A PHP Error was encountered

Severity: Notice

Message: Undefined variable: description

Filename: views/header.php

Line Number: 9

" />
"> मध्यप्रदेश
"> देश
"> विदेश

कानूनी पचड़ों में फंसा टाटा ग्रुप! टल गई टाटा ट्रस्ट्स की आज होने वाली मीटिंग, कई अहम मुद्दों पर होनी थी चर्चा

Updated on 08-05-2026
नई दिल्ली: देश के सबसे बड़े औद्योगिक घराने टाटा ग्रुप सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है। कानूनी चुनौतियों के कारण टाटा ट्रस्ट्स के दो ट्रस्टों की आज होने वाली बैठक अंतिम क्षणों में कैंसिल कर दी गई है। सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट और सर रतन टाटा ट्रस्ट की टाटा ग्रुप की होल्डिंग कंपनी टाटा संस में मैज्योरिटी स्टेक है। इस बैठक में टाटा ट्रस्ट्स को टाटा संस के बोर्ड में अपने प्रतिनिधियों की समीक्षा करनी थी। इसमें कुछ नॉमिनी डायरेक्टर्स की समीक्षा की जानी थी। अब यह बैठक 16 मई को होगी।

ईटी की एक रिपोर्ट के मुताबिक कुछ ट्रस्टी मीटिंग में जुड़े थे लेकिन अंतिम क्षणों में उन्हें बताया गया कि इसे कैंसिल कर दिया गया है। यह दूसरा मौका है जब इस मीटिंग को टाला गया है। पहले यह 12 मई को होनी थी लेकिन फिर इसकी डेट एडवांस करके 8 मई कर दी गई। इसमें टाटा ट्रस्ट्स के दो वाइस चेयरमैन विजय सिंह और वेणु श्रीनिवासन के हालिया बयानों पर चर्चा होनी थी। इन दोनों ने टाटा संस की लिस्टिंग की वकालत की थी।

लिंस्टिंग पर विवाद

सिंह को पिछले साल टाटा संस के बोर्ड में रिन्यू नहीं किया गया था। मीटिंग में चैरिटी कमिश्नर को की गई शिकायत पर भी चर्चा होनी थी। एडवोकेट कात्यायनी अग्रवाल ने अपनी शिकायत में टाटा ट्रस्ट्स में स्थाई ट्रस्टियों का मुद्दा उठाया है। टाटा संस के संविधान में नॉमिनी डायरेक्टर्स को हटाने और नियुक्त करने का प्रावधान है। इसके लिए सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट और सर रतन टाटा ट्रस्ट के सपोर्ट की जरूरत होती है।

क्यों मचा है घमासान?

  • टाटा ट्रस्ट्स की आज होने वाली अहम मीटिंग टल गई है
  • टाटा संस की लिस्टिंग के मुद्दे पर ट्रस्ट में मचा है घमासान
  • वेणु श्रीनिवासन और विजय सिंह लिस्टिंग के पक्ष में हैं
  • चेयरमैन नोएल टाटा और दूसरे ट्रस्टी इसके खिलाफ हैं

कौन-कौन हैं मेंबर?

टाटा ग्रुप में इस बात पर लंबे समय से विवाद चला आ रहा है कि टाटा संस को लिस्ट किया जाना चाहिए या नहीं। सिंह और श्रीनिवासन ने इसकी लिस्टिंग की वकालत की है। लेकिन चेयरमैन नोएल टाटा समेत अधिकांश ट्रस्टी इसे प्राइवेट रखने के पक्ष में हैं। सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट में नोएल टाटा, श्रीनिवासन, सिंह, डेरियस खंबाटा, नेविल एन टाा और भास्कर भट हैं। सर रतन टाटा ट्रस्ट में नोएल टाटा, श्रीनिवासन, सिंह, जिम्मी टाटा, जहांगीर एचसी जहांगीर और खंबाटा हैं।

अन्य महत्वपुर्ण खबरें