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हंतावायरस से प्रभावित जहाज पर दो भारतीय क्रू, हालात की जानकारी नहीं, WHO ने 12 देशों को किया अलर्ट

Updated on 08-05-2026
केप वर्डे: घातक वायरस के प्रकोप की चपेट में आए एक जहाज से हंतावायरस से संक्रमित दो लोगों और एक अन्य संदिग्ध व्यक्ति को सुरक्षित निकाल लिया गया है और अब यह जहाज कम से कम 150 लोगों को लेकर केप वर्ड से स्पेन के कैनरी द्वीप समूह की ओर बढ़ गया है। संयुक्त राष्ट्र स्वास्थ्य एजेंसी ने यह जानकारी दी। जानकारी के मुताबिक, इस जहाज के क्रू में दो भारतीय नागरिक भी सवार हैं। हालांकि, उनमें से किसी के भी हालात की जानकारी नहीं है।

जहाज से तीन मरीजों को निकाला गया


जहाज के फुटेज में सुरक्षात्मक पोशाक पहने स्वास्थ्यकर्मी ब्रिटेन के चिकित्सक सहित तीन मरीजों को निकालते हुए दिखाई दिए। बुधवार शाम को दो मरीज एम्स्टर्डम हवाई अड्डे पर पहुंचे और उन्हें अलग-अलग अस्पतालों में ले जाया गया। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, तीन लोगों की मौत हो गई है और एक शव जहाज पर ही है। संक्रमण के आठ संदिग्ध मामलों में से पांच में संक्रमण की पुष्टि हो गई है।

हंतावायरस क्या है?


हंतावायरस एक गंभीर और जानलेवा वायरस है, जो मुख्य रूप से चूहों से इंसानों में फैलता है। यह कोई नया वायरस नहीं है लेकिन इसके लक्षण और गंभीरता इसे खतरनाक बनाते हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार यह वायरस संक्रमित चूहों के पेशाब, लार या मल के संपर्क में आने से फैलता है। चूहों के मल-मूत्र के सूखने पर उसके कण हवा में मिल जाते हैं और सांस के जरिए इंसान के शरीर में प्रवेश कर सकते हैं। यह वायरस एक इंसान से दूसरे इंसान में पहुंच सकता है।

हंतावायरस से किसे ज्यादा खतरा


हालांकि डब्ल्यूएचओ के शीर्ष महामारी विशेषज्ञ ने कहा है कि ऐसा बहुत कम होता है। यूरोप और अफ्रीका के स्वास्थ्य अधिकारी उन लोगों की पहचान करने की कोशिश कर रहे हैं जो उस जहाज से पूर्व में उतरे लोगों के संपर्क में आए होंगे। यह जहाज एक अप्रैल को दक्षिण अमेरिका से अंटार्कटिका और अटलांटिक महासागर के कई दूरस्थ द्वीपों के लिए रवाना हुआ था।

बीमारी के कारकों की जांच करने वाले अर्जेंटीना ने क्या कहा


इस बीमारी के फैलने के कारणों की जांच कर रहे अर्जेंटीना के दो अधिकारियों ने कहा कि सरकार का ऐसा मानना है कि नीदरलैंड के एक दंपति ने विमान में चढ़ने से पहले उशुआइया शहर में पक्षियों के करतब देखे थे और शायद तभी वह हवा में वायरस की चपेट में आ गए। नीदरलैंड के विदेश मंत्रालय ने बताया कि बुधवार को जहाज से निकाले गए तीन लोगों में नीदरलैंड का एक नागरिक (41), ब्रिटेन का एक नागरिक (56) और जर्मनी का एक नागरिक (65) शामिल है।

जहाज से निकाले गए जो व्यक्तियों में हंतावायरस की पुष्टि


विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने कहा कि सेनेगल में किए गए परीक्षणों से पुष्टि हुई है कि जहाज से निकाले गए दो लोग हंतावायरस से संक्रमित थे। नीदरलैंड की जहाज संचालक कंपनी 'ओशनवाइड एक्सपेडिशन्स' ने कहा कि इनमें से दो की हालत 'गंभीर' है, वहीं तीसरे व्यक्ति में कोई लक्षण नहीं है लेकिन वह उस जर्मन यात्री के 'करीबी संपर्क में' था, जिसकी दो मई को एमवी होंडियस जहाज पर मौत हो गई थी।

WHO ने 12 देशों को अलर्ट भेजा


डब्‍ल्‍यूएचओ ने अब उन 12 देशों को सूचित किया है, जिनके नागरिक यात्रा के दौरान पहले ही दक्षिण अटलांटिक महासागर में स्थित सुदूर ब्रिटिश क्षेत्र सेंट हेलेना में क्रूज जहाज 'एमवी होंडियस' से उतर गए थे। इन 12 देशों में कनाडा, डेनमार्क, जर्मनी, नीदरलैंड्स, न्यूजीलैंड, सेंट किट्स एंड नेविस, सिंगापुर, स्वीडन, स्विट्जरलैंड, टर्की, यूनाइटेड किंगडम और यूनाइटेड स्टेट्स ऑफ अमेरिका शामिल हैं। डब्‍ल्‍यूएचओ प्रमुख टेड्रोस एडनॉम घेब्रेयेसस ने जिनेवा में मीडिया ब्रीफिंग के दौरान कहा कि अगर सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़े कदम तेजी और सही तरीके से उठाए गए, तो फिलहाल एजेंसी को उम्मीद है कि यह संक्रमण 'सीमित' ही रहेगा।

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