सिंगापुर, UAE, हांगकांग, मॉरीशस और चीन... भारत से चुपचाप निकल गए 1.29 लाख करोड़, किसने भेजे?

Updated on 20-08-2026
नई दिल्ली: इनकम टैक्स विभाग ने पैसे विदेश भेजने वाले एक बड़े मामले का भंडाफोड़ किया है। इसमें 6,422 नई संस्थाओं को लिप्त पाया गया है जिन्होंने कुल मिलाकर 1.29 लाख करोड़ रुपये विदेश भेजे। इस मामले में 394 फर्मों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की गई है और कंपनियों तथा व्यक्तियों के एक बड़े नेटवर्क की जांच की जा रही है। यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब रुपया भारी दबाव में है। रुपये की गिरावट को रोकने के लिए RBI को विदेशी मुद्रा बाजार में डॉलर बेचकर लगातार दखल देना पड़ रहा है।

ईटी की एक रिपोर्ट के मुताबिक जांच में पाया गया है कि पैसे का एक बड़ा हिस्सा कुछ खास देशों को भेजा गया। सिंगापुर, यूएई, हांगकांग, मॉरिशस और चीन में कुल रेमिटेंस का 72.3% हिस्सा भेजा गया। सिंगापुर में सबसे ज्यादा 41,885 करोड़ रुपये भेजे गए। UAE में 18,331 करोड़ रुपये और हांगकांग में 18,064 करोड़ रुपये भेजे गए।

क्यों बढ़ी विभाग की चिंता?

एक सीनियर अधिकारी ने कि यह एक बहुत बड़ा मामला और बड़े पैमाने पर किया गया ऑपरेशन है। जांच अभी चल रही है। इस मामले में शामिल संस्थाओं के काम करने का तरीका कुछ दिनों बाद ही सामने आ पाएगा। उन्होंने और कोई जानकारी नहीं दी। रेवेन्यू विभाग के बड़े अधिकारी भी इस जांच पर बारीकी से नजर रख रहे हैं।

जांच में विदेशी पते वाली संस्थाओं के बीच पैसे के लेन-देन का एक खास पैटर्न भी सामने आया है। कुल 83 ऐसी संस्थाओं ने 36,175 करोड़ रुपये विदेश भेजे। उनकी ओनरशिप, बिजनेस एक्टिविटी और लेन-देन की बारीकी से जांच की जा रही है। इस दौरान जिस तेजी से पैसे विदेश भेजे गए, उसने विभाग की चिंता बढ़ा दी है। वित्त वर्ष 2026 की पहली छमाही में 43,048 करोड़ रुपये विदेश भेजे गए, जो वित्त वर्ष 2025 के पूरे साल के आंकड़े का 78% है।

एक अधिकारी ने कहा कि इस जांच ने इस बात पर फिर से ध्यान खींचा है कि कैसे कॉर्पोरेट स्ट्रक्चर और क्रॉस-बॉर्डर ट्रांजैक्शन का इस्तेमाल भारत से फंड बाहर भेजने के लिए किया जा रहा है। यह सब ऐसे समय हो रहा है जब आरबीआई डॉलर लिक्विडिटी और करेंसी में उतार-चढ़ाव को मैनेज करने के लिए एक्टिव है।

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