आखिर किस दिशा में जा रहा देश एक तरफ भूंख महंगाई बेरोजगारी से देश कराह रहा वही दूसरी ओर नेताओं के दल बदलने की खबरों के अलावा कुछ दिख नहीं रहा मीडिया में।जब शिवराज थे तो सब बोले खराब है कमलनाथ अच्छे जब कमलनाथ कमल के होने की बात फैलाकर नपती ले रहे कि कौन कौन साथ रहेगा तो लोग कहने लगे शिवराज ही अच्छे थे।आखिर राजनीति एक अखाड़ा बना दिया जहाँ लोकतंत्र की हत्या की जाती दावपेंच से।क्योंकि लोकतांत्रिक व्यवस्था के चलते जनता से वोट लेते और जनप्रतिनिधियों द्वारा अपना दल बदलने की जुगाड़ करने बाजार में बैठ जाते लगाओ बोली।मतलब इनका कोई ईमान होता है या उन्ही की तरह बिकते है।।
कांग्रेस को जो आज कम आंकलन करके कह रहे खत्म हो गई ये न भूले पंजा निशान पर मुहर लगाने वालों की कमी नहीं है।वोट प्रतिशत उठाकर देख लो वो अलग बात है कि सरकार बना लेती है भाजपा।कमलनाथ कांग्रेस छोड़ दे न छोड़े कोई फर्क नहीं पड़ने वाला पार्टी को।।