A PHP Error was encountered

Severity: Notice

Message: Undefined variable: description

Filename: views/header.php

Line Number: 9

" />
"> मध्यप्रदेश
"> देश
"> विदेश

'लोग मुझे दफनाने की तैयारी कर रहे', ममूटी की हीरोइन ने वीडियो शेयर कर सुनाई आपबीती, कहा- मैं जिंदा हूं

Updated on 02-06-2026
मलयालम फिल्‍मों की पॉपुलर एक्‍ट्रेस और टीवी होस्‍ट ज्वेल मैरी ने वीडियो शेयर किया है। इसमें उन्‍होंने उन दावों और अफवाहों का खंडन किया है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि कैंसर से उनकी मौत हो गई। मेगास्‍टार ममूटी के साथ 'यूटोपियायिल राजावु' और 'पाथेमारी' जैसी फिल्‍मों में नजर आ चुकीं 35 साल की ज्वेल मैरी का यह वीडियो ऐसे समय में आया है, जब सोशल मीडिया पर बीते दिनों उनको लेकर बेबुनियाद दावे किए गए। कहा गया कि एक्‍ट्रेस की मौत हो गई है। यही नहीं, उनके 'अंतिम संस्‍कार' के कार्ड भी खूब सर्कुलेट हुए। अब ज्वेल मैरी ने कैंसर की वजह से 'आवाज खो देने' और 'गंभीर हालत' में होने की अफवाह फैलाने वालों पर कड़ा रुख अपनाया है। उन्‍होंने वीडियो में साफ-साफ बताया है कि वह पूरी तरह से स्वस्थ हैं और अपनी जिंदगी का आनंद ले रही हैं।

ज्वेल मैरी ने इंस्‍टाग्राम पर एक सेल्‍फी वीडियो शेयर किया है, जिसमें वह ट्रेडमिल पर कसरत करती हुई नजर आ रही हैं। वह बताती हैं कि करीब तीन साल पहले एक पुराने इवेंट में दिए गए उनके बयानों को गलत तरीके से पेश किया गया।

'कुछ लोगों ने मेरे अंतिम संस्‍कार के कार्ड भी छाप द‍िए'

इंस्टाग्राम वीडियो में ज्वेल मैरी कहती हैं, 'मैं यह वीडियो इसलिए शेयर कर रही हूं ताकि आप सभी को वह सच बता सकूं जो पिछले दो दिनों से मेरे संज्ञान में आया है। दोस्तों, मैं मरी नहीं हूं, मैं मरी नहीं हूं! पिछले दो दिनों में, कुछ लोगों ने मुझे ‘मार’ डाला है और यहां तक कि मेरे ‘अंतिम संस्कार के कार्ड’ भी छाप दिए हैं। वे दावा कर रहे हैं कि मैंने अपनी आवाज खो दी है। मैं अपनी मौत की सेज पर हूं और मैं हिल-डुल भी नहीं पा रही हूं। लेकिन मैं आपको बता दूं, मेरा अंत अभी नहीं हुआ है!'

ज्वेल मैरी बोलीं- मेरे पुराने बयानों का गलत इस्‍तेमाल कर रहे

एक्‍ट्रेस ने इसके साथ ही यह भी याद दिलाया कि साल 2023 में ‘केरल कैन’ नाम के एक पहल के दौरान एक सभा को संबोधित किया था। वहां उन्‍होंने कैंसर के साथ अपनी लड़ाई के बारे में बात की थी। ज्वेल मैरी कहती हैं कि उस इवेंट में दिए गए उनके भाषण का कुछ लोग बेबुनियाद दावे फैलाने के लिए गलत इस्तेमाल कर रहे हैं। एक्‍ट्रेस ने कहा, 'उस समय कही गई मेरी बातों को तोड़-मरोड़कर और गुमराह करने वाले कैप्शन का इस्तेमाल करके यह जताने की कोशिश कर रहे हैं कि अभी मेरी हालत वैसी ही है। जो लोग मुझे ‘दफनाने’ की तैयारी कर रहे हैं, मैं उन्हें बता दूं कि मेरे अंतिम संस्कार की चाय अभी कहीं भी परोसी जाने के लिए तैयार नहीं है! मैं मरी नहीं हूं। मैं यहीं हूं, पूरी तरह से जिंदा और खुश हूं। इसलिए, आप लोग फिलहाल के लिए उस खबर को भूल जाइए।'

'लोग मुझे फोन कर रहे, परेशान हो रहे हैं'

