इंग्लैंड का हेड कोच बनते ही स्टीफन फ्लेमिंग को मिली चेतावनी, पूर्व कप्तान ने कहा- उनके पास धोनी नहीं होंगे

Updated on 31-07-2026
नई दिल्ली: इंग्लैंड ने न्यूजीलैंड के पूर्व कप्तान स्टीफन फ्लेमिंग को इंग्लैंड टेस्ट टीम के नए हेड कोच के रूप में नियुक्त किया है। वह हेड कोच के रूप में अपने पुराने साथी और न्यूजीलैंड के पूर्व कप्तान ब्रेंडन मैकुलम की जगह लेंगे। मैकुलम ने न्यूजीलैंड के खिलाफ ही इंग्लैंड को घरेलू सीरीज में 2-1 से मिली हार के बाद कोच पद से इस्तीफा दे दिया था। वहीं बेन स्टोक्स के संन्यास के बाद जो रूट को कप्तानी की जिम्मेदारी मिली है।

माइकल वॉन ने सवाल खड़े किए

इंग्लैंड के अगले महीने से पाकिस्तान के खिलाफ इंग्लैंड को टेस्ट सीरीज खेलनी है। फ्लेमिंग उसमें हेड कोच की जिम्मेदारी नहीं संभालेंगे। इस फैसले पर सवाल उठाते हुए माइकल वॉन ने कहा कि फ्लेमिंग को पाकिस्तान सीरीज में भी हेड कोच की जिम्मेदारी संभालनी चाहिए थी। वॉन ने टेलीग्राफ में लिखा, 'स्टीफन फ्लेमिंग को इंग्लैंड का टेस्ट कोच बनाना एक अच्छा फैसला है, लेकिन उन्हें दिसंबर में साउथ अफ्रीका दौरे के लिए पूरी तरह से जिम्मेदारी संभालने के बजाय पाकिस्तान सीरीज की शुरुआत से ही इस पद पर होना चाहिए।'
वॉन ने आगे लिखा- बात छोटी-छोटी चीजों की है। जैसे एजबेस्टन जैसे मैदानों पर जाकर अनुभव हासिल करना जहां एशेज टेस्ट होता है। इंग्लिश क्रिकेट से जुड़े लोगों को जानना और काउंटी कोचों से मिलकर अपने खेल के बारे में जानकारी जुटाना जो उनकी मदद कर सकते हैं। ये वे छोटी-छोटी बातें हैं जिन्हें इंग्लैंड ने ब्रेंडन मैकुलम के दौर में नजरअंदाज कर दिया था, लेकिन बड़ी ट्रॉफी जीतने के लिए इनकी जरूरत होती है।

धोनी जैसा कप्तान नहीं मिलेगा

स्टीफन फ्लेमिंग अभी तक चेन्नई सुपर किंग्स के हेड कोच की भूमिका निभा रहे थे। वह 17 सालों तक फ्रेंचाइजी के साथ रहे। महेंद्र सिंह धोनी के साथ फ्लेमिंग को काफी सफलता मिली। वॉन ने फ्लेमिंग को चेतावनी दी है कि उन्हें धोनी जैसा कप्तान नहीं मिलेगा।वॉन ने लिखा- फ्लेमिंग का बहुत सम्मान किया जाता है। वे एक बेहतरीन मैनेजर और रणनीतिकार के तौर पर जाने जाते हैं। मैंने उन्हें आईपीएल में देखा है। इंग्लिश क्रिकेट में उन्हें एक समस्या यह हो सकती है कि उनके पास कप्तान के तौर पर एमएस धोनी जैसा नहीं होगा। चेन्नई सुपर किंग्स में धोनी टीम को संभालते थे और फ्लेमिंग के पास कुछ बहुत अच्छे बैक-रूम कोच भी थे। एरिक साइमन्स शानदार बॉलिंग कोच थे, जो सफेद गेंद को स्विंग कराने में माहिर थे। उनकी टीम तेज स्पीड के बजाय गेंदबाजी की स्किल पर आधारित थी। मुझे लगता है कि क्या यह इस बात का संकेत है कि इंग्लैंड की टेस्ट टीम में सिर्फ तेज रफ्तार के बजाय गेंदबाजी की स्किल पर ज्यादा ध्यान दिया जाएगा।'

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