भारत-अजरबैजान दोस्‍ती से भड़के पाकिस्तानी, जयशंकर से मुलाकात पर तीखी प्रतिक्रियाएं, JF-17 पर चेताया

Updated on 24-10-2026
बाकू: 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान अजरबैजान पाकिस्तान के पक्ष में खड़ा हुआ था और उसके करीब डेढ़ साल बात भारत और अजरबैजान नये सिरे से रिश्ते को शुरू करना चाहते हैं। इसी मकसद के साथ पहले पीएम मोदी और अजरबैजान के राष्ट्रपति की दुशांबे में एससीओ शिखर सम्मेलन के दौरान मुलाकात हुई थी और उसे आगे बढ़ाते हुए भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बाकू का दौरा किया है। बाकू में जयशंकर से अजरबैजान के राष्ट्रपति इल्हाम अलीयेव ने मुलाकात की और दोनों देशों ने शीर्ष नेताओं के दौरे को लेकर बात की है।

शुक्रवार को एक दिन के दौरे पर बाकू पहुंचे जयशंकर ने अजरबैजान के विदेश मंत्री जेहुन बायरामोव के साथ हुई अपनी बातचीत को 'बहुत सार्थक' बताया। उन्होंने कहा कि इस बातचीत से दोनों देशों के बीच संबंधों को बेहतर बनाने की दिशा तय करने में मदद मिली है। लेकिन भारतीय विदेश मंत्री के इस दौरे ने पाकिस्तानियों को भड़का दिया है। इस्लामाबाद के एक्सपर्ट इस मुलाकात पर तीखी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।

भारत-अजरबैजान में बातचीत से भड़के पाकिस्तानी

पाकिस्तानी एक्सपर्ट अहमत खान ने लिखा है 'अजरबैजान ने अपनी विदेश नीति में पूरी तरह से यूटर्न ले लिया है। अब आप ऐसे देशों को आमंत्रित कर रहे हैं जो आपके 'भाई' देशों के विरोधी हैं। यहां तक कि आपके दुश्मन देश भी हैं। तुर्की, जो आपका एक 'भाई' देश है उसने हिजाब प्रतिबंध के मामले में आपके आंतरिक मामलों में कोई दखल नहीं दिया फिर भी आप इस तरह का शत्रुतापूर्ण रवैया अपना रहे हैं। अभी बता दीजिए कि आप किस दिशा में जा रहे हैं, ताकि हम भी उसी हिसाब से कदम उठा सकें।'
उन्होंने आगे लिखा है 'यह ध्यान रखें कि आप किस देश को आमंत्रित कर रहे हैं। याद रखें ईरान ने एक रणनीतिक समझौता किया था और फिर आपके नौसैनिक जहाज के कोऑर्डिनेट्स (ठिकाने की जानकारी) इजरायल को सौंप दिए, जिसके कारण वह जहाज डूब गया। असल में अजरबैजान ने इजरायल को 'भाई' देश घोषित कर दिया है लेकिन आपके मुश्किल समय में तुर्की और पाकिस्तान के अलावा कोई भी आपके साथ नहीं खड़ा था। और उन पर भी बहुत ज्यादा उम्मीदें न रखें क्योंकि जब आप मुसीबत में होंगे तो शायद आपको सहारा देने वाला कोई कंधा भी न मिले।' उन्होंने लिखा है कि पाकिस्तान को अपने JF-17 लड़ाकू विमान को लेकर सावधान रहना चाहिए कि कहीं उसकी जानकारी अजरबैजान, इजरायल को ना दे दे।
इसके अलावा अमेरिका में रहने वाले पाकिस्तानी मूल के पत्रकार डॉ. अहमद शाहिदोव ने लिखा है 'अज़रबैजान के विदेश मंत्री जेहुन बायरामोव ने आज बाकू में भारत के विदेश मंत्री डॉ. सुब्रह्मण्यम जयशंकर से मुलाकात की। पाकिस्तान हमारा भाई है! कश्मीर पाकिस्तान है!'

भारत-अजरबैजान कर रहे दोस्ती की शुरूआत?

अजरबैजान और तुर्की के संबंधों में हल्की सी खटास उस वक्त आई जब स्कूली छात्राओं के हिजाब प्रतिबंध पर तुर्की की तरफ से तीखी प्रतिक्रियाएं दी गई हैं। वहीं भारत और अजरबैजानी नेताओं की बातचीत में 'नॉर्थ-साउथ ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर' का जिक्र आया है जो 7,200 किलोमीटर लंबा एक मल्टी-मोड ट्रांसपोर्ट प्रोजेक्ट है जिसका इस्तेमाल भारत, ईरान, अफगानिस्तान, आर्मेनिया, अजरबैजान, रूस, मध्य एशिया और यूरोप के बीच माल की ढुलाई के लिए किया जाता है।
विदेश मंत्री ने आगे कहा 'हम दोनों 'इंटरनेशनल नॉर्थ-साउथ ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर' (INSTC) से जुड़े हुए हैं। यह हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण है। आज हमने सहमति जताई है कि हम इस संबंध में और अधिक करीबी तालमेल बिठाएंगे।' इस बीच अजरबैजानी विदेश मंत्री बायरामोव ने कहा कि अजरबैजान-भारत संबंधों की मौजूदा स्थिति और भविष्य की संभावनाओं पर चर्चा करने के लिए जयशंकर का स्वागत करके उन्हें बहुत खुशी हुई।

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