A PHP Error was encountered

Severity: Notice

Message: Undefined variable: description

Filename: views/header.php

Line Number: 9

" />
"> मध्यप्रदेश
"> देश
"> विदेश

भारत के साथ कूटनीति की राह पर आएगा पाकिस्तान? RSS नेता के बयान के बाद क्या कह रहे एक्सपर्ट, जानें

Updated on 18-05-2026
इस्लामाबाद: बीते हफ्ते भारत में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह (महासचिव) दत्तात्रेय होसबले के पाकिस्तान के साथ संवाद जारी रखने का बयान दिया तो इसका असर सीमा पर तक देखा गया। पाकिस्तान ने तुरंत इस पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी, जैसे वह इस तरह के बयान की ही प्रतीक्षा कर रहा था। पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने इसे सकारात्मक कदम बताया, इससे दोनों देशों के बीच तनाव कम होने की उम्मीदें बढ़ी हैं।

बीते बुधवार 13 मई को होसबले ने कहा था कि नई दिल्ली और इस्लामाबाद के बीच बातचीत के लिए हमेशा एक रास्ता खुला रहना चाहिए। हालांकि, RSS एक गैर-राजनीतिक संगठन है लेकिन भारत की सत्ताधारी बीजेपी के लिए वैचारिक प्रेरणास्रोत होने के नाते इसकी इसके नेताओं के बयान का काफी महत्व है। पाकिस्तान के साथ संवाद का बयान तो RSS में नंबर दो की हैसियत रखने वाले नेता ने दिया था।

तनाव के बीच खुल सकती है संवाद की खिड़की

पिछले साल मई में हुई संक्षिप्त लेकिन तीखी झड़प के बाद भारत और पाकिस्तान के रिश्ते बेहद तनावपूर्ण रहे हैं। हालांकि, इन बयानों के बाद दोनों तरफ से खिड़की खुलने की उम्मीद जताई जा रही है। हालांकि, एक्सपर्ट अभी इन प्रयासों को सावधानीपूर्वक देख रहे हैं।

वॉशिंगटन स्थित थिंक टैंक स्टिमसन सेंटर के दक्षिण एशिया कार्यक्रम की निदेशक एलिजाबेथ थ्रेलकेल्ड ने साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट से कहा, अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि बातचीत के प्रति खुलेपन के हालिया संकेत किसी ठोस कदम में बदल पाएंगे या नहीं। लेकिन गौर करने लायक बात है कि दोनों पक्ष बातचीत के लिए शांत और गोपनीय रास्तों की तलाश कर रहे हैं।थ्रेलकेल्ड अमेरिकी विदेश विभाग में भी काम कर चुकी हैं। उनका कहना है कि बातचीत की पूर्व में संकटों के दौरान ऐसी ही अपीलों के बाद कूटनीतिक पहले हुई थीं। हालांकि, वे याद दिलाती हैं कि दोनों देशों के संबंध अभी भी बहुत निचले स्तर पर हैं।

भू-राजनीतिक बदलावों का दोनों पर असर

उन्होंने दोनों देशों के बीच चुनौतियों का जिक्र किया जिनमें ईरान के साथ अमेरिका-इजरायल का युद्ध और व्यापक भू-राजनीतिक बदलाव प्रमुख हैं। थ्रेलकेल्ड ने कहा कि अगर ये चुनौतियां न होतीं तो अभी भी उच्च खतरा बना रहता। हालांकि, पिछले दिनों हुए कुछ ऐसे फैसले हुए हैं जिसने सभी का ध्यान खींचा है। इसमें भारत के खेल मंत्रालय की घोषणा भी है, जिसमें पाकिस्तानी खिलाड़ियों को भारत में होने वाले इंटरनेशनल इवेंट्स में हिस्सा लेने की इजाजत देने की बात कही गई है।

क्रिकेट डिप्लोमेसी करेगी काम?

इसी क्रम में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट काउंसिल के भारतीय चेयरमैन जय शाह ने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के प्रमुख मोहसिन नकवी को भारत आने का न्योता दिया है। यह न्योता इसी महीने के आखिर में ICC की एक अहम बैठक में शामिल होने के लिए दिया गया है। हालांकि, अभी नकवी ने आने की पुष्टि नहीं की है, लेकिन अगर न्योता स्वीकार करते हैं तो उनकी भारत में मौजूदगी का राजनीतिक महत्व होगा। नकवी पाकिस्तान के गृह मंत्री भी हैं।

पाकिस्तान ने भारत की तरफ से संवाद के बयान को सकारात्मक बताया है। गुरुवार को इस्लामाबाद में पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ताहिर अंद्राबी ने कहा, हमें उम्मीद है कि भारत में समझदारी की जीत होगी और युद्ध को भड़काने वाली बातें खत्म होंगी, जिससे शांति की कोशिश वाली आवाजों के लिए रास्ता खुलेगा।

एक्सपर्ट जता रहे स्थिरता की उम्मीद

अमेरिका स्थित दक्षिण एशिया मामलों के वरिष्ठ एक्सपर्ट माइक कुगलमैन भी रिश्तों में स्थिरता की उम्मीद करते हैं। SCMP में कुगलमैन के हवाले से कहा गया कि भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष के बाद संबंधों का इतिहास इस बात का संकेत देता है कि दोनों देशों के बीच रिश्तों में कुछ हद तक स्थिरता देखने को मिल सकती है। उन्होंने कहा कि हाल के संकेत एक ऐसी अलिखित सहमति की तरफ इशारा करते हैं कि कोई भी तनाव को बढ़ाने का जोखिम नहीं उठाना चाहता।

अन्य महत्वपुर्ण खबरें