भारत की राह पर अमेरिकी सेना, दक्षिण कोरिया से लेगी 'वज्र' जैसी K9 तोप, M777 की होगी छुट्टी

Updated on 19-08-2026
वॉशिंगटन: चीन के बढ़ते खतरे के बीच अब अमेरिकी सेना भी यूक्रेन युद्ध से सबक लेते हुए दक्षिण कोरिया से K9 मोबाइल तोप लेने जा रही है। अमेरिकी सेना एक नई व्‍हील्‍ड स्‍वचालित 155 एमएम की तोप लेना चाहती है ताकि M777 की जगह उसे तैनात किया जा सके। अमेरिकी सेना को उम्मीद है कि K9 तोप की मदद से उसकी हमला करने की रेंज और एक जगह से उसे दूसरी जगह पर पहुंचाने की क्षमता काफी बढ़ जाएगी। दक्षिण कोरिया की K9 वही तोप है जिसे भारत समेत दुनिया के कई देशों ने खरीदा है और जमीनी हमला करने में काफी सफल मानी जाती है। इसे दक्षिण कोरिया की कंपनी Hanwha डिफेंस बनाती है।

अमेरिकी सेना ने अपने मोबाइल टैक्टिकल कैनन प्रोग्राम के तहत K9 तोप को चुना है। दक्षिण कोरियाई कंपनी अमेरिकी सेना को अपनी 155 की एमएम की K9 मोबाइल तोप का प्रोटोटाइप देगी ताकि उसे टेस्‍ट किया जा सके। अगर यह टेस्‍ट सफल रहा तो इसे 155mm M777 तोप की जगह पर तैनात किया जाएगा। अमेरिकी सेना की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि इसे लंबी दूरी हमला करने की ताकत को बढ़ावा देने के प्रयास के तहत चुना गया है। अभी कंपनी 18 प्रोटोटाइप अमेरिकी सेना को देगी। करीब 4 साल तक अमेरिकी सैनिक इसे टेस्‍ट करेंगे।

अमेरिकी M777 से ज्‍यादा ताकतवर है K9 तोप

दक्षिण कोरियाई कंपनी के अलावा अमेरिकी, ब्रिटिश और इजरायली कंपनियां भी इसके लिए दावा ठोक रही हैं। इस टेस्‍ट के दौरान अमेरिकी सैनिक अपनी राय देंगे और बताएंगे कि यह मल्‍टी डोमेन ऑपरेशन के लिए क‍ितना कारगर है। K9 तोप को दक्षिण कोरिया की सेना में शामिल किया गया है। इसके अलावा भारत, ऑस्‍ट्रेलिया, मिस्र, एस्‍टोनिया, फ‍िनलैंड, नार्वे, पोलैंड और तुर्की की सेना में बड़े पैमाने पर शामिल किया गया है। इस तोप में 155 एमएम का गोला दागने की क्षमता है।

K9 तोप में लंबी बैरल लगी है जिससे यह M777 की तुलना में ज्‍यादा दूरी तक हमला करने की क्षमता रखती है। K9 तोप की अधिकतम मारक दूरी 60 किमी है। वहीं M777 की बात करें तो इसकी अधिकतम मारक दूरी केवल 32 क‍िमी तक ही है। M777 तोप को जहां टो करके किसी दूसरी गाड़ी की मदद से ले जाया जाता है, वहीं K9 तोप में पहिए और सुरक्षा के लिए कवच लगा होता है। K9 तोप बहुत तेजी से हमला करने में माहिर है। K9 तोप में हमेशा 40 राउंड गोला ले जाया जा सकता है। इसके साथ एक K10 सप्‍लाई वाहन चलता है जो जंग के मैदान में बहुत ही तेजी से रीलोड करने में मदद करता है।

भारतीय सेना ने K9 तोप पर लगाया बड़ा दांव

बता दें कि भारतीय सेना भी चीन सीमा पर पहाड़ों में जंग के लिए M777 तोप का इस्‍तेमाल करती है। वहीं भारतीय सेना अब बड़े पैमाने पर K9 तोप को शामिल करने पर व‍िचार कर रही है। अभी भारत के पास 100 K9 तोप है। 100 और K9 तोप का निर्माण किया जा रहा है ताकि उसे चीन सीमा पर तैनात किया जा सके। अभी भारतीय सेना 300 और K9 तोप का ऑर्डर देने पर व‍िचार कर रही है। इससे कुल K9 तोप की संख्‍या 500 तक पहुंच जाएगी। इसे भारत में K9 वज्र तोप के नाम से जाना जाता है। K9 तोप इतनी शानदार है कि इसे राजस्‍थान के रेगिस्‍तान से लेकर चीन के पहाड़ी इलाके तक में कहीं भी तैनात किया जा सकता है। इसे भारत के गुजरात राज्‍य में लार्सन एंड ट्रूब्रो कंपनी बनाती है। इसकी अधिकतम स्‍पीड 67 किमी प्रतिघंटा है और यह एक बार तेल भरने के बाद 360 से लेकर 450 किमी तक जा सकती है।

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