US Iran: ट्रंप के दूत से अराघची की मुलाकात पर भड़के ईरान के कट्टरपंथी, बताया बड़ी गलती, राष्ट्रपति पेजेश्कियान भी घेरे में
Updated on
24-09-2026
तेहरान: ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची की न्यूयॉर्क में ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ के साथ सीधी बातचीत पर तेहरान में कट्टरपंथी भड़क गए हैं। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) से जुड़ी तस्नीम न्यूज की रिपोर्ट में कहा गया है कि अराघची की विटकॉफ से बातचीत सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल की मंजूरी के बिना हुई थी। रिपोर्ट में इस संपर्क को एक बड़ी गलती बताया गया है।अराघची की मुलाकात का विरोध
तस्नीम न्यूज का कहना है कि अराघची का अमेरिकी प्रतिनिधियों से संपर्क ईरान में निर्णय लेने वाली संस्थाओं की मंजूरी के बिना हुआ था। तस्नीम न्यूज ने सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के चीफ मोहसिन रेजाई के हवाले से कहा गया है कि अराघची को केवल मध्यस्थों के जरिए केवल ईरान की 7 शर्तें अमेरिको को बताने की मंजूरी थी। अराघची की विटकॉफ के साथ बातचीत ने कट्टरपंथियों को नाराज कर दिया है। रिपोर्ट में इस मुलाकात को बड़ी गलती बताते हुए सफाई देने की मांग की गई है।तस्नीम का कहना है कि जिम्मेदार संस्थाओं ने इस बैठक का विरोध किया था और अब वे अराघची से सफाई और माफी की मांग कर रहे हैं। आलोचना केवल मीडिया तक सीमित नहीं है। ईरानी सांसद भी अराघची की विटकॉफ से मुलाकात पर सवाल उठा रहे हैं।
अराघची-विटकॉफ की मीटिंग पर भड़के कट्टरपंथी
न्यूयॉर्क में हुई इस मुलाकात को लेकर तेहरान के कट्टरपंथी भड़के हुए हैं, जिसके बाद राष्ट्रपति पेजेश्कियान को दबाव का सामना करना पड़ रहा है। रूढ़िवादी और कट्टरपंथी नेताओं ने पेजेश्कियान को सुलह-सफाई वाले कदम न उठाने की चेतावनी दी है।
राष्ट्रपति पेजेश्कियान को चेतावनी
ईरान के कट्टरपंथी अखबार कयहान ने लिखा, 'न्यूयॉर्क मुस्कराने और बातचीत करने की जगह नहीं है।' अखबार ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र महासभा को अमेरिका के अपराधों के लिए एक अदालत में बदल दिया जाना चाहिए। अखबार ने लिखा, इस बात का ध्यान रखा जाना चाहिए कि न्यूयॉर्क यात्रा के दौरान ऐसा कोई संकेत न जाए, जिसे दुश्मन ईरान की कमजोरी के तौर पर देख सके।
IRGC से जुड़ी फार्स समाचार एजेंसी ने और भी कड़ा रुख अपनाया है और कहा कि पेजेश्कियान को न्यूयॉर्क जाना ही नहीं चाहिए था। रूढ़िवादी ईरानी नेता हुसैन कनानी-मोगदाम ने तर्क दिया कि ईरानी राष्ट्रपति की यात्रा का इस्तेमाल ट्रंप वैश्विक बाजार में तेल की कीमतें कम करने के लिए करना चाहते हैं।
अन्य महत्वपुर्ण खबरें