15 साल की उम्र में नहीं मिलनी चाहिए इतनी चकाचौंध, दिग्गज ने कहा- वैभव सूर्यवंशी को घर जाकर गली क्रिकेट खेलना चाहिए

Updated on 01-07-2026
नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट जगत में इन दिनों 15 वर्षीय बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को लेकर जबरदस्त हाइप है। उन्हें भारतीय टी20 टीम में शामिल तो कर लिया गया है लेकिन कप्तान श्रेयस अय्यर और कोच गौतम गंभीर ने उन्हें अब तक प्लेइंग इलेवन में मौका नहीं दिया है। जहां एक तरफ फैंस उन्हें मैदान पर देखने के लिए बेताब हैं लेकिन अभी तक उनके डेब्यू को लेकर कुछ खास बात मैनेजमेंट की ओर से सामने नहीं आई है।

वैभव सूर्यवंशी को लेकर जताई चिंता

दक्षिण अफ्रीका के पूर्व दिग्गज बल्लेबाज डेरिल कलिनन ने इस जल्दबाजी पर चिंता जताई है। कलिनन का मानना है कि इतनी कम उम्र में वैभव को अत्यधिक लाइमलाइट में धकेलना उनके क्रिकेट करियर और व्यक्तिगत विकास दोनों के लिए भारी नुकसानदेह साबित हो सकता है। कलिनन ने इस बात पर जोर दिया है कि वैभव महज एक प्रतिभावान खिलाड़ी नहीं बल्कि एक बच्चे हैं। आज का भारतीय क्रिकेट और आईपीएल का माहौल बहुत अजीब है। ऐसे में एक 15 साल के बच्चे को करोड़ों लोगों की उम्मीदों और आलोचनाओं के सीधे संपर्क में लाना जोखिम भरा है। पूर्व क्रिकेटर के मुताबिक, जिस उम्र में वैभव को अपनी पढ़ाई पर ध्यान देना चाहिए और दोस्तों के साथ गली क्रिकेट खेलना चाहिए उस उम्र में उन पर एक लेजेंड बनने का दबाव डाला जा रहा है जिससे उनका बचपन कहीं खो सकता है।

सचिन तेंदुलकर से तुलना को बताया गलत

इतिहास गवाह है कि भारतीय क्रिकेट में पृथ्वी शॉ जैसे कई युवा सितारे आए जो शुरुआती धमाकेदार प्रदर्शन के बाद गुमनामी में खो गए। हालांकि, वैभव की तुलना सीधे 14 साल की उम्र में सुर्खियां बटोरने वाले सचिन तेंदुलकर से की जा रही है। कलिनन का कहना है कि इतनी कम उम्र में मिली शोहरत वैभव की पहचान को एक सीमित दायरे में बांध देगी। इसके बाद उनकी हर गलती, उनका हर खराब फॉर्म और उनके बड़े होने की सामान्य प्रक्रिया कैमरे की नजरों में होगी जिससे उन पर मानसिक दबाव बेहद बढ़ जाएगा।कलिनन ने सलाह दी है कि अगले तीन साल वैभव के क्रिकेट के लिए नहीं, बल्कि उनके खुद के विकास के लिए होने चाहिए। उन्हें एक ऐसा सुरक्षित माहौल मिलना चाहिए जहां वे बिना किसी कैमरे के दबाव के खेल सकें, गलतियां कर सकें और अपने परिवार के बीच सामान्य जीवन जी सकें। उन्होंने उम्मीद जताई कि वैभव का करियर लंबा चले और वे 25 साल की उम्र में थकने के बजाय 40 साल की उम्र तक देश के लिए खेलें।

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