आर माधवन ने कोरोना के दौरान बेटे के करियर के लिए दुबई शिफ्ट होने का फैसला लिया। इसके पीछे की वजह उनके बेटे वेदांत की स्विमिंग ट्रेनिंग थी। एक्टर ने बेटे को अच्छी ट्रेनिंग का अवसर प्रदान करने के लिए दुबई में कदम रखा, जो तब से एक होनहार तैराक के रूप में उभरे हैं। वेदांत एशियाई खेलों से पहले भारतीय दल के साथ अहमदाबाद में ट्रेनिंग ले रहे हैं । माधवन का मानना है कि अगर परिवार ने बेटे के करियर के इस अहम मोड़ पर दुबई में कदम नहीं रखा होता तो उनके बेटे का सफर शायद एक अलग मोड़ ले लेता।हालांकि, माधवनका मानना है कि वेदांत की पहचान उनके पिता की पॉप्युलैरिटी से भी प्रभावित है। एक्टर ने हाल ही में स्वीकार किया कि भारत में कई तैराक उनसे अधिक टैलेंटेड हो सकते हैं, लेकिन उन्हें उस लेवल पर ध्यान नहीं दिया जाता। माधवन ने 'बिहाइंडवुड्स टीवी' को दिए एक इंटरव्यू में कहा, 'वेदांत के साथ-साथ भारत में कई ऐसे स्विमर हैं जो उनसे भी बेहतर हैं। लेकिन क्योंकि वे मेरे बेटे नहीं हैं, इसलिए उन्हें उतनी पॉप्युलैरिटी नहीं मिलती। ''स्टारडम बहुत खतरनाक चीज है, मेरे दोस्त'
उन्होंने आगे कहा, 'मैं जहां भी जाता हूं, लोग उसके बारे में बात करते हैं क्योंकि वह मेरा बेटा है। मैंने उससे सिर्फ एक बात कही- स्टारडम बहुत खतरनाक चीज है, मेरे दोस्त। तुम्हें यह बहुत कम उम्र में मिल गया है। इसे संभालना सीखो क्योंकि यह आता-जाता रहता है और मानसिक शांति प्रभावित नहीं होनी चाहिए।'
'तो उनका शरीर कभी भी इंटरनैशनल लेवल के लिए तैयार नहीं होता'
एक एथलीट के ग्रोथ में समय की अहमियत को समझाते हुए, माधवन ने कहा कि टीनेज के दौरान एक महत्वपूर्ण चरण होता है जब युवा स्विमर्स को अंतरराष्ट्रीय मानकों तक पहुंचने के लिए लगातार ट्रेनिंग की आवश्यकता होती है। एक्टर ने कहा, 'एक बच्चे को अंतरराष्ट्रीय एथलीट बनने के लिए, एक ग्रोथ की तेज गति का दौर होता है। टीनेज के दौरान, 10 से 17 वर्ष की आयु के बीच, अचानक आप देखते हैं कि एक बच्चा एक महीने में 3 इंच बढ़ जाता है! इसे ही विकास की तेज गति कहते हैं। यदि वे उस दौरान कड़ी मेहनत से ट्रेनिंग नहीं लेते हैं तो उनका शरीर कभी भी इंटरनैशनल लेवल के लिए तैयार नहीं होता।'
प्राइवेट पूल और गोवा की सुविधाओं में ट्रेनिंग जैसे ऑप्शन
वेदांत तब 14 साल के थे और 2020 में कोविड-19 महामारी के दौरान स्विमिंग जैसे एक्टिविटीज ठप्प हो गई थी। पब्लिक स्विमिंग पूल लंबे समय तक बंद रहे। माधवन ने प्राइवेट पूल और गोवा की सुविधाओं में ट्रेनिंग जैसे ऑप्शन आजमाए।इसलिए उन्होंने वहीं रहने का फैसला किया
माधवन ने बताया कि चूंकि भारतीय नैशनल टीम दुबई में ट्रेनिंग ले रही थीं, इसलिए उन्होंने वहीं रहने का फैसला किया, जिससे वेदांत अगले दो साल तक अपना ट्रेनिंग जारी रख सके।
आपको सुबह 5:00 से 7:00 बजे तक तैरने के लिए पूल में होना चाहिए
माधवन ने हमेशा अपने बेटे की इच्छा को सपोर्ट किया है। उन्होंने कहा, 'मैं माता-पिता को एक जरूरी बात बताना चाहता हूं। आज के समय में, मुझे नहीं पता कि केवल पढ़ाई कितनी जरूरी है, लेकिन माता-पिता को यह देखना चाहिए कि क्या बच्चे में कम उम्र से ही दृढ़ता है और उनकी मदद करनी चाहिए।' उन्होंने कहा, 'मैंने वेदांत को कई खेलों में डाला, लेकिन स्विमिंग में दुनिया भर का एक मुख्य नियम हैं, चाहे कुछ भी हो जाए, आपको सुबह 5:30 बजे पूल में होना ही चाहिए। मौसम कैसा भी हो,ग्लोबल रूल यह है कि आपको सुबह 5:00 से 7:00 बजे तक तैरने के लिए और शाम को 5:00 से 7:00 बजे तक, बीच-बीच में पूल में होना चाहिए। मुझे उसे स्विमिंग के लिए कभी जगाने की जरूरत नहीं पड़ी, वह सुबह 4:30 बजे मेरे कमरे में तैयार रहता था। '