सबसे महत्वपूर्ण मीटिंग जो हुई द्विपक्षीय वो चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ हुई और ईरान के राष्ट्रपति इसमें आए..और मैं मानता हूं कि इतने महत्वपूर्ण लोगों के होने के बावजूद उनका काफी प्रभाव (साझा घोषणापत्र में) देखने को मिला इस सम्मेलन में, जो मैं मानता हूं कि एक बहुत अच्छी बात है।
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की सफलता पर जताया संतोष
- उन्होंने कहा कि जब ईरान पर इजरायल और अमेरिका ने हमला किया था, तो कहीं न कहीं भारत अलग-थलग नजर आया था।
- उन्होंने ईरान युद्ध के शुरुआती दिनों में उसके सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के मारे जाने के दौरान पैदा हुई कूटनीतिक परिस्थितियों का भी जिक्र किया।
- उन्होंने कहा कि फिलिस्तीन के मुद्दे पर भारत एक बार फिर से अपने परंपरागत स्टैंड पर लौटता हुआ नजर आ रहा है, जो कि संतोष की बात है।
- हालांकि, उन्होंने कहा कि मेरा मानना है कि चीन ने पीठ में खंजर भोंके हैं, इसलिए उसपर आसानी से भरोसा नहीं किया जा सकता।
- उन्होंने कहा कि बातचीत होती रहनी चाहिए, लेकिन उसपर भरोसा करना मुश्किल है।
- उन्होंने ये भी कहा है कि शायद द्विपक्षीय बातचीत के दौरान भारत-चीन के बीच कुछ तलखी भी पैदा हुई और शायद यही वजह है कि डिनर के लिए शी जिनपिंग नहीं आए।
मोटा-मोटी मैं मानता हूं कि इसको देखने का जो नजरिया है, आदमी कह सकता है कि गिलास आधा भरा हुआ है, आधा खाली है। लेकिन मैं मानता हूं कि पूरे गिलास को देखिए। उसमें आप पाएंगे कि आधा भरा हुआ तो है ही, आधा खाली भी है..।
लेकिन भारत ने बहुत ही सफलता के साथ इसमें अपनी भूमिका निभाई। चेयरमैनशिप के रोल को अदा किया और बहुत सी चीजों को हमने इस तरह कि भाषा में डाला कि सब लोगों ने उसे स्वीकार किया।
यशवंत सिन्हा कैसे बन गए पीएम मोदी के आलोचक
- यशवंत सिन्हा बीजेपी में रहते हुए बीजेपी और मोदी सरकार के बहुत बड़े आलोचक बन गए थे। 2017 से उन्होंने खुलकर मोदी सरकार की आर्थिक नीतियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।
- 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले तो उन्होंने लोकतंत्र खतरे में की आवाज उठाते हुए बीजेपी तक छोड़ दी।
- राफेल डील के खिलाफ उन्होंने अरुण शौरी और प्रशांत भूषण से हाथ मिला लिया और सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गए।
- बाद में उन्होंने तृणमूल कांग्रेस में भी अपनी सियासी संभावनाएं तलाशीं और 2022 में राष्ट्रपति चुनाव में विपक्ष के संयुक्त उम्मीदवार तक बन। लेकिन, राजनीतिक मोर्चे पर वह लगातार साइडलाइन होते चले गए।