नूर खान एयरबेस पर 3 रात उतरे तुर्की के C-130 विमान, ड्रोन भंडार भर रहा पाकिस्तान, भारत की सैन्य घेराबंदी?

Updated on 24-08-2026
इस्लामाबाद: तुर्की ने पाकिस्तान के अंदर लगातार तीन दिनों तक कई तरह के हथियार उतारे हैं। भारतीय खुफिया एजेंसियों ने इसकी पुष्टि कर दी है। रिपोर्ट के मुताबिक 60 घंटों तक पाकिस्तान वायुसेना के दो महत्वपूर्ण एयरबेस पर तुर्की एयरफोर्स के कार्गो C-130 हरक्यूलिस ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट को बार बार चक्कर लगाते देखा गया था। पहलगाम आतंकी हमले के बाद जब संभावना बन गई थी कि भारत पाकिस्तान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई करने वाला है उस वक्त भी तुर्की के एयरक्राफ्ट ने पाकिस्तान में ड्रोन्स की सप्लाई की थी जिसका इस्तेमाल पाकिस्तान वायुसेना ने भारत के खिलाफ बाद में किया था।

रिपोर्ट के मुताबिक 19 अगस्त से 21 अगस्त के बीच तुर्की के कई C-130 हरक्यूलिस ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट ने तुर्की और पाकिस्तान के बीच उड़ानें भरीं। ये एयरक्राफ्ट रावलपिंडी के पास नूर खान एयरबेस और कराची के मसरूर एयरबेस पर उतरते और उड़ान भरते देखे गए। इंडिया टुडे ने खुफिया सूत्रों के हवाले से बताया है कि इन विमानों की गतिविधि में निरंतरता और आसमान्य पैटर्न बार बार देखे गये हैं।

तुर्की ने पाकिस्तान में ड्रोन्स, एयर डिफेंस सिस्टम भेजे

रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान की सेना अपने बेड़े में तुर्की के ड्रोन का भंडार भरने की कोशिश कर रही है। खुफिया जानकारी से संकेत मिलता है कि तुर्की की उड़ानों के ज़रिए पाकिस्तान को ड्रोन और उनसे जुड़े सिस्टम की एक बड़ी खेप पहुंचाई गई हो सकती है। सूत्रों का यह भी कहना है कि पाकिस्तान को ड्रोन से जुड़े उपकरणों के साथ HQ-सीरीज का एयर डिफेंस सिस्टम भी मिल सकता है।

हाल के वर्षों में पाकिस्तान को सप्लाई किए गए तुर्की के अनमैन्ड सिस्टम में 'बायरकतार TB2 ड्रोन' भी शामिल है। यह तुर्की की तरफ से बनाया गया एक मीडियम-ऑल्टिट्यूड, लॉन्ग-एंड्योरेंस टैक्टिकल ड्रोन है। यूक्रेन द्वारा रूसी बख्तरबंद गाड़ियों, तोपखाने और नौसैनिक संपत्तियों के खिलाफ इस्तेमाल किए जाने के बाद बायरकतार TB2 ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ध्यान आकर्षित किया था। इस ड्रोन को अपनी श्रेणी के सबसे सक्षम आर्म्ड UAVs में से एक माना जाता है। हालांकि पिछले साल ये ड्रोन भारत के खिलाफ नाकाम साबित हुए थे फिर भी इनकी क्षमता पर संदेह नहीं होना चाहिए।

पाकिस्तान ड्रोन के भंडार क्यों भर रहा है?

सूत्रों का कहना है कि ये खरीद तुर्की और सऊदी अरब के साथ रक्षा सहयोग समझौतों के तहत की जा रही है। तुर्की, पाकिस्तान को बिना पायलट वाले हवाई वाहन (UAV) सप्लाई करने वाले मुख्य देशों में से एक बनकर उभरा है। इस्लामाबाद के साथ उसके सैन्य सहयोग में 'बायरकतार TB2' और अन्य टैक्टिकल सिस्टम शामिल हैं। पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर खरीद प्रक्रिया को आगे बढ़ा रहे हैं। पाकिस्तान की लगातार आर्थिक मुश्किलों के बावजूद ये खरीद मौजूदा द्विपक्षीय रक्षा समझौतों के जरिए की जा रही है।

पाकिस्तान पहले भी अपनी पश्चिमी सीमा पर निगरानी और हमले के मिशन के लिए तुर्की के ड्रोन का इस्तेमाल कर चुका है। इस्लामाबाद ज्यादा देर तक उड़ने वाले UAV और 'लोइटरिंग म्यूनिशन सिस्टम' यानि ऐसे हथियार जो लक्ष्य के पास कुछ देर तक मंडरा सकते हैं को भी अपने बेड़े में शामिल करने की कोशिश कर रहा है।

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