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आरबीआई के लिए वरदान बनी रुपये की गिरावट! कर डाली 1.69 लाख करोड़ की कमाई

Updated on 30-05-2026
नई दिल्ली: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की विदेशी मुद्रा लेनदेन से आय वित्त वर्ष 2025-26 में बढ़कर 1.69 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गई, जो पिछले वित्त वर्ष की तुलना में करीब 52 प्रतिशत अधिक है। केंद्रीय बैंक के आंकड़ों में यह जानकारी दी गई। आरबीआई ने 2024-25 में विदेशी मुद्रा लेनदेन से 1.11 लाख करोड़ रुपये का विनिमय लाभ अर्जित किया था। आरबीआई ने रुपये की गिरावट और करेंसी मार्केट में उथलपुथल को थामने के लिए बाजार में जमकर डॉलर की बिकवाली की।

पिछले फाइनेंशियल ईयर में डॉलर के मुकाबले रुपये की कीमत में करीब 9.5 फीसदी गिरावट आई। इस दौरान आरबीआई ने स्पॉट मार्केट में रेकॉर्ड 53.13 अरब डॉलर झोंके। केंद्रीय बैंक ने विदेशी मुद्रा भंडार से डॉलर की बिक्री की और इससे उसके 1.69 लाख करोड़ रुपये की इनकम हुई। विदेशी स्रोतों से आरबीआई की कुल इनकम पिछले फाइनेंशियल ईयर में 27 फीसदी बढ़कर 3.28 लाख करोड़ रुपये पहुंच गई।

सरकार को ट्रांसफर

आरबीआई फाइनेंशियल ईयर 2026 के लिए सरकार को रेकॉर्ड 2.87 लाख करोड़ रुपये का सरप्लस ट्रांसफर करेगा। रिपोर्ट में कहा गया कि 31 मार्च 2026 तक आरबीआई का कुल बहीखाता आकार 15.72 लाख करोड़ रुपये बढ़कर 91.97 लाख करोड़ रुपये हो गया। परिसंपत्ति पक्ष पर वृद्धि घरेलू निवेश, स्वर्ण भंडार और विदेशी निवेश में क्रमशः 44.9 प्रतिशत, 63.8 प्रतिशत और 7.9 प्रतिशत की बढ़ोतरी के कारण दर्ज की गई।

कैसे हुई कमाई?

RBI की फॉरेन करेंसी ट्रांजैक्शन से इनकमा 1.69 लाख करोड़ रुपये पर पहुंची
आरबीआई ने 2024-25 में विदेशी मुद्रा लेनदेन से 1.11 लाख करोड़ कमाए थे
पिछले फाइनेंशियल ईयर में डॉलर के मुकाबले रुपया करीब 9.5 फीसदी गिरा था
इसे रोकने के लिए केंद्रीय बैंक ने स्पॉट मार्केट में रेकॉर्ड 53.13 अरब डॉलर झोंके

कुल कितनी बढ़ी इनकम?

आरबीआई के कुल परिसंपत्तियों में 29.1 प्रतिशत घरेलू संपत्तियां थीं, जबकि शेष 70.9 प्रतिशत विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियां, स्वर्ण, और भारत के बाहर वित्तीय संस्थानों को ऋण एवं अग्रिम के रूप में थीं। वित्त वर्ष 2025-26 में आरबीआई का अधिशेष बढ़कर 2,86,588.46 करोड़ रुपये हो गया, जो 2024-25 में 2,68,590.07 करोड़ रुपये था। इसमें 6.7 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। इस दौरान केंद्रीय बैंक की कुल इनकम 26 फीसदी बढ़कर 4.3 लाख करोड़ रुपये पहुंच गई।

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