सुशासन को धरातल पर उतारने सख्त निर्देश, जनता के काम में लापरवाही पर तय होगी जवाबदेही

Updated on 10-06-2026

सुकमा। जिले में आम जनता की समस्याओं के त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निराकरण के लिए जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। कलेक्टर अमित कुमार की अध्यक्षता में आयोजित समय-सीमा (टीएल) बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि शासन की मंशा के अनुरूप सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूरे किए जाएं। उन्होंने कहा कि जनता के कार्यों में अनावश्यक विलंब होने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।

बैठक में सुशासन तिहार के दौरान प्राप्त आवेदनों के शीघ्र निराकरण पर विशेष जोर दिया गया। कलेक्टर ने राजस्व विभाग के पटवारी, आरआई, तहसीलदार और एसडीएम को सीधे गांवों में जाकर लोगों की समस्याएं सुनने और उनका समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। भूमि सीमांकन, नामांतरण और वनाधिकार पट्टों से जुड़े मामलों के निपटारे के लिए विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर मिशन मोड में कार्य करने की बात कही गई।

आगामी खरीफ सीजन को देखते हुए किसानों की सुविधा के लिए भी प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। कृषि विभाग की समीक्षा के दौरान सहकारी समितियों में खाद और बीज का पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित करने तथा कर्मचारियों की नियमित उपस्थिति पर जोर दिया गया। साथ ही किसानों को दलहन एवं तिलहन फसलों की खेती के लिए प्रोत्साहित करने की रणनीति पर भी चर्चा हुई।

ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट को दूर करने के लिए लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को खराब हैंडपंपों की तत्काल मरम्मत करने के निर्देश दिए गए हैं। ग्राम पंचायत सचिवों से सीधे जमीनी रिपोर्ट लेकर समस्याओं के समाधान की निगरानी की जा रही है। इसके अलावा शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य बुनियादी सुविधाओं को प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल किया गया है।

कलेक्टर ने कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए जनसंपर्क माध्यमों और सोशल मीडिया का प्रभावी उपयोग किया जाएगा, ताकि कोई भी पात्र हितग्राही जानकारी के अभाव में वंचित न रहे। बैठक में जिला पंचायत सीईओ मुकुन्द ठाकुर सहित सभी विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।



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