रूस का कमाल, दुनिया के सबसे बड़े युद्धपोत पर तैनात किया 'उड़ता रडार', S-400 को मिलेगी आंख

Updated on 30-07-2026
मास्‍को: यूक्रेन से जंग के बीच रूस दुनिया के सबसे बड़े और सबसे ज्‍यादा हथियारों से लैस युद्धपोत Admiral Nakhimov पर 3 Ka-31 एयरबॉर्न अर्ली वार्निंग हेलिकॉप्‍टर तैनात कर सकता है। रूसी नौसेना ने इस बात की पुष्टि की है कि साल 2026 में एडमिरल नाखिमोव युद्धपोत को फिर से शामिल किया जाएगा। यह युद्धपोत परमाणु ऊर्जा से चलता है। एडमिरल नाखिमोव को मिली इस नई बेमिसाल अत्‍याधुनिक ताकत ने दुनिया का ध्‍यान खींचा है। यह जहाज परमाणु ऊर्जा से चलने की वजह से दुनिया में सबसे लंबी दूरी तक सफर कर सकता है। यह युद्धपोत दुनिया के सबसे तेज चलने वाले जहाजों में शामिल है।

एडमिरल नाखिमोव युद्धपोत दुनिया का सबसे ज्‍यादा हथियारों से लैस युद्धपोत है। इसमें एस 400 की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलें लांच करने के लिए 96 वर्टिकल लांच सेल हैं। इसके अलावा 80 से ज्‍यादा क्रूज मिसाइलें भी इस पर तैनात हैं जिसमें जिरकॉन हाइपरसोनिक मिसाइल शामिल है। अपनी मिसाइल और सेंसर की बेजोड़ ताकत के साथ एडमिरल नाखिमोव पर सतह पर चलने वाले किसी युद्धक जहाज की तुलना में सबसे ज्‍यादा एयर विंग तैनात किया जाएगा।

एस- 400 एयर ड‍िफेंस स‍िस्‍टम को म‍िलेगी आंख


म‍िल‍िट्री वॉच मैगजीन की रिपोर्ट के मुताबिक रूस की योजना है कि एडमिरल नाखिमोव पर उड़ते रडार कहे जाने वाले Ka-31 एयरबॉर्न अली वार्निंग एंड कंट्रोल या अवाक्‍स सिस्‍टम को तैनात किया जाए। इससे इस युद्धपोत का रडार कवरेज बढ़ जाएगा और एस 400 एयर डिफेंस सिस्‍टम तथा जिरकॉन मिसाइल को सपोर्ट मिलेगा। रूसी नौसेना का कहना है कि यह युद्धपोत न केवल फायर पावर को बढ़ाकर वापस आएगा बल्कि उसकी हवा में निगरानी की क्षमता काफी बढ़ जाएगी।

रिपोर्ट के मुताबिक एडमिरल नाखिमोव पर 3 Ka-31 हेलिकॉप्‍टर तैनात किए जाएंगे। Ka-31 दुनिया के उन चुनिंदा खास एयरबॉर्न अली वार्निंग हेलिकॉप्‍टरों में शामिल है जो नौसेना के लिए बनाए गए हैं। ये हेलिकॉप्‍टर बहुत लंबी दूरी तक रडार कवरेज देने में माहिर हैं। यह विमान मुड़ने वाले एंटेना से लैस है। यह रडार फाइटर जेट और क्रूज मिसाइलों को 150 क‍िमी की दूरी से पहचान कर लेता है। इसके अलावा बड़े व‍िमानों को इससे भी ज्‍यादा दूरी से ट्रैक किया जा सकता है। Ka-31 हेल‍िकॉप्‍टर से मिले डेटा को सीधे एडमिरल नाखिमोव कमांड सेंटर या मिग 31बी फाइटर जेट को भेजा जा सकता है। खतरे की पहचान जल्‍दी हो जाने के कारण एस 400 सिस्‍टम और ज‍िरकॉन मिसाइल भी लक्ष्‍य का पहचान करके उसे बहुत तेजी से तबाह कर सकते हैं।

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