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ज्यादा पेट्रोल-डीजल बेचा तो सप्लाई बंद करने की धमकी, जानिए तेल कंपनियों का नया फरमान

Updated on 15-05-2026
जयपुर: राजस्थान में तेल कंपनियों के फरमान से प्रदेश के पेट्रोल पंप संचालकों के सामने संकट खड़ा हो गया है। तेल कंपनियों ने डीजल और पेट्रोल बेचने की मात्रा निश्चित कर दी है। किसी भी उपभोक्ता को निश्चित मात्रा से ज्यादा डीजल पेट्रोल बेच दिया तो तेल की सप्लाई बंद करने की धमकियां दी जा रही है। साथ ही पेट्रोल पंप भी बंद करने की धमकियां मिल रही है। राजस्थान पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन की ओर से इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड के कार्यकारी निदेशक और राज्य स्तरीय समन्वयक को इस संबंध में पत्र लिखकर शिकायत भेजी है।


निश्चित मात्रा में ही डीजल-पेट्रोल बेचा जाए

राजस्थान पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन की ओर से लिखे गए पत्र में कहा गया है कि ऑयल कंपनियों की ओर से डिपो की ओर से पेट्रोल पंपों पर आपूर्ति कम कर दी गई है। कंपनियों की ओर से मोबाइल पर लिखित संदेश और मौखिक रूप से यह फरमान दिया जा रहा है कि उपभोक्ताओं को निश्चित मात्रा में ही डीजल पेट्रोल बेचा जाए। आपूर्ति की मात्रा निश्चित करने से पेट्रोल पंप संचालकों को कानून व्यवस्था बिगड़ने का डर सता रहा है। उनका कहना है कि अगर किसी भी तरह का आदेश जारी करना है तो सार्वजनिक सूचना जारी करके आदेश दें ताकि लोगों को यह जानकारी में रहे कि ऑयल कंपनियों ने यह निर्णय लिया है।

जानिए पेट्रोल डीजल बेचने की क्या सीमा तय की

राजस्थान पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन के संरक्षक सुमित बगई का कहना है कि अलग-अलग कंपनियों की ओर से अलग-अलग सीमा तय की गई है। IOCL ने अधिकतम 50,000 रुपए का डीजल और 5,000 रुपए तक का पेट्रोल बेचे जाने की सीमा तय कर दी है। BPCL ने 200 लीटर तक डीजल और 49 लीटर तक पेट्रोल बेचे जाने की सीमा तय की है। इसी तरह HPCL ने भी 50 लीटर पेट्रोल और 200 लीटर तक डीजल बेचे जाने की सीमा तय कर दी है। सीमा तय करने के निर्देश मौखिक और मोबाइल संदेश के जरिए दिए गए हैं।

पेट्रोल पंप बंद करने की धमकी

डीलर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष राजेंद्र सिंह भाटी का कहना है कि ऑयल कंपनियों का यह मौखिक फरमान परेशान करने वाला है। कंपनियों की ओर से स्पष्ट कहा जा रहा है कि किसी भी उपभोक्ता को तय सीमा से ज्यादा मात्रा में डीजल और पेट्रोल बेचा गया तो पेट्रोल पंप पर तेल की आपूर्ति बंद कर दी जाएगी। साथ ही पेट्रोल पंप भी बंद करा दिया जाएगा। भाटी का कहना है कि केंद्र और राज्य सरकार की ओर से इस संबंध में कोई निर्देश नहीं है लेकिन ऑयल कंपनियों ने फरमान जारी कर दिया है।

क्या परेशानी है पंप संचालकों को?

पेट्रोल पंप संचालकों का कहना है कि ऑयल कंपनियों के इस फरमान से डीलर्स को कई तरह की परेशानियां हो रही है। अगर कोई उपभोक्ता ज्यादा पेट्रोल डीजल की मांग करे और पंप संचालकों की ओर से इनकार करने पर कानून व्यवस्था बिगड़ने का खतरा है। इससे जान माल की हानि भी हो सकती है। डीपो से आपूर्ति कम होने पर कई पेट्रोल पंप ड्राई हो रहे हैं। इससे उपभोक्ताओं को भी परेशानी हो रही है।


खुले में डीजल बेचने पर भी पाबंदी

डीलर्स के मुताबिक ऑयल कंपनियों ने खुले में डीजल बेचे जाने पर भी पाबंदी लगा दी है जो कि गलत है। प्रदेश के लाखों किसान ऐसे हैं जो बैरल में डीजल खरीदते रहे हैं। ट्रैक्टर की टंकी छोटी होती है और कृषि कार्य काफी ज्यादा होता है। ऐसे में किसान अपने घर में डीजल के ड्रम भरे हुए रखते हैं। अब खुले में डीजल बेचने पर पाबंदी लगाने से किसानों को भारी परेशानी हो रही है। साथ ही सड़क निर्माण करने वाली कंपनियों को भी परेशानी हो रही है। हजारों कारखानों में डीजल इंजन चलते हैं। खुले में डीजल बेचने पर पाबंदी लगाने से कारखाने बंद होने की कगार पर है।

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