नितेश तिवारी की फिल्म 'रामायणम्' का ट्रेलर रिलीज होने के बाद से ही लगातार चर्चा में है। रणबीर कपूर से लेकर यश और साई पल्लवी के अलावा लारा दत्ता के अवतार तक को इसमें दिखाया गया है। विवेक ओबेरॉय की भी झलक दिखाई गई है, जो 'रामायणम्' में विद्युत जीवा का किरदार निभा रहे हैं। लेकिन असल में विद्युत जीवा था कौन? उसका रावण के साथ क्या कनेक्शन था? आखिर क्यों रामानंद सागर की 'रामायण' में विद्युजीवा का किरदार नहीं था? यहां सब बता रहे हैं:'रामायणम्' में एक्टर विवेक ओबेरॉय विद्युत जीवा का किरदार निभा रहे हैं। विद्युत जीवा असल में रावण की बहन शूर्पणखा का पति था। इस नाते वह रावण का जीजा या बहनोई था। बताया जाता है कि जब शूर्पणखा के पति विद्युत जीवा की मौत हो गई, तो वह एक खूबसूरत पति की तलाश में जंगल में भटकने लगी और तभी उसकी नजर भगवान राम पर पड़ी थी। वह उन पर मोहित हो गई और राम को पाने में भाई रावण की मदद मांगी। इसके लिए शूर्पणखा ने ही रावण को राम की पत्नी देवी सीता और उनकी सुदंरता का वास्ता दिया था। कहते हैं कि अगर शूर्पणखा न होती, तो 'रामायण' भी कभी ना होती।कौन था विद्युत जीवा? रावण ने क्यों किया था वध?
विद्युत जीवा असल में राजा कालकेय का सेनापति था। वह एक दानव राजकुमार था और राकस वंश से था, जो रावण का शत्रु था। उसी से रावण की बहन शूर्पणखा ने भागकर चुपके से शादी कर ली। जब रावण को यह मालूम हुआ, तो वह गुस्से से आगबबूला हो गया, और फिर उसने कालकेय के साथ युद्ध के दौरान विद्युत जीवा को मार डाला। भाई द्वारा युद्ध में पति के मारे जाने से शूर्पणखा बुरी तरह टूट गई थी, और विलाप करते हुए पूरी जिंदगी लंका और वहां के जंगलों में बिता दी। वह अपने दूसरे रिश्तेदारों खर और दूषण के साथ भी रहने लगी थी।रामानंद सागर की 'रामायण' से क्यों गायब था विद्युत जीवा?
रामानंद सागर की 'रामायण' में शूर्पणखा का किरदार एक्ट्रेस रेनू धारीवाल ने निभाया था, जबकि नितेश तिवारी की 'रामायणम्' में यह किरदार रकुल प्रीत सिंह निभा रही हैं। हालांकि, रामानंद सागर की 'रामायण' में विद्युत जीवा का किरदार नहीं दिखाया गया था, क्योंकि कहानी मुख्य रूप से शूर्पणखा की राम और लक्ष्मण से हुई उस मुलाकात पर केंद्रित थी, जो पौराणिक कथाओं के अनुसार उसके पति की मौत के बाद हुई थी। बताया जाता है कि शूर्पणखा भाई रावण से अपने पति की मौत का बदला लेना चाहती थी और इसीलिए उसने रावण और राम के बीच दुश्मनी करवाई।शूर्पणखा के किरदार की बात होती है, तो अभी भी रामानंद सागर की 'रामायण' की रेनु धारीवाल याद आ जाती हैं। उन्होंने इस किरदार को ऐसा निभाया कि आज तक दर्शकों के बीच अमर है। अब जब रकुल प्रीत सिंह शूर्पणखा बनकर सामने आई है, तो तुलना होना लाजमी है। हालांकि, शूर्पणखा का यह मॉडर्न अवतार दर्शकों को रास नहीं आ रहा है। वहीं रेनु धारीवाल ने शूर्पणखा बनकर रोल में जान फूंक दी थी। एक अजीब सी हंसी की बदौलत उन्हें यह रोल मिला और आज भी याद की जाती हैं। वह कई साल पहले एक्टिंग छोड़ चुकी हैं और अब कांग्रेस पार्टी की एक कार्यकर्ता हैं।