ी बातें
- भारत और चीन के बीच प्रगाढ़ हो रहे रिश्तों के बीच ही भारतीय रक्षा मंत्रालय की रिपोर्ट आई है।
- वित्त वर्ष 2025-26 की इस रिपोर्ट में कहा गया है कि साल 2025 में उत्तरी सीमाओं के सामने पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) की सेनाओं की तैनाती में काफी कमी देखी गई।
- इसमें LAC के साथ वाले इलाकों और पारंपरिक ट्रेनिंग इलाकों में 10-10 'कंबाइंड आर्म्स ब्रिगेड' आकार की सेनाएं तैनात थीं।
- इसका मतलब है कि लद्दाख से अरुणाचल प्रदेश तक फैली LAC पर लगभग 45,000-50,000 चीनी सैनिक थे, और इतनी ही संख्या पारंपरिक ट्रेनिंग इलाकों में भी थी।
- रिपोर्ट के मुताबिक, पीपुल्स लिबरेशन आर्मी की 10 अतिरिक्त ब्रिगेड उसके पारंपरिक ट्रेनिंग इलाकों में तैनात हैं।
2020 में टकराव, तक लद्दाख सीमा पर तैनात थे 60000 चीन सैनिक: रिपोर्ट
हालांकि MoD की यह रिपोर्ट इस महीने जारी की गई है, लेकिन इसे अरुणाचल प्रदेश में सीमा पर मौजूदा तनाव के दौर से पहले तैयार किया गया था। उस तनाव के कारण अतिरिक्त सैनिकों को आगे के इलाकों में तैनात करना पड़ा था। 2020 के सीमा संकट के दौरान, लद्दाख सीमा पर लगभग 60,000 चीनी सैनिक तैनात थे। रिपोर्ट में भारतीय तैनाती का जिक्र नहीं है।
अरुणाचल में टकराव के बाद कितने बदले हालात
सालाना रिपोर्ट में अरुणाचल की स्थिति का खास तौर पर जिक्र नहीं है, लेकिन कहा गया है कि LAC के सभी सेक्टरों में भारतीय सेना की तैनाती मजबूत और अच्छी स्थिति में है, और वह किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार है। रिपोर्ट को अंतिम रूप दिए जाने के बाद के महीनों में, अरुणाचल के कम से कम दो इलाकों में सीमा पर तनाव हुआ है, जिसके चलते आगे तैनात सैनिकों की संख्या में भी बढ़ोतरी हुई है।
लगातार जारी है बॉर्डर पर्सनल मीटिंग्स
तनाव के बाद स्पेशल रिप्रेजेंटेटिव (विशेष प्रतिनिधि) स्तर की बातचीत हुई, और उसके बाद मतभेदों को सुलझाने के लिए इस महीने की शुरुआत में कोर कमांडर स्तर की बैठक हुई। रिपोर्ट में कहा गया है कि जमीनी स्तर पर, टकराव के मुद्दों को सुलझाने के लिए सभी सेक्टरों में PLA के साथ सौहार्दपूर्ण और दोस्ताना माहौल में 'बॉर्डर पर्सनल मीटिंग्स' (सीमा कर्मियों की बैठकें) जारी हैं।
ऑपरेशन सिंदूर पर रिपोर्ट में क्या है?
'ऑपरेशन सिंदूर' पर बनी रिपोर्ट में भारतीय सशस्त्र बलों के सफल हमलों का जिक्र है, जिन्होंने पाकिस्तान में मौजूद आतंकवादी बुनियादी ढांचे को नष्ट किया और वहां की सेना को भारी नुकसान पहुंचाया। हालांकि, रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि ऑपरेशन के दौरान ड्रोन और एंटी-ड्रोन उत्पाद उपलब्ध कराने में भारतीय उद्योग की क्षमता में कमी थी, जिसे अब तेजी से विकास करके दूर किया जा रहा है।
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