वॉशिंगटन: अमेरिका में मौजूद एक भारत विरोधी एक्टिविस्ट नेटवर्क राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत के खिलाफ मुहिम चला रहा है। यह एक्टिविस्ट नेटवर्क मोहन भागवत की अमेरिका यात्रा का विरोध कर रहा है। इस नेटवर्क को 'इंडियन अमेरिकन मुस्लिम काउंसिल'चला रही है, जिसे 'हिंदूज फॉर ह्यूमन राइट्स' (HfHR) का समर्थन हासिल है। इसने पहले भी भारत में अल्पसंख्यकों के अधिकारों, जातिगत भेदभाव और कथित मानवाधिकार उल्लंघनों जैसे मुद्दों पर बार-बार कैंपेन चलाए हैं। यह खुलासा न्यूज 18 नेटवर्क ने अपनी एक रिपोर्ट में किया है।न्यूज 18 की रिपोर्ट के अनुसार, इंडियन अमेरिकन मुस्लिम काउंसिल (IAMC) और हिंदूज फॉर ह्यूमन राइट्स (HfHR) अमेरिका में रहने वाले भारतीय समुदाय के बीच भारत के विवादास्पद राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों को उठाते रहे हैं। IAMC की स्थापना 2002 में गुजरात दंगों के बाद हुई थी और यह एक रजिस्टर्ड 501(c)(3) संगठन के तौर पर काम करता है, जिसके पूरे अमेरिका में कई चैप्टर हैं। यह भारत और भारतीय-अमेरिकी समुदाय पर केंद्रित मानवाधिकार और वकालत (एडवोकेसी) के ढांचे के तहत अपना काम करता है।रिपोर्ट में बताया गया है कि HfHR की स्थापना 2019 में हुई थी। यह अमेरिका स्थित एक एडवोकेसी ग्रुप है जिसके प्रमुख सुनीता विश्वनाथ और राजू राजगोपाल हैं। यह अमेरिका स्थित उन अन्य समूहों के साथ मिलकर काम करता है जो भारत-विरोधी विचार रखते हैं। इसने पहले सीनेट और हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स, स्टेट डिपार्टमेंट और USCIRF के लिए ब्रीफिंग आयोजित की हैं ताकि भारत को 'कंट्रीज ऑफ कंसर्न' (चिंताजनक देशों) की सूची में शामिल किया जा सके। इसने CAA, अनुच्छेद 370 को हटाने आदि के खिलाफ कैंपेन चलाया है और भारत में भीमा-कोरेगांव मामले में आतंकी आरोपों का सामना कर रहे लोगों का समर्थन किया है।
भारत विरोधी संगठनों के साथ इनके संबंध
यह भारत में प्रतिबंधित आतंकी संगठन स्टूडेंट्स इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया (SIMI) से जुड़े इंडियन अमेरिकन मुस्लिम काउंसिल के साथ भी काम करता है। इसके अलावा इसके संबंध काउंसिल ऑन अमेरिकन-इस्लामिक रिलेशंस, UAPA के खिलाफ अभियान चलाने वाले इंडिया सिविल इंटरनेशनल, भारतीय राजनीतिक दलों और प्रवासी भारतीयों को फासीवादी बताने वाले कोएलिशन अगेंस्ट फासिज्म इन इंडिया, धार्मिक स्वतंत्रता और अल्पसंख्यक अधिकार को लेकर झूठ फैलाने वाले डरेशन ऑफ इंडियन अमेरिकन क्रिश्चियन ऑर्गेनाइजेशन्स ऑफ नॉर्थ अमेरिका से भी है।
CJP आंदोलन में भी अमेरिका में किया था प्रदर्शन
रिपोर्ट के अनुसार, इस एक्टिविस्ट नेटवर्क में भारत में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के छात्र आंदोलन के दौरान भी अमेरिका में विरोध प्रदर्शन आयोजित किए थे। IAMC के चैप्टर और HfHR ने एक साथ मिलकर कैम्ब्रिज और हार्वर्ड स्क्वायर, न्यूयॉर्क का यूनियन स्क्वायर और सैन होजे में भारत विरोधी प्रदर्शनों में हिस्सा लिया था। इन विरोध-प्रदर्शनों को कथित दमन के खिलाफ एक बड़े संघर्ष के हिस्से के तौर पर पेश किया गया, जिसमें भारत की घटनाओं को मानवाधिकारों से जुड़े पहले से मौजूद नैरेटिव में शामिल किया गया।अमेरिका क्यों जा रहे मोहन भागवत?
- आरएसएस चीफ मोहन भागवत 25 अगस्त से अमेरिका, कनाडा और ब्रिटेन के दौरे पर जाने वाले हैं।
- संघ के शताब्दी वर्ष के सिलसिले में यह विदेश यात्रा हो रही है।
- मोहन भागवत 29 अगस्त को न्यूयॉर्क में 'यूनिवर्सल वननेस सेलिब्रेशंस' कार्यक्रम में शामिल होंगे।
- उनका स्थानीय भारतीय समुदाय और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ संवाद का कार्यक्रम है।
- भागवत इन देशों में स्थित स्थानीय संघों और संगठनों के निमंत्रण पर यह यात्रा करने वाले हैं।