हारी हुई बाजी जिताने वाले को मेसी कहते हैं...
Updated on
17-07-2026
अटलांटा: लियोनेल मेसी ने एक बार फिर कर दिखाया। उनकी काबिलियत की हर बार बेहद कठिन परीक्षा ली जाती है और वह हर बार इसमें अव्वल नंबर से पास होते हैं। इंग्लैंड के खिलाफ सेमीफाइनल में भी ऐसा ही हुआ। उन्होंने एक बार फिर साबित किया कि उनके मैदान पर रहते अर्जेंटीना आखिरी सेकंड तक खेल का पासा पलट सकता है। इस धुरंधर ने बार-बार जो कर दिखाया है, उसके बाद तो यही कहना बनता है कि ‘हारी हुई बाजी को जिताने वाले को मेसी कहते हैं’। इंग्लैंड के कोच थॉमस टुको ने मेसी को रोकने के लिए एक अभेद्य डिफेंसिव दीवार तैयार की थी। उनकी रणनीति साफ थी- मेसी को गेंद के साथ एक इंच का स्पेस भी न दिया जाए। इंग्लैंड ने अपने लगभग सभी खिलाड़ियों को गेंद के पीछे रखते हुए एक बेहद संकरी 'लो ब्लॉक' डिफेंसिव लाइन बनाए रखी। इस रणनीति ने मैदान के बीचोबीच मेसी के लिए हर रास्ता बंद कर दिया था। मेसी को गेंद छूने के लिए भी अर्जेंटीना के अपने हाफ में बेहद डीप (पीछे) आना पड़ रहा था।बदला पैंतरा और फिजिकल अटैक
मैच के 55वें मिनट में जब एंथनी गॉर्डन ने गोल कर इंग्लैंड को 1-0 की बढ़त दिलाई, तो कोच थॉमस टुको ने अपनी रणनीति को और भी ज्यादा डिफेंसिव कर दिया। उन्होंने फॉरवर्ड गॉर्डन को हटाकर एक्स्ट्रा सेंटर-बैक एजरी कोंसा को मैदान पर उतारा। इंग्लैंड का फॉर्मेशन 'फाइव ऐट द बैक' यानी पांच डिफेंडर्स में तब्दील हो गया और एक समय पर तो मैदान पर इंग्लैंड के छह डिफेंडर्स अर्जेंटीना के अटैक को नाकाम कर रहे थे। मेसी ने इसके बावजूद सीधे अटैक पर नहीं लगते हुए खुद को थोड़ा पीछे खींचा और असिस्ट करने की भूमिका में आ गए। इसके बाद अर्जेंटीना ने ताबड़तोड़ अटैक शुरू किए। जब रणनीतियां कम पड़ने लगीं, तो इंग्लैंड के खिलाड़ियों ने मेसी को रोकने के लिए फिजिकल अटैक का सहारा लिया। मेसी जब भी गेंद लेकर आगे बढ़ते, इंग्लैंड के डिफेंडर उन पर टूट पड़ते थे। मेसी को दो बार बेहद आक्रामक फाउल कर मैदान पर गिराया गया। मैच के 37वें मिनट में मेसी एक साथ इंग्लैंड के तीन खिलाड़ियों को छकाते हुए बॉक्स की तरफ बढ़ रहे थे। उन्हें रोकने का कोई और रास्ता न देख इंग्लैंड के मिडफील्डर एलियट एंडरसन ने मेसी को जबरन पीछे से खींचकर मैदान पर गिरा दिया। इस फाउल की गंभीरता को देखते हुए रेफरी ने एंडरसन को तुरंत येलो कार्ड दिखाया।डिफेंस को तार-तार कर दिया
मैच में 84 मिनट गुजर चुके थे और जब ऐसा लग रहा था कि इंग्लैंड का फाइनल का सपना पूरा होने वाला है, तभी मेसी ने पूरा सीन ही बदल दिया। इस दिग्गज ने अपनी जादुई ड्रिब्लिंग का शानदार नजारा पेश किया और इंग्लैंड के पांच खिलाड़ियों को पूरी तरह छका दिया। इंग्लैंड की टीम बढ़त बचाने के चक्कर में इतनी पीछे चली गई थी कि मेसी को बॉक्स के बाहर थोड़ा स्पेस मिल गया। मेसी ने इसी शॉर्ट स्पेस का फायदा उठाया और चालाकी से एंजो फर्नांडीज को एक बेहतरीन पास दिया, जिसे एंजो ने झन्नाटेदार शॉट लगाकर गोल में बदलते हुए स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया।बॉक्स में वह जादुई क्रॉस!
इंजरी टाइम में खेल जब बेहद रोमांचक मोड़ पर था, तब राइट विंग पर गेंद संभालते हुए मेसी ने इंग्लैंड के डिफेंडर स्पेंस को अपनी ड्रिब्लिंग से पूरी तरह नचाया और बॉक्स के अंदर एक ऐसा सटीक नो-लुक क्रॉस (बगैर साथी खिलाड़ी को देखे) भेजा, जिसने इंग्लैंड के पूरे डिफेंस को पंगु बना दिया। इस जादुई क्रॉस पर लाउतारो मार्टिनेज ने शानदार हेडर के जरिए गोल दागकर अर्जेंटीना को 2-1 की ऐतिहासिक जीत दिला दी। इंग्लैंड ने मेसी को 80 मिनट तक जरूर रोके रखा, लेकिन आखिरी के 10 मिनटों में मेसी की बेजोड़ प्रतिभा के सामने उनकी पूरी रणनीति ताश के पत्तों की तरह ढह गई। मेसी के वे दो जादुई असिस्ट न सिर्फ अर्जेंटीना को फाइनल में ले गए, बल्कि वर्ल्ड कप इतिहास के सबसे यादगार कमबैक में से एक बन गए।
अन्य महत्वपुर्ण खबरें