वीडियो में आगे वह बताती हैं कि उनसे प्यार करने वाले कई लोग ऐसी खबरों को लेकर परेशान हो रहे हैं। वे उन्हें फोन करके पूछ रहे हैं कि उन्हें क्या हुआ है। वह कहती हैं, 'मुझे कुछ नहीं हुआ है। मैं खुश हूं! इसलिए, आप सभी भी खुश रहिए।'

ज्वेल मैरी हेल्‍थ अपडेट, कैंसर से लड़ाई की कहानी

इससे पहले एक इंटरव्‍यू में ज्वेल मैरी ने कैंसर से अपनी जंग को याद करते हुए जरूरी जानकारी साझा की थी। धन्या वर्मा के साथ एक इंटरव्यू में उन्‍होंने बताया था, 'मैं एक दिन रूटीन चेक-अप के लिए गई थी। मुझे कोई और समस्या नहीं थी। जब मैं खांसती थी, तो बहुत ज्यादा कफ निकलता था। मैं हमेशा अपना गला साफ करती रहती थी। मैं एक प्रेजेंटर भी हूं, इसलिए मुझे हर समय अपनी आवाज का इस्तेमाल करना पड़ता है। मुझे लगा कि यही मेरी समस्या है। लेकिन यह जानने के बाद, डॉक्टर ने मुझे स्कैन करवाने की सलाह दी। जब नतीजे आए, तो एहसास हुआ कि सब ठीक नहीं है।'

दूसरी बायोप्‍सी के र‍िजल्‍ट में हुई पुष्‍ट‍ि

ज्वेल मैरी खुद भी BSc नर्सिंग की पढ़ाई कर चुकी हैं। वह बताती हैं, 'मेरे पैर ठंडे पड़ने लगे। मेरे चेहरे के हाव-भाव बदलने लगे। उन्होंने कहा कि वे बायोप्सी करेंगे। मेरा पैर हिल नहीं रहा था। वे जम से गए थे। डर के मारे मैंने मना कर दिया। उन्होंने मुझसे कहा कि ऐसा मत कहो, यह करना ही पड़ेगा। डॉक्टर ने इशारा किया था कि यह कैंसर हो सकता है। बायोप्सी के नतीजे आने में 15 दिन लगेंगे। उसके बाद ही इसकी पुष्टि करनी होगी। एक और बायोप्सी की गई। इस पूरे समय मैंने अपने परिवार के सामने जरा भी डर नहीं दिखाया। मैं उनके सामने मजबूती से खड़ी रही। जब दूसरा नतीजा आया, तो मुझे पता चल गया कि मैं मुश्किल में हूं।'

सात घंटे लंबी सर्जरी, हर छह महीने पर चेकअप

एक्‍ट्रेस ने बताया कि आखिरकार में सात घंटे लंबी सर्जरी हुई थी, जिसके बाद उनकी आवाज पूरी तरह चली गई। इलाज में छह महीने लगे। उनका बायां हाथ कमजोर पड़ने लगा। वह कोई भी काम नहीं कर पा रही थीं। फ‍िजियो थेरेपी चली। छह महीने बाद जब वह रिव्यू के लिए डॉक्टर के पास गईं, तो खुशखबरी मिली। डॉक्‍टर ने कहा, ‘बधाई हो, आप कैंसर से मुक्त हैं।’ हालांकि, अब वह डॉक्‍टर के कहने पर हर छह महीने में मेडिकल रिव्यू के लिए जाती हैं।

ज्वेल मैरी कौन हैं?

ज्वेल मैरी को मलयालम हिट रियलिटी शो ‘D4 Dance’ को को-होस्ट करने के कारण पॉपुलैरिटी मिली थी। इसके बाद वह मॉलीवुड पहुंचीं। उन्होंने मलयालम के मेगास्टार ममूटी के साथ लगातार दो फ‍िल्मों 'यूटोपियायिल राजावु' और 'पाथेमारी' में लीड रोल किया। इसके अलावा वह 'ओरे मुखम', 'थ्रिसिवपेरूर क्लिप्थम', 'अन्नादुराई', 'नजन मैरीकुट्टी', 'मामनिथन', 'पाप्पन', 'क्षणिकम', 'एंटनी' और 'ए रंजीत सिनेमा' जैसी फ‍िल्मों में भी नजर आईं। उन्‍हें पिछली बार पर्दे पर ‘गेट सेट बेबी’ में देखा गया था।


अन्य महत्वपुर्ण खबरें