अमेरिका में भारत विरोधी खालिस्तानियों को छूना भी होगा अपराध? संसद में पेश हुआ नया 'ट्रांसनेशनल' कानून

Updated on 22-07-2026
वॉशिंगटन: अमेरिका अपने देश में रहने वाले खालिस्तानियों और दूसरे देशों के आतंकवादियों को बचाने के लिए नया कानून लाने जा रहा है। इस कानून के तहत अमेरिका में रहने वाले कथित 'राजनीतिक विरोधियों' और 'एक्टिविस्टों को डराने-धमकाने की विदेशी सरकारों की कोशिशों को अपराध की श्रेणी में लाया जाएगा। इसे स्टॉप ट्रांसनेशनल रिप्रेशन एक्ट 2026 नाम दिया गया है। अमेरिका ने ऐसे कानून पर चर्चा तब शुरू हुई है, जब खालिस्तानी आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू को लेकर भारत के साथ रिश्तों में तनाव है।

किसने पेश किया विधेयक


इस विधेयक को डेमोक्रेटिक सीनेटर एडम शिफ और रिपब्लिकन सीनेटर जॉन कर्टिस ने प्रायोजित किया है। अगर यह विधेयक कानून बनता है तो अमेरिका में पहली बार ट्रांसनेशनल रिप्रेशन को एक खास संघीय अपराध बनाया जाएगा। इससे अमेरिकी धरती पर असहमति को दबाने की विदेशी कोशिशों की जांच और उन पर मुकदमा चलाने के लिए जस्टिस डिपार्टमेंट और FBI का अधिकार क्षेत्र बढ़ेगा।

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