कई कलेक्टर बदले जाएंगे

Updated on 29-12-2023
विभागों के वितरण होते ही  होगी बड़ी प्रशासनिक सर्जरी।
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मंत्रियों को विभाग बंटते ही बड़ी प्रशासनिक सर्जरी होगी। सीएम सचिवालय ने प्रशासनिक सर्जरी की शुरुआत कर दी है, जिसमें सीएम ने उप सचिव और प्रमुख सचिव को बदल दिया है। सचिवालय से कई अन्य अफसरों को हटाया जा रहा है, और कलेक्टरों की भी जंबो लिस्ट तैयार की जा रही है। सीएम सचिवालय ने सामान्य प्रशासन विभाग से आईएएस अफसरों की पोस्टिंग की जानकारी मांगी है, जिसमें मैदानी अफसर, नगर मंडल, विंध्याचल, सतपुड़ा, और मंत्रालय के सभी क्षेत्रों के अफसरों का उल्लेख है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर,उज्जैन, विदिशा, बैतूल, राजगढ़,
बालाघाट,सागर,नर्मदापुरम, शहडोल, सतना, खंडवा, सिंगरौली कटनी, सीधी, नरसिंहपुर, देवास सहित लगभग 2 दर्जन से ज्यादा कलेक्टर और करीब आधा दर्जन संभाग आयुक्त की बदली होने जा रही है। इस बदली के तहत 26 से ज्यादा सीईओ जिला पंचायत, 8 निगम आयुक्त, 30 से अधिक कलेक्टर, 6 संभाग आयुक्त, दो दर्जन से ज्यादा निगम मंडल के एमडी दर्जन भर विभाग आयुक्त के साथ ही साथ 50 से ज्यादा सचिव, प्रमुख सचिव, अपर मुख्य सचिव और अन्य स्थानों पर पदस्थ अधिकारी शामिल हैं।
कलेक्टरों की बदलाव की बड़ी वजह यह भी है कि 2015 बैच के अफसर को फील्ड पर भेजा जाना है, जबकि 2014 बैच के कुछ आईएएस अफसरों ने अब तक कलेक्टर का पद नहीं हासिल किया है। 
मंत्रालय में पदस्थ तीन दर्जन से ज्यादा आईएएस अधिकारियों को तीन साल से फील्ड में पोस्टिंग नहीं मिली है, जैसे कि आईएएस अफसर नेह मारव्या, रविंद्र सिंह, गिरीश शर्मा, चंद्रशेखर बालिंबे, अजय गुप्ता, धनंजय प्रताप सिंह, ज्ञानेश्वर पाटिल, अजीत कुमार, शिल्पा गुप्ता, सरिता प्रजापति, मीनाक्षी सिंह, और अभिषेक सिंह आदि।
वैसे देखा या गया है कि जब भी ऊपरी स्तर पर परिवर्तन होता है, तब वह परिवर्तन नीचे के स्तर तक दिखाई देने लगता है । अभी हाल ही में पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का स्थान वर्तमान मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने लिया है और उसके पश्चात जो प्रशासनिक सर्जरी होने वाली थी, उसमें उन्होंने स्पष्ट संकेत दे दिए थे कि जो शिवराज के करीबी है, उनको उचित स्थान पर पहुंचाया जाएगा । इसमें देखा गया कि मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव मनीष रस्तोगी और मुख्यमंत्री के विश्वास पात्र खास अधिकारी उप सचिव नीरज वशिष्ठ को उनके पद से हटकर मंत्रालय में पदस्थ कर दिया गया है, और यह लेख लिखने तक उन्हें कोई विभाग आवंटित नहीं किया गया है।
इसी से संकेत मिलते हैं कि पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के जो विश्वस्त सहयोगी अनेक जिलों में कलेक्टर और एसपी के रूप में पदस्थ थे, उन्हें निश्चित रूप से बदला जाएगा ।  उनका स्थान वर्तमान मुख्य मंत्री डॉक्टर मोहन यादव के विश्वस्त लोगों को प्रदान किया जाएगा ।
चूंकि अभी विभागों का वितरण हुआ नहीं है, और यह एक स्वाभाविक प्रक्रिया है कि जब तक राज्य और केंद्र का तालमेल नहीं बैठेगा तब तक विभागों का वितरण सही तरीके से नहीं हो सकेगा। इसलिए विभागों के वितरण में विलंब हो रहा है। अब जैसे ही विभागों का वितरण हो जाता है, तो संबंधित विभाग के मंत्री द्वारा जिन प्रमुख सचिव और अन्य अधिकारियों की स्थापना के प्रस्ताव प्राप्त होंगे, उसी के अनुसार पोस्टिंग के आदेश जारी हो सकेंगे।
अब देखना यह है कि कितने विभागों के कितने अधिकारी कितने जिलों के कितने कलेक्टर और कितने एसपी अलग-अलग स्थान पर प्रदर्शित होते हैं साथ ही यह भी की मुख्यमंत्री के खास और अत्यंत खास विभाग जनसंपर्क में किन अधिकारियों की पोस्टिंग होती है । खासकर आयुक्त जनसंपर्क के पद पर और संचालक जनसंपर्क के पद पर । 
यह सभी को देखने के लिए एक विषय होगा अब आने वाला समय बताया कि किसकी पदस्थापना कहां पर हो रही है। वैसे मुख्यमंत्री यह कह चुके हैं कि वह प्रत्येक संभाग में अलग-अलग बैठक कर वहां की जानकारी प्राप्त करेंगे और उसी के अनुसार समीक्षा करेंगे, तो निश्चित रूप से उस संभाग के अनेक विभागों के अनेक अधिकारी इससे प्रभावित होंगे और उनके ट्रांसफर होना सुनिश्चित है।
यहां पर यह कहना अनुचित नहीं होगा कि मुख्यमंत्री सर्वथा "यंग" है और उनमें उत्साह और क्षमता है, उसी के आधार पर प्रदेश को वे नई दिशा देंगे ऐसी आशा प्रदेशवासी कर रहे हैं । इसमें विकास के कार्यों के साथ-साथ प्रदेशवासियों की समस्याओं का निराकरण भी होगा जैसे बेरोजगारी महंगाई आदि।

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