बेमेतरा । छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग के 10वें प्रांतीय सम्मेलन में बिलासपुर के कवि एवं डेटा साइंटिस्ट डॉ. अंकुर शुक्ला ‘खावर’ को छत्तीसगढ़ी भाषा को आधुनिक तकनीक से जोड़ने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों के लिए सम्मानित किया गया। सम्मेलन में उनके द्वारा कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) की सहायता से तैयार ‘छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग का गीत एवं गान’ की विशेष प्रस्तुति भी दी गई।
बेमेतरा में 26-27 सितंबर को आयोजित दो दिवसीय सम्मेलन के विशेष सत्र ‘सोशल मीडिया, प्रिंट मीडिया अउ AI म छत्तीसगढ़ी’ में डॉ. शुक्ला ने भाषा और तकनीक के बदलते संबंधों पर अपना शोधपरक दृष्टिकोण रखा। उन्होंने बताया कि AI और डिजिटल तकनीक के माध्यम से छत्तीसगढ़ी भाषा के साहित्य, लोक-अभिव्यक्तियों, शब्द-संपदा और सांस्कृतिक विरासत को नए डिजिटल माध्यमों में संरक्षित और व्यापक स्तर पर प्रसारित किया जा सकता है।
AI से तैयार गीत एवं गान की विशेष प्रस्तुति
डॉ. शुक्ला द्वारा AI की सहायता से तैयार राजभाषा आयोग के गीत एवं गान की प्रस्तुति सम्मेलन में आकर्षण का प्रमुख केंद्र रही। इसके माध्यम से उन्होंने यह दिखाने का प्रयास किया कि क्षेत्रीय भाषाओं में रचनात्मक अभिव्यक्ति, दस्तावेजीकरण और डिजिटल अभिलेखीकरण के लिए नई तकनीकों का उपयोग किस प्रकार किया जा सकता है।
सम्मेलन में भाषा संरक्षण के साथ तकनीकी नवाचार के इस प्रयोग को लेकर चर्चा हुई। वक्ताओं ने क्षेत्रीय भाषाओं की मौखिक परंपराओं, स्थानीय शब्द-संपदा और साहित्य को डिजिटल स्वरूप में संरक्षित करने की संभावनाओं पर भी विचार रखा।
कवि के साथ डेटा साइंस विशेषज्ञ भी हैं डॉ. शुक्ला
डॉ. अंकुर शुक्ला प्रबंधन में PhD तथा IIM कोझिकोड से प्रशिक्षित डेटा साइंस विशेषज्ञ हैं। वे वर्तमान में ExonBot Services के CEO के रूप में कार्यरत हैं। तकनीकी क्षेत्र में अपनी विशेषज्ञता के साथ-साथ वे ‘खावर’ उपनाम से हिंदी की ‘नई कविता’ तथा उर्दू ग़ज़ल-नज़्म के रचनाकार के रूप में भी सक्रिय हैं।
छत्तीसगढ़ी भाषा को AI, डेटा साइंस और भाषा-प्रौद्योगिकी से जोड़ने की दिशा में डॉ. शुक्ला के प्रयासों को सम्मेलन में विशेष रूप से रेखांकित किया गया। इसी क्रम में उन्हें सम्मानित किया गया।
राजभाषा आयोग का यह सम्मेलन छत्तीसगढ़ी भाषा, साहित्य और लोक-संस्कृति के साथ आधुनिक तकनीक की संभावनाओं पर संवाद का मंच बना, जिसमें भाषा संरक्षण और डिजिटल भविष्य को लेकर विभिन्न विचार सामने आए